For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

हैं हर-सू धमाके अमन हो रहा है

यूँ बदनाम अपना वतन हो रहा है
था धरती कभी अब गगन हो रहा है

जो चढ़ फूल देवों 'प' इतरा रहे हैं
बे-ईमान सारा चमन हो रहा है

जो पग में चुभा था कभी खार बनके
वो झूठा फरेबी सुमन हो रहा है

दी आहूति सपनों भरी अब युवा ने
लो सपनों बिना ही हवन हो रहा है

है दहशत भरी उस गली की कहानी
यूँ करके धमाके अमन हो रहा है

है चन्दन किसी की चिता के लिए अब
औ चिथड़ा किसी का कफ़न हो रहा है

जो बस पढ़ रहा है रुपैया कमाना
वो अब तो यहाँ का रमन हो रहा है

लो अब बिक न जाए हमारा वतन ये
तो बेचैन व्याकुल ये मन हो रहा है

जो खुद दीप घर के बुझा के चला था
वो गद्दार शीतल पवन हो रहा है

संदीप पटेल "दीप"

Views: 464

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by अरुण कान्त शुक्ला on June 8, 2012 at 2:25pm

जो बस पढ़ रहा है रुपैया कमाना
वो अब तो यहाँ का रमन हो रहा है...

इसी देश में कुछ दशक पहले भी शिक्षकों को अन्य पेशों के मुकाबले कम मेहनताना प्राप्त होता था , पर वे असंतुष्ट नहीं रहते थे , क्योंकि समाज में उनका सम्मान था और एक प्रतिष्ठित स्थान था | उस स्थान को छीनने के बाद , परंपरागत पढाई को नंगा कर कोने में बिठालने के बाद , उसकी जगह बाजार में प्रोफेशनल शिक्षा देने के नाम पर , खुद के सहित सब कुछ बेचने की कला सिखाने वाली पढाई को प्रमुखता देने के बाद , आपको लगता है कि बेस्ट माईन्ड्स के लिए शिक्षा के क्षेत्र में कोई स्थान है ?

आपकी पंक्तियों ने छू लिया .. बधाई |

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on June 7, 2012 at 8:47pm

परम आदरणीय Ganesh Jee "Bagi" सर जी सादर नमन 

मैंने आपका इशारा समझ गया इसको मैं इस तरह से एडिट कर रहा हुँ
यूँ कहते धमाके अमन हो रहा है

इस हौसलाफजाई के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद और सादर आभार सादर नमन आपको

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on June 7, 2012 at 8:45pm

आदरणीय Albela Khatri सर जी , आदरणीय AVINASH S BAGDE सर जी , आदरणीय  आशीष यादव जी , आदरणीय Nilansh जी आदरणीया  Rekha Joshi महोदया जी ,आदरणीया  rajesh kumari महोदया जी

आप सभी का ह्रदय से धन्यवाद और सादर आभार
अपने ये स्नेह इस अनुज पर यूँ ही बनाये रखें अभी मैं कुछ दिनों के लिए अपने घर आया हूँ यहाँ पर बिजली की समस्या है इस वजह से प्रातक्रिया देने मैं असमर्थ हूँ
आप मुझे क्षमा करेंगे


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on June 7, 2012 at 4:15pm

ल ला ला  ल ला ला ल ला ला ल ला ला

वाह वाह , बहुत खूब दीप जी, कहन, काफिया , रदीफ़, वजन सब कुछ वाह वाह, बहुत ही अच्छी गज़ल कही है | एक जगह आपका ध्यानकर्षण चाहूँगा .....

हैं हर-सू धमाके अमन हो रहा है


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on June 7, 2012 at 9:15am

बहुत खूब 

Comment by Nilansh on June 7, 2012 at 12:39am

जो पग में चुभा था कभी खार बनके 
वो झूठा फरेबी सुमन हो रहा है

 

bahut sunder sandip ji

bahut badhai

Comment by आशीष यादव on June 7, 2012 at 12:20am
बहुत सही लिखा आपने। बधाई
Comment by Rekha Joshi on June 6, 2012 at 10:46pm

Sandip ji ,

जो बस पढ़ रहा है रुपैया कमाना 
वो अब तो यहाँ का रमन हो रहा है,sundr rachna badhai 

Comment by AVINASH S BAGDE on June 6, 2012 at 7:25pm

जो पग में चुभा था कभी खार बनके 

वो झूठा फरेबी सुमन हो रहा है.....wah!Sandeep bhai...

Comment by Albela Khatri on June 6, 2012 at 7:03pm

waah ji weaah  sandeep patel DEEP ji,

bahut khoob

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
Friday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
Wednesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
Tuesday
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"आशीष यादव जी , मेरा संदेश आप तक पहुंचा ,प्रयास सफल हो गया .धन्यवाद.पर्यावरण को जितनी चुनौतियां आज…"
May 11
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय धामी जी सारगर्भित ग़ज़ल कही है...बहुत बहुत बधाई "
May 11
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आदरणीय सुशील जी बड़े सुन्दर दोहे सृजित हुए...हार्दिक बधाई "
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service