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सतविन्द्र कुमार राणा's Discussions (3,235)

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"अर्थ सकल जो प्रेम के, जानें इनको जान दोहे जितने कह दिए, सम्माहित है ज्ञान।"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Feb 13, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-136

22 Feb 13, 2022
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"सॉनेट (आशु प्रयास) कुछ दिल में कुछ घर में, कुछ खेतों के अंदर कुछ गाँव, गली, कूचे के…"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Jan 15, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-135

82 Jan 16, 2022
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"बहुत खूब आदरणीया, इतने दिन का लेखा जोखा। सादर"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Jan 15, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-135

82 Jan 16, 2022
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"सुन्दर कह दोहावली, याद कराते याद धामी जी इस याद का, याद रहेगा स्वाद।।"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Jan 15, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-135

82 Jan 16, 2022
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आदरणीय रवि प्रभाकर जी, लघुकथा ने एक सृजक, चिंतक , आलोचक ही नहीं खोया, आपके रूप में म…"

सतविन्द्र कुमार राणा replied May 23, 2021 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3526 Jan 25
Reply by Samar kabeer

"विनम्र श्रद्धांजलि!  भारी वक्त है, ईश्वर शीघ्र उबारें!"

सतविन्द्र कुमार राणा replied May 2, 2021 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3526 Jan 25
Reply by Samar kabeer

"खुशी से ये जियादा और कम ऐसा भी होता है,लगे जो खास ही हमको कि ग़म ऐसा भी होता है। तुम…"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Mar 27, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-129

330 Mar 27, 2021
Reply by Samar kabeer

"बहुत बढ़िया, सादर बधाई"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Mar 14, 2021 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-125

17 Mar 14, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"सादर नमन, सुन्दर गीत सृजन"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Mar 14, 2021 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-125

17 Mar 14, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"दोहों ने अच्छी कही, पूरी मन की बात, खूब बधाई लीजिए, हे धामी जी तात।"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Mar 14, 2021 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-125

17 Mar 14, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

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दोहा पंचक. . . . .

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"जी सृजन के भावों को मान देने और त्रुटि इंगित करने का दिल से आभार । सहमत एवं संशोधित"
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"'सच्चाई अभी ज़िन्दा है जो मुल्क़ में यारो इंसाफ़ को फ़िर लोग सदा क्यों नहीं देते' ऊला यूँ…"
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"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर्, "बिना डर" डीलीट होने से रह गया।क्षमा चाहती…"
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"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए है। हार्दिक बधाई। लेकिन यह दोहा पंक्ति में मात्राएं…"
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"आ. भाई बलराम जी, सादर अभिवादन। शंका समाधान के लिए आभार।  यदि उचित लगे तो इस पर विचार कर सकते…"
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Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
"//सच्चाई अभी ज़िन्दा है जो मुल्क़ में यारो इंसाफ़ को फ़िर लोग बिना डर के सदा नहीं देते // सानी…"
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा मुक्तक .....
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी"
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Balram Dhakar commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल : बलराम धाकड़ (पाँव कब्र में जो लटकाकर बैठे हैं।)
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, सादर नमस्कार। आपकी शिरकत ग़ज़ल में हुई, प्रसन्नता हुई। आपकी आपत्ति सही है,…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल : बलराम धाकड़ (पाँव कब्र में जो लटकाकर बैठे हैं।)
"आ. भाई बलराम जी, सादर अभिवादन। बेहतरीन गजल हुई है। हार्दिक बधाई।  क्या "शाइर" शब्द…"
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बृजेश कुमार 'ब्रज' posted a blog post

ग़ज़ल-रफ़ूगर

121 22 121 22 121 22 सिलाई मन की उधड़ रही साँवरे रफ़ूगर सुराख़ दिल के तमाम सिल दो अरे रफ़ूगर उदास रू…See More
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