For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आदरणीय साहित्य प्रेमियो,

सादर अभिवादन ।

पिछले 91 कामयाब आयोजनों में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर बड़े जोशोखरोश के साथ बढ़-चढ़ कर कलम आज़माई की है. जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर नव-हस्ताक्षरों, के लिए अपनी कलम की धार को और भी तीक्ष्ण करने का अवसर प्रदान करता है. इसी सिलसिले की अगली कड़ी में प्रस्तुत है :

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92

विषय - "धूप-छाँव"

आयोजन की अवधि- 15 जून 2018, दिन शुक्रवार से 16 जून 2018, दिन शनिवार की समाप्ति तक

(यानि, आयोजन की कुल अवधि दो दिन)

बात बेशक छोटी हो लेकिन ’घाव करे गंभीर’ करने वाली हो तो पद्य- समारोह का आनन्द बहुगुणा हो जाए. आयोजन के लिए दिये विषय को केन्द्रित करते हुए आप सभी अपनी अप्रकाशित रचना पद्य-साहित्य की किसी भी विधा में स्वयं द्वारा लाइव पोस्ट कर सकते हैं. साथ ही अन्य साथियों की रचना पर लाइव टिप्पणी भी कर सकते हैं.

उदाहरण स्वरुप पद्य-साहित्य की कुछ विधाओं का नाम सूचीबद्ध किये जा रहे हैं --

तुकांत कविता
अतुकांत आधुनिक कविता
हास्य कविता
गीत-नवगीत
ग़ज़ल
नज़्म
हाइकू
सॉनेट
व्यंग्य काव्य
मुक्तक
शास्त्रीय-छंद (दोहा, चौपाई, कुंडलिया, कवित्त, सवैया, हरिगीतिका आदि-आदि)

अति आवश्यक सूचना :-

रचनाओं की संख्या पर कोई बन्धन नहीं है. किन्तु, एक से अधिक रचनाएँ प्रस्तुत करनी हों तो पद्य-साहित्य की अलग अलग विधाओं अथवा अलग अलग छंदों में रचनाएँ प्रस्तुत हों.

रचना केवल स्वयं के प्रोफाइल से ही पोस्ट करें, अन्य सदस्य की रचना किसी और सदस्य द्वारा पोस्ट नहीं की जाएगी.
रचनाकारों से निवेदन है कि अपनी रचना अच्छी तरह से देवनागरी के फॉण्ट में टाइप कर लेफ्ट एलाइन, काले रंग एवं नॉन बोल्ड टेक्स्ट में ही पोस्ट करें.
रचना पोस्ट करते समय कोई भूमिका न लिखें, सीधे अपनी रचना पोस्ट करें, अंत में अपना नाम, पता, फोन नंबर, दिनांक अथवा किसी भी प्रकार के सिम्बल आदि भी न लगाएं.
प्रविष्टि के अंत में मंच के नियमानुसार केवल "मौलिक व अप्रकाशित" लिखें.
नियमों के विरुद्ध, विषय से भटकी हुई तथा अस्तरीय प्रस्तुति को बिना कोई कारण बताये तथा बिना कोई पूर्व सूचना दिए हटाया जा सकता है. यह अधिकार प्रबंधन-समिति के सदस्यों के पास सुरक्षित रहेगा, जिस पर कोई बहस नहीं की जाएगी.
सदस्यगण बार-बार संशोधन हेतु अनुरोध न करें, बल्कि उनकी रचनाओं पर प्राप्त सुझावों को भली-भाँति अध्ययन कर संकलन आने के बाद संशोधन हेतु अनुरोध करें. सदस्यगण ध्यान रखें कि रचनाओं में किन्हीं दोषों या गलतियों पर सुझावों के अनुसार संशोधन कराने को किसी सुविधा की तरह लें, न कि किसी अधिकार की तरह.

आयोजनों के वातावरण को टिप्पणियों के माध्यम से समरस बनाये रखना उचित है. लेकिन बातचीत में असंयमित तथ्य न आ पायें इसके प्रति टिप्पणीकारों से सकारात्मकता तथा संवेदनशीलता अपेक्षित है.

इस तथ्य पर ध्यान रहे कि स्माइली आदि का असंयमित अथवा अव्यावहारिक प्रयोग तथा बिना अर्थ के पोस्ट आयोजन के स्तर को हल्का करते हैं.

रचनाओं पर टिप्पणियाँ यथासंभव देवनागरी फाण्ट में ही करें. अनावश्यक रूप से स्माइली अथवा रोमन फाण्ट का उपयोग न करें. रोमन फाण्ट में टिप्पणियाँ करना, एक ऐसा रास्ता है जो अन्य कोई उपाय न रहने पर ही अपनाया जाय.

(फिलहाल Reply Box बंद रहेगा जो - 15 जून, 2018, दिन शुक्रवार लगते ही खोल दिया जायेगा)

यदि आप किसी कारणवश अभी तक ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार से नहीं जुड़ सके है तो www.openbooksonline.com पर जाकर प्रथम बार sign up कर लें.

महा-उत्सव के सम्बन्ध मे किसी तरह की जानकारी हेतु नीचे दिये लिंक पर पूछताछ की जा सकती है ...
"OBO लाइव महा उत्सव" के सम्बन्ध मे पूछताछ

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" के पिछ्ले अंकों को पढ़ने हेतु यहाँ क्लिक करें

मंच संचालक
मिथिलेश वामनकर
(सदस्य कार्यकारिणी टीम)
ओपन बुक्स ऑनलाइन डॉट कॉम.

Views: 3259

Replies are closed for this discussion.

