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प्रिय मित्र के अमेरिका से अपने देश" भारत " आने पर ,

आपका आपके देश भारत में , तहेदिल से स्वागत है .

                           अभिनंदन

अर्पित पुष्प , ललाट पे चंदन ,
अभिनंदन , अभिनंदन , अभिनंदन ,

बाजे ढोल , शहनाई की गुंजन ,
अभिनंदन , अभिनंदन , अभिनंदन ,

व्यग्र हृदय , अतिउत्सुक मन ,
अभिनंदन , अभिनंदन , अभिनंदन ,

नम नयन , करें तुझको वंदन ,
अभिनंदन , अभिनंदन , अभिनंदन ,

अश्क

"मौलिक व अप्रकाशित"

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Comment

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Comment by अशोक कत्याल "अश्क" on April 24, 2013 at 8:56am

 माननीय , अशोक जी एवम् प्राची जी ,

आप गुरुजनों  नें  सराहा और उत्साह वर्धक प्रतिक्रिया  दी , इसके लिए आप सभी  का बहुत बहुत धन्यवाद ,

आपकी समझाइश पर कोशिश कर रहा हूँ ,
स्नेह बनाए रखें ,

सादर

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 24, 2013 at 8:36am

वाह! बढ़िया स्वागत.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on April 23, 2013 at 12:15pm

स्वदेश लौटे मित्र के स्वागत में बहुत खूबसूरत भाव समर्पण..

हार्दिक बधाई आ० अशोक कत्याल जी 

किन्तु गेयता के अवरोधों को मात्रा संयोजन पर थोडा सा और वक़्त दे कर बहुत खूबसूरती से साधा जा सकता था.

कृपया ध्यान दे...

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