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अतुकान्त कविता : अजन्मी कविता

सुबह-सुबह मॉर्निंग वॉक से लौट
चाय की चुस्कियों के साथ बैठते ही
कविता के कुछ कीड़े 
कुलबुलाने लगे...
कितना कुछ करता है न 
एक अभियंता समाज के लिये 
सड़क, पुल, अस्पताल, विद्यालय
नाली, गली, मस्जिद, देवालय
टी वी, मोबाइल, जहाज, कंप्यूटर
बिजली, पानी, रेल व मोटर
और भी बहुत कुछ...
जिधर नज़र जाती है 
हर तरफ अभियंताओं का योगदान
कि, जोड़ते हैं दिलों को
बनाते हैं विश्वास का सेतु
एक कविता तो बनती है
अभियंताओं के लिए भी...
विचारों का द्वंद्व चल रहा था
मन मष्तिष्क के मध्य 
तभी सामने पड़े अखबार पर
नज़र ठहर गयी 
बहुमंजली इमारत से कूद
एक अभियंता ने कर ली थी 
आत्महत्या....
बताया गया था,
बहुत परेशान था वह
राजनीतिक एवं प्रशासनिक हस्तक्षेप से,
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था...
वो धम्म की आवाज़ के साथ 
ऊपर से गिरा
और
कुछ ही पलों में छटपटा कर 
दम तोड़ दिया था। 
मानसिक शून्यता के मध्य
दम तोड़ दी
एक अजन्मी कविता
जैसे गर्भ में ही
कर दी गयी हो
भ्रूण हत्या..
(मौलिक एवं अप्रकाशित)

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Comment

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Comment by Neelam Upadhyaya on April 16, 2018 at 10:59am

आदरणीय गणेश जी, नमस्कार । प्रशासन तंत्र पर कटाक्ष करती बहुत ही बढ़िया कविता । हार्दिक बधाई।

Comment by Satyanarayan Singh on April 15, 2018 at 3:17pm

प्रशासनिक व्यवस्था में राजनितिक हस्तक्षेप कैसे एवं किस हद तक हावी है इसकी बानगी आपकी कविता करा गई सादर बधाई आदरणीय 

Comment by Ajay Tiwari