Replies to This Discussion

मुह तरमा प्रतिभा साहिबा , ग़ज़ल पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया |

जिंदगी के विभिन्न पहलुओं को छूते उम्दा अशआर कहने के लिए दिली मुबारकबाद जनाब तस्दीक अहमद साहब

जनाब सतविंदर कुमार साहिब, ग़ज़ल पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया |

वाह ... बेहतरीन ग़ज़ल .... बहुत खूब ।

जनाब भाई सतीश साहिब , ग़ज़ल पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया |

आदरणीय तस्दीक अहमद जी प्र्दत्त्त विषय पर शानदार गजल हार्दिक बधाई 

जनाब सत्यनारायण साहिब , ग़ज़ल पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया |

धूप-छाँव ( दोहे)

संघर्षों की रीत है, पल-पल खिलती धूप
और छाँव है दोस्तो, उसके फल का रूप।१।


जीवन भरती धूप तो, देती है सुख छाँव
इसी आस में चल रहे, लेकर छाले पाँव।२।


गुजरे जिसकी जिन्दगी, धूप छाँव के बीच
उसको तो सब एक सा, सूखा हो या कीच।३।


नगर बसे हैं या कहो, हुए खन्डहर गाँव
मिलती है बहुरूप में, साथ धूप के छाँव।४।


मौसम ऐसा  क्यों  करे, बोलो  तो बर्ताव
मोल बढ़े जो छाँव का, घटे धूप का भाव ।५।


करे  गुनगुनी  धूप  की, मनुहारें  हर  गाँव
इक मौसम ऐसा रहे, खलती है जब छाँव।६


मनुहारों के साथ हो, थोड़ी तो तकरार
धूप छाँव सी प्रीत से, सुंदर घर संसार।७।


रंगहीन  सी  छाँव  है, पर  सतरंगी  धूप
मगर कमी से एक की, सजे न जीवन रूप।८।


यादों  में  रख  छाँव को, तपन  धूप  की झेल
जीवन जिसका नाम वो, सुखदुख का है मेल।९।


हर  मन   को  यूँ  भिन्न  है, धूप  छाँव  का  अर्थ
फिर भी इनपर घिस रहा, कलम मुसाफिर व्यर्थ।१०।


मौलिक/अप्रकाशित )

आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सादर  अभिवादन विषयानुकूल सुंदर रचना पढ़कर मन मयूर झूम उठा ,दिली मुबारकबाद कुबूल कीजिए

आ. भाई छोटेलाल जी, उत्साहवर्धन के लिए आभार।

वाह जीवन के कई रूप इन दोहों में समेट दिए हैं आपने ....खूब बधाई

आ. भाई गुमनाम जी, दोहों की प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद ।

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Anjuman Mansury 'Arzoo' commented on Anita Maurya's blog post एक साँचे में ढाल रक्खा है
"मुहतरमा अनिता मौर्य जी आदाब, अच्छे अशआर कहे आपने, दाद क़ुबूल फ़रमाएं। समर कबीर साहिब से सहमत हूँ।…"
1 hour ago
Dr. Vijai Shanker commented on vijay nikore's blog post श्रध्दांजलि
"आदरणीय विजय निकोर जी , आपकी लेखनी के साथ साथ आपके विचार बहुत गंभीर होते हैं और भावनाएं मानवता से…"
5 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Sushil Sarna's blog post अपने दोहे .......
"आदरणीय सुशील सरना जी , सच्ची पूजा का नहीं, समझा कोई अर्थ ।बिना कर्म संंसार में,अर्थ सदा है व्यर्थ…"
5 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Anita Maurya's blog post एक साँचे में ढाल रक्खा है
"अच्छा है , बधाई , सादर."
5 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Anita Maurya's blog post एक साँचे में ढाल रक्खा है
"मुहतरमा अनिता मौर्य जी आदाब, अच्छे अशआर कहे आपने, दाद क़ुबूल फ़रमाएं। समर कबीर साहिब से सहमत हूँ।…"
7 hours ago
Samar kabeer commented on Anita Maurya's blog post एक साँचे में ढाल रक्खा है
"मुहतरमा अनीता मौर्य जी आदाब, ओबीओ पर आपकी ये पहली रचना है शायद । अच्छे अशआर हैं, इसे ग़ज़ल इसलिये…"
8 hours ago
Anita Maurya posted a blog post

एक साँचे में ढाल रक्खा है

२१२२ १२१२ २२ फ़ाइलातुन मुफ़ाइलुन फ़ैलुन एक साँचे में ढाल रक्खा है हम ने दिल को सँभाल रक्खा हैतेरी…See More
8 hours ago
Samar kabeer and Anita Maurya are now friends
8 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Anjuman Mansury 'Arzoo''s blog post ग़ज़ल - फिर ख़ुद को अपने ही अंदर दफ़्न किया
"//अजदाद आदत के रूप में भी हम में रहते हैं// ये तो बच्चे भी जानते हैं, आप मुझे ये समझाइये कि किसी की…"
9 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post हे राम (लघुकथा)-
"हार्दिक आभार आदरणीय रक्षिता जी।"
15 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post हे राम (लघुकथा)-
"हार्दिक आभार आदरणीय जवाहर लाल सिंह जी।"
15 hours ago
Anjuman Mansury 'Arzoo' commented on Anjuman Mansury 'Arzoo''s blog post ग़ज़ल - फिर ख़ुद को अपने ही अंदर दफ़्न किया
"मुहतरम अमीरुद्दीन अमीर साहब आदाब, ग़ज़ल तक पहुंचने और हौसला अफ़ज़ाई करने के लिए तहे दिल से शुक्रिया,…"
15 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service