For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जो तेरे आस पास बिखरे हैं।।
वो मेरे दिल के सूखे पत्ते हैं।।

काग़ज़ी फूल थे मगर जानम।।
तेरे आने से महके महके हैं।।

याद आती है उनकी जब यारों।
मुझमे मुझसे ही बात करते हैं।।

बदली किस्मत ज़रा सी क्या उनकी।।
वो ज़मीं से हवा में उड़ते है।।

जिनके ईमान ओ अना हैं गिरवी।।
वो भी इज़्ज़त की बात करते है।।

'राम' बच के रहा करो इनसे।
ये जो कातिल हसीन चेहरे है।।

मौलिक/अप्रकाशित

राम शिरोमणि पाठक

Views: 497

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by ram shiromani pathak on June 6, 2018 at 10:11am

गुमनाम भाई बहुत आभार आपका

Comment by ram shiromani pathak on June 6, 2018 at 10:11am

लक्ष्मण भाई बहुत बहुत आभार आपका।।सादर

Comment by ram shiromani pathak on June 6, 2018 at 10:10am

आरिफ़ भाई बहुत आभार आपका।।टंकण त्रुटि है सही कर लेता हूँ///सादर

Comment by gumnaam pithoragarhi on June 5, 2018 at 10:06pm
गज़ल अच्छी लगी ,,बधाई
Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on June 4, 2018 at 12:48am

आ. भाई रामसिरोमणि जी, सुंदर रचना हुयी. हार्दिक बधाई ।

Comment by Mohammed Arif on June 1, 2018 at 10:12am

आदरणीय राम शिरोमणि जी आदाब,

                        अच्छे अश'आरों से सुसज्जित ग़ज़ल । हर शे'र उम्दा । शुरू के तीन शे'र में तो बहुवचन का (हैं) का प्रयोग है मगर बाक़ी के शे'र में बहुवचन का प्रयोग नदारत है । देखिएगा । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

Comment by ram shiromani pathak on May 30, 2018 at 10:12am

बहुत बहुत आभार आदरणीय।।सादर

Comment by Dr Ashutosh Mishra on May 29, 2018 at 5:59pm

आदरणीय राम शिरोमणि जी बहुत अच्छी रचना है रचना पर हार्दिक बधाई सादर

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
""ओ बी ओ लाइव तरही मुशाइर:"अंक-124 को सफल बनाने के लिये सभी ग़ज़लकारों का हार्दिक आभार व…"
16 hours ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
" बहुत खूब आदरणीया  अंजलि जी .. अच्छी गज़ल के लिए ढेरों मुबारकबाद "
16 hours ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"उम्दा गज़ल की ढेरों मुबारकबाद अदरणीय सालिक गणवीर जी दूसरे शेर पर अच्छी इस्लाह हुयी ...."
16 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आ. अमीरुद्दीन अमीर साहब,अपेक्षा थी  कि आप अपनी रचना पर इंगित त्रुटियों को या defend करेंगे या…"
16 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"धन्यवाद आ. नादिर ख़ान साहब ..लेकिन अफ़सोस है कि चर्चा का रुख़ साहित्य केन्द्रित न हो कर कल्पनाओं को…"
17 hours ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय नीलेश जी उम्दा गज़ल  के लिए आपको ढेरों मुबारकबाद, गुणी जनों की चर्चा से हम लोगों…"
17 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"मुहतरमा डिम्पल शर्मा जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई के लिए शुक्रिया।…"
17 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय दण्डपाणि नाहक़ जी आदाब ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई के लिए शुक्रिया।…"
17 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय निलेश जी ख़ाकसार की ग़ज़ल तक आने के लिये आभार। आपको भी आयोजन में सहभागिता हेतु बधाई। "
17 hours ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"जी कोशिश करेंगे जल्दी आने की लेकिन ... और भी ग़म हैं .........   देर हो जाती है । सादर"
17 hours ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आदरणीय नादिर ख़ान साहब आदाब बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है हार्दिक बधाई स्वीकार करें "
17 hours ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-124
"आ. नादिर खान साहब,अब बिना बात के नुक्ताचीनी तो कर नहीं सकता.. वैसे आप देखते ही होंगे कि मैं टोकने…"
17 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service