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जिसतरह चाँद पिघलकर किसी छत पर उतरे। ( ग़ज़ल- बलराम धाकड़)

चन्द अश्आर मेरे अश्क़ से बहकर उतरे।

जो पसीने में हुए तर, वही बेहतर उतरे।

तेरी यादों के यूँ तूफ़ां हैं दिलों पे क़ाबिज़,
जैसे बादल कोई पर्बत पे घुमड़कर उतरे।

स्याह रातों में तेरा ऐसे दमकता था बदन,
जिसतरह चाँद पिघलकर किसी छत पर उतरे।

मैं तुझे प्यार करूँ, और बहुत प्यार करूँ,
ऐसे जज़्बात मेरे दिल में बराबर उतरे।

ऐसी ज़ुल्मत ये सितम अब हुए आदत में शरीक़,
अब मज़ा आए अगर धड़ से मेरा सर उतरे।

उसका दिल कैसे धड़कने से करेगा इंकार,
जिसके सीने में तेरे इश्क़ का ख़ंजर उतरे।

मैं इलाही के करोबार से वाकिफ़ न हुआ,
उनको आदाब जिनके सर पे पयम्बर उतरे।

मैं अभी तक ये न समझा कि तेरे जाने के बाद,

किसतरह मेरी इन आँखों में समंदर उतरे?

~मौलिक/अप्रकाशित।

~   बलराम धाकड़ ।

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Comment by Balram Dhakar on November 11, 2018 at 10:40am

बहुत बहुत शुक्रिया, आदरणीय रवि शुक्ल जी, ग़ज़ल में आपकी शिरक़त और हौसला अफजाई का।

पयम्बर वाला यह शेर मूल ग़ज़ल से खारिज़ कर दिया है।

सादर।

Comment by Ravi Shukla on November 6, 2018 at 1:29am

आदरणीय बलराम धाकड़ जी,  बहुत बहुत बधाई आपको इस ग़ज़ल के लिए पयम्बर वाले शेर पर समर साहब की बात से सहमत हूँं

Comment by Balram Dhakar on November 4, 2018 at 5:45pm

आदरणीया महिमा जी, ग़ज़ल में आपकी शिरक़त और हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया।

सादर।

Comment by Balram Dhakar on November 4, 2018 at 5:44pm

आपका बहुत बहुत धन्यवाद, आदरणीय अजय तिवारी जी।

सादर।

Comment by MAHIMA SHREE on November 4, 2018 at 4:32pm

वाहह..बहुत खूब..बधाई..

Comment by Ajay Tiwari on November 3, 2018 at 6:58pm

आदरणीय बलराम जी, अच्छी ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाई. 

Comment by Balram Dhakar on November 2, 2018 at 12:50pm

आदरणीय तेजवीर सिंह जी, आपको ग़ज़ल अच्छी लगी, मेरा लिखना सार्थक हुआ।

  • सादर।
Comment by Balram Dhakar on November 2, 2018 at 12:49pm

हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया, आदरणीय लक्ष्मण जी।

सादर।

Comment by TEJ VEER SINGH on November 2, 2018 at 10:33am

हार्दिक बधाई आदरणीय बलराम जी। बेहतरीन गज़ल ।

मैं अभी तक ये न समझा कि तेरे जाने के बाद,

किसतरह मेरी इन आँखों में समंदर उतरे?

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 1, 2018 at 4:42pm

आ. भाई बलराम जी, गजल का अच्छा प्रयास हुआ है । हार्दिक बधाई ।

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