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बाद मेरे तेरी तकदीर बदल जाएगी
है यकीं मुझको मेरी याद भी न आएगी
बाद मेरे तेरी तकदीर बदल--------
छोडो मुझको मेरी यादों को कुछ नहीं इनमें 
ज़िन्दगी यूँ ही बाकी भी गुज़र जाएगी
है यकीं मुझको मेरी याद भी न आएगी
बाद मेरे तेरी तकदीर बदल--------
क्या मिला तुझको मेरे ख्वाबों पे भरोसा करके 
मेरी तस्वीर भी धुंधली सी नज़र आएगी
है यकीं मुझको मेरी याद भी न आएगी
बाद मेरे तेरी तकदीर बदल--------
दीपक 'कुल्लुवी' को न समझा यह ज़माना यारो
बाद मेरे सारी दुनियां भी मुस्कुराएगी 
है यकीं मुझको मेरी याद भी न आएगी
बाद मेरे तेरी तकदीर बदल--------
दीपक कुल्लुवी

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Comment by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' on April 30, 2012 at 5:32pm
क्या मिला तुझको मेरे ख्वाबों पे भरोसा करके 
मेरी तस्वीर भी धुंधली सी नज़र आएगी
बिल्कुल कटु सत्य कहा आपने, खूबसूरत रचना पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें
Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on April 29, 2012 at 1:58pm

aadarniya deepak ji, saadar, bilkul sahi kaha aapne. aesa hi hota hai. badhai.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 28, 2012 at 3:04pm

kuch dard ujaagar hone do kuch dard jigar ko sahne do 

kuch dard jamana jaan bhi le kuch antarman me rahne do

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on April 28, 2012 at 2:51pm
माशाअल्ला बहुत  खूब लिखा  मैडम राजेश कुमारी जी .......
.....................................................

तू मेरे दर्द से वाकिफ़ नहीं ऐ-दोस्त मेरे

वर्ना कांधा मेरा तेरे अश्कों ने भिगोया होता
तू न रोता अपनें गम में ऐ-दोस्त मेरे
गर तेरा साथ हमने उनकी तरह छोड़ा होता 

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 28, 2012 at 2:41pm

dard  peena to yese peena 

ki muh se na nikle aah 

gar khud pe bharosa hai 

tufaanon ki kya parvaah

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on April 28, 2012 at 2:11pm

Rajesh Madam

MAJHDHAAR MEN THI KASHTI MERI

JAB TOOFAN AAYA

SAHIL YAH POOCHHTA MUJHSE

AB BACHAUN TU BACHAUN KAISE....?

Deepak


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 28, 2012 at 1:40pm

kitna dard hai is kalam me kya samandar me dubo ke laaye ho!!

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on April 28, 2012 at 1:32pm

RAJESH MADAM

IS DARD MEN MAZA HAI JO

WOH DARD SE BHI HASEEN HAI

MERE SATH HI CHALEGA YAH

ITNA MUJHE TO YAQEEN HAI .........

..........

'KULUVI'


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 28, 2012 at 1:28pm

dil ko choo lene vaali dastaan haqeeqat hai tabhi to itna dard hai.

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on April 28, 2012 at 1:05pm

VANDANA JI

SHUKRIYA.....BESHAQ SUNDAR PAR DASTAAN/HAQEEKAT  DARD BHARI.........

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