For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

Views: 59438

Reply to This

Replies to This Discussion

जनाब गणेश जी 'बाग़ी' साहिब आदाब, आपकी महब्बतों और क़ीमती दुआओं के लिये आपका तह-ए-दिल से शुक्र गुज़ार हूँ, सलामत रहें ।

मुहतरम समर कबीर साहिब आदाब, आप की उम्र में इज़ाफ़ा हो, तमाम ने'मतें और बरकतें और ख़ुशियाँ आपको हासिल हों और अल्लाह की रहमतों का नुज़ूल आप पर होता रहे और आपके इल्म की रौशनी से तमाम तालिब-ए-इल्म फ़ैज़याब होते रहें। आमीन। 

जनाब अमीरुद्दीन 'अमीर' साहिब, आपकी महब्बतों और क़ीमती दुआओं के लिये आपका तह-ए-दिल से शुक्र गुज़ार हूँ ।

आदरणीय श्री समर कबीर साहब को जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं। भगवान उन्हें सदैव स्वस्थ रखें एवं लंबी उम्र दें।

जनाब आशीष यादव जी, आपकी महब्बतों और दुआओं के लिये आपका तह-ए-दिल से शुक्र गुज़ार हूँ ।

जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं आदरणीय समर कबीर साहिब।

जनाब योगराज प्रभाकर साहिब, आपका तह-ए-दिल से शुक्र गुज़ार हूँ ।

आदरणीय समर कबीर साहब को( विलंब के लिये क्षमा के साथ) जन्मदिन की अशेष शुभकामनाएँ। आप सदा स्वस्थ रहें और हमारे इस मंच को आपका सक्रीय मार्गदर्शन सदैव इसी तरह मिलता रहे ईश्वर से यही प्रार्थना है।

बहुत बहुत शुक्रिय: मुहतरमा प्रतिभा पाण्डेय जी, सलामत रहें ।

आदरणीय समर कबीर साहब को यौमे पैदाइश के मुबारक मौके पर हार्दिक शुभकामनाएँ .. 

आपकी साहित्यिक यात्रा अनवरत जारी रहे. 

शुभातिशुभ

जनाब सौरभ पाण्डेय जी, आपका तह-ए-दिल से शुक्र गुज़ार हूँ ।

आ. भाई समर कबीर जी, को जन्म दिवस की असीम हार्दिक शुभकामनाएँ।

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Hiren Arvind Joshi left a comment for Saurabh Pandey
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम! मैंने चित्र से काव्य 129 में अपनी रचना प्रेषित की थी परन्तु रचना एवं…"
1 hour ago
Usha Awasthi shared their blog post on Facebook
4 hours ago
Usha Awasthi shared their blog post on Facebook
4 hours ago
Profile IconChetan Prakash, अमीरुद्दीन 'अमीर' and 2 other members joined Admin's group
Thumbnail

अतिथि की कलम से

"अतिथि की कलम से" समूह में ऐसे साहित्यकारों की रचनाओं को प्रकाशित किया जायेगा जो ओपन बुक्स ऑनलाइन…See More
4 hours ago
Usha Awasthi posted a blog post

साल पचहत्तर बाद

कैसे अपने देश की नाव लगेगी पार?पढ़ा रहे हैं जब सबक़ राजनीति के घाघजिनके हाथ भविष्य की नाव और…See More
4 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Admin's group अतिथि की कलम से
"जी, आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी। आदरणीय वरिष्ठ सदस्यगण अशोक रक्ताले जी और लक्ष्मण धामी मुसाफ़िर जी…"
5 hours ago
Nilesh Shevgaonkar posted a blog post

ग़ज़ल नूर की- ज़ुल्फ़ों को ज़ंजीर बना कर बैठ गए

.ज़ुल्फ़ों को ज़ंजीर बना कर बैठ गए किस किस को हम पीर बना कर बैठ गए. . यादें हम से छीन के कोई दिखलाओ…See More
7 hours ago
Aazi Tamaam posted a blog post

ग़ज़ल: आख़िरश वो जिसकी खातिर सर गया

2122 2122 212आख़िरश वो जिसकी ख़ातिर सर गयाइश्क़ था सो बे वफ़ाई कर गयाआरज़ू-ए-इश्क़ दिल में रह…See More
7 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' posted a blog post

ग़ज़ल (क़वाफ़ी चंद और अशआर कहने हैं कई मुझको)

1222 - 1222 - 1222 - 1222 क़वाफ़ी चंद और अशआर कहने हैं कई मुझकोचुनौती दे रहे हैं चाहने वाले नई…See More
7 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा त्रयी. . . . . .राजनीति

दोहा त्रयी : राजनीतिजलकुंभी सी फैलती, अनाचार  की बेल ।बड़े गूढ़ हैं क्या कहें, राजनीति के खेल…See More
7 hours ago
Anamika singh Ana added a discussion to the group पुस्तक समीक्षा
7 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Admin's group अतिथि की कलम से
"आदरणीय अमीरुद्दीन अमीर जी, यह ग्रुप ओबीओ के शैशवकाल से ही है.  सो जितना पुराना ओबीओ उतना…"
15 hours ago

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service