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धर्मकोट दूसरा मनाली रिपोर्ट :- दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'

पर्यटन विशेषांक

धर्मकोट दूसरा मनाली
प्रैस रिपोर्टर :- दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'
.
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के खूबसूरत और मेरी जन्मभूमि धर्मशाला शहर से लगभग 15 किलोमीटर कि दूरी और बौद्ध गुरु दलाईलामा जी के निवास स्थान मकलोडगंज से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है 'धर्मकोट' एक अत्यंत खूबसूरत पर्यटक स्थल जहाँ आपको स्थानीय बाशिंदों और देसी पर्यटकों से ज्यादा बिदेशी पर्यटक नज़र आएँगे अधिकतर इसरायली I यह एक छोटा सा गाँव है विदेशी सैलानियों कि वजह से काफी महंगा भी है लेकिन सकून और शांति कि यहाँ कोई कमीं नहीं होटल तो होटल स्थानीय लोगों के घरों मैं भी यह विदेशी सैलानी बड़े आराम से रहते हैं I
ऊँचे ऊँचे देवदार ,चील के खूबसूरत वृक्ष,ऊँचे पहाड़ यहाँ कि खूबसूरती को चार चाँद लगाते हैं I छोटे छोटे होटल,कैफटेरिया,चाइनीज़ फास्ट फ़ूड की दुकाने हैं जगह जगह आपको यह विदेशी पर्यटक आपको पढ़ते, संगीत सुनते,कश पे कश लगाते,प्रकृति का आनंद उठाते नज़र आएँगे I यह बिलकुल मनाली जैसा ही लगता है लेकिन वहां जैसा भीड़ भड़क्का नहीं है इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि गाँव मैं पैदल ही प्रवेश करना पड़ता है क्योंकि सड़कें नहीं है एक छोटी सी पगडंडी है जिसमें मुश्किल से मोटरसाइकिल ही चल सकती है I सर्दियों मैं यहाँ वर्फ भी बहुत गिरती है I मकलोडगंज तक बस य कर जीप मैं आया जा सकता है लेकिन मकलोडगंज से आगे गाँव के प्रवेश द्धार तक छोटी गाड़ी कार जीप ही जा सकती है कच्ची पक्की सड़क है खतरनाक भी है छोटी सी गलती जान पर भारी पड़ सकती है I
अक्सर यह देखा गया है कि विदेशी अधिकतर भाँग,चरस,ड्रग्स के शौकीन होते हैं मणिकर्ण,मलाणा और कसोल इस बात के गवाह हैं,इसलिए प्रशासन को हमेशा चुस्त दरुस्त रहनें कि आवश्यकता ज़रूर है I
गर्मियों की छुट्टियों का समय है अगर आप भी इस मनोहारी स्थल का भ्रमण करना चाहें तो अपने साथ कुछ गर्म कपड़े अवश्य ले जाएँ कभी भी मौसम ख़राब हो सकता है दिल्ली से गगल तक हवाई जहाज़ से भी पहुँचा जा सकता है दूसरा सामान्य व डीलक्स बसें,टैक्सी आसानी से दिल्ली चंडीगढ़ से मिल जाती हैं I





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Comment by ganesh lohani on July 5, 2012 at 12:17pm

Comment by ganesh lohani on July 5, 2012 at 12:11pm

Comment by ganesh lohani on July 4, 2012 at 3:13pm

Comment by ganesh lohani on July 4, 2012 at 3:09pm

आदरनीय शर्मा जी आपका आभार धर्मकोट की सैर करने के लिए 

Comment by ganesh lohani on July 4, 2012 at 3:04pm

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on May 22, 2012 at 12:52pm

IT IS BEST PLACE TO WRITE

Comment by ganesh lohani on May 22, 2012 at 12:44pm

बागी जी नमस्कार , लगता है दीपक जी रिपोर्ट पढ़कर आपका भी दिल मचलने लगा धर्मकोट के लिए फिर बनाये प्रोग्राम साथ हो जायेगा और शकुन से वहां की वादियों में लिखने को मिलेगा |

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on May 22, 2012 at 10:06am

THANKS BAGGI JI AAGE BHI KOSHISH KARTA RAHOONGA KYONKI MAIN HIMACHAL SE HOON JAHAN BAHUR TOURIESTS HAR SAAL JATE HAIN GHOOMNE .

SO I WOULD LIKE TO GIVE THEM CORRECT INFORMATION'S

DEEPAK 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on May 22, 2012 at 9:58am

बहुत बढ़िया कुल्लवी साहब, पर्यटन स्थलों के बारे मे ओ बी ओ सदस्यों को जानकारी देने का बहुत ही उम्दा प्रयास है |

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on May 21, 2012 at 2:19pm

good

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