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खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

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आदरणीय बागी भाई जी , आपकी सद्भावनाओं के लिये आपका हृदय से आभारी हूँ , मै सर त पा हमेशा ही आप सब के साथ ही हूँ आदरणीय बागी भाई जी , पुनः आभार आपका , और आपकी इस सरलता के लिये साधुवाद ॥

 जन्म दिन की हार्दिक बधाई भाई गिरिराज जी।

आदरणीय बड़े भाई विजय जी , आपका हार्दिक आभार ।

आदरणीय गिरिराज सर जी. जन्मदिन की आपको ढेरों शुभकामनायें. ईश्वर से यही कामना है आप सदा स्वस्थ , संपन्न रहें.

सादर!

आदरणीय जीतेन्द्र भाई , आपकी सद्भावनाओं के लिये आपका हृदय से आभारी हूँ ॥

जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें आ० गिरिराज जी ,मोबाइल से ओपन बुक ओन लाइन खुलने में प्रोब्लम कर रहा था |इस लिए लेट हुई 

आदरणीया राजेश जी , आपकी सद्भावनाओं के लिये आपका हृदय से आभारी हूँ

आदरणीय सौरभ जी. आपके साथ दुर्घटना की खबर अभी पढ़ी, आप ठीक  है जानकार बड़ा संतोष मिला. भगवान् से कामना है मेरी आप जल्द से जल्द पूर्ण स्वस्थ हो जाएँ . अपना ख्याल रखियेगा  ,सर. किसी प्रकार से लापरवाही न बरतीयेगा

सादर!

आदरणीय नादिर खान भाई , आपकी सद्भावनाओं के लिये आपका  हृदय से आभारी हूँ ।

आदरणीय सौरभ पाण्डेय सर आपके दुर्घटना का समाचार अभी साईट पर पढ़ा ,पर ये जानकार की आपको विशेष चोट नहीं लगी है, मन को बड़ी राहत मिली , ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि आपको अति शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो ! सादर 

आदरणीय सौरभ भाई जी से अभी फोन पर बात हुई। वे ठीक ठाक और हज़्ब-ए-मामूल सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर और चहक रहे हैं। जिस तरह एक मोटर साइकल सवार ने अचानक टक्कर मारी तो होने को तो कुछ भी हो सकता था, लेकिन मालिक की कृपा रही कि आदरणीय को चेहरे पर कुछ खरोचें ही आईं। उनसे बात करके मन ठंडा हुआ, प्रभु उन्हें हमेशा नज़्र-ए-बद से बचाकर रखें। 

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