For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नव वर्ष में ओपन बुक्स ऑनलाइन पर पुरस्कारों की बरसात

नव वर्ष में ओ बी ओ पर पुरस्कारों की बरसात

साथियों,

साहित्य क्षेत्र में अग्रणी वेब साईट ओपन बुक्स ऑनलाइन ने साहित्य लेखन को प्रोत्साहित करने हेतु नित्य प्रयत्नशील है इसी क्रम में ओ बी ओ प्रबंध ने प्रयोजको के सहयोग से अब तक कुल पांच नगद पुरस्कारों की घोषणा किया है |

.
(क) "चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता हेतु कुल तीन पुरस्कार 
प्रथम पुरस्कार रूपये १००१
प्रायोजक :-Ghrix Technologies (Pvt) Limited, Mohali
A leading software development Company 

  
द्वितीय पुरस्कार रुपये ५०१
प्रायोजक :-Ghrix Technologies (Pvt) Limited, Mohali
A leading software development Company

तृतीय पुरस्कार रुपये २५१
प्रायोजक :-Rahul Computers, Patiala

A leading publishing House
.

.
(ख) "महीने की सर्वश्रेष्ट रचना" पुरस्कार 
पुरस्कार राशि :- रु. ५५१/- मात्र
पुरस्कार के प्रायोजक :- गोल्डेन बैंड इंटरटेनमेंट ( G-Band )                                
H.O.F-315, Mahipal Pur-Ext. New Delhi.
.


(ग) "महीने का सक्रिय सदस्य" पुरस्कार
पुरस्कार राशि :- रु. ११००
प्रायोजक :-Ghrix Technologies (Pvt) Limited, Mohali
A leading software development Company

.

आपका

गणेश जी "बागी"

(संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक)

ओपन बुक्स ऑनलाइन

Views: 1859

Reply to This

Replies to This Discussion

यह सब आप सभी सदस्यों का हौसलाफजाई है जो हम लोग कुछ कर पाते है, सराहना हेतु बहुत बहुत आभार आपका | 

Nav varsh par ek achhi shuruat

धन्यवाद आदरणीया नीलम दीदी |

बहुत ही बढ़िया सुरुआत है, नए साल में एक अच्छा समाचार , ओ बी ओ के लोग बधाई के पात्र है , 

आभार संजय कुमार सिंह जी |

आदरणीय गणेशजी, प्रोत्साहन के लिए उठाया गया अच्छा कदम,दिल से आभार ////////////////////////

धन्यवाद आदरणीय संजय राजेंद्र प्रसाद जी, आजकल आप की अनुपस्थिति ज्यादा है, दंड हेतु तैयार रहिएगा :-)))

सभी प्रायजकों की सहयोग के लिए सादर शुभकामनाएँ. प्रोत्साहन के लिए उठाया गया के लिए  अच्छा कदम

सराहना हेतु आभार आदरणीया सीया जी |

गणेश जी भाई
परनाम,

हमरा त नईखे बुझात की अउर सोशल वेबसाईट पर भोजपुरी के प्रचार-प्रसार करे आ अउर भी कुछ महत्वपूर्ण मुद्दा पर विचार करे से फुर्सत मिल पायी. लेकिन अगर मौका मिलल त हम एह में से कवनो प्रतियोगिता में शामिल होखे के कोशिश जरुर करब. लेकिन पुरूस्कार के आस के बिना हमार संलग्नता होई. अगर भाग्य-भरोसे कवनो पुरस्कार मिल भी गईल त अपने ओह पुरस्कार राशि के एही सोशल साईट के व्यापकता खातिर चाहे एह साईट के अउर भव्य बनावे खातिर इस्तेमाल करब.

राउर एह साईट के चर्चा हम आपन मित्र लोग से करत रहिला आ अपने के जान कर के ख़ुशी होई की जब लखनऊ में शंकर कार्गेत्ति जी से मुलाक़ात भईल जे की एक मशहूर साहित्यकार हईं नजीबाबाद के, उहाँ के बहुत प्रभावित भईनी.

भाई गणेश जी, हम त बस लिख दिहिला, मन के भाव के शब्द के माध्यम से लिखला पड़ कुछ लिखा जाला आ लोग ओकरा के पसंद कर लेवेल. बाकी ई छंद, बहर ई सब हमरा समझ में ना आईल. शंकर जी से एह विषय में बात होत रहे त उहाँ के कुछ बतावे के प्रयास भी कईनी बहर इत्यादि के बारे में लेकिन हमार एह भूसा दिमाग में कुछ घुस्बे ना कईल.

ओपन बुक्स ऑनलाईन आज अपना कामयाबी पर बा आ ई जानकर के हमार करेजा उतान हो जाला की एह साईट से हमार जुडाव आ लगाव बा आ साथ ही एह साईट के कर्ता-धर्ता भाई गणेश जी से हमार भाई जईसन प्रेम आ लगाव बा. एह वेबसाईट के सदस्य लोग के रचना के देख के एह बात के संतुष्टि आ ख़ुशी मिलेला की भले प्रकाशक लोग साहित्यकार के रचना के पईसा लेके छापो आ पईसा ना देवेवाला साहित्यकार से छी-मानु करो, लेकिन ई सोशल वेबसाईट अईसन बा जहाँ साहित्य के दिग्गज लोग आपन लेखनी के धार पैना करे लन आ नवका साहित्यकार लोग के एक बढ़िया अखाड़ा मिल जाला जहाँ ऊ लोग अपना के अउर बेहतर करे के मौका पा लेवेला.

राउर भाई
आर के पाण्डेय 'राज'
पटना/लखनऊ

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आ. भाई सुशील जी , सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहा मुक्तक रचित हुए हैं। हार्दिक बधाई। "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय अजय गुप्ताअजेय जी, रूपमाला छंद में निबद्ध आपकी रचना का स्वागत है। आपने आम पाठक के लिए विधान…"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय जी ।सृजन समृद्ध हुआ…"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । आपका संशय और सुझाव उत्तम है । इसके लिए…"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आयोजन में आपकी दूसरी प्रस्तुति का स्वागत है। हर दोहा आरंभ-अंत की…"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आपने दोहा मुक्तक के माध्यम से शीर्षक को क्या ही खूब निभाया है ! एक-एक…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२१२२/२१२२/२१२ **** तीर्थ  जाना  हो  गया  है सैर जब भक्ति का हर भाव जाता तैर जब।१। * देवता…See More
Sunday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"अंत या आरंभ  --------------- ऋषि-मुनि, दरवेश ज्ञानी, कह गए सब संतहो गया आरंभ जिसका, है अटल…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा पंचक  . . . आरम्भ/अंत अंत सदा  आरम्भ का, देता कष्ट  अनेक ।हरती यही विडम्बना ,…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा मुक्तक. . . . . आदि-अन्त के मध्य में, चलती जीवन रेख ।साँसों के अभिलेख को, देख सके तो देख…"
Saturday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"नमस्ते, सुशील जी। आप से मिली सराहना बह्त सुखदायक है। आपका हार्दिक आभार।"
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा एकादश. . . . . पतंग

मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
Jan 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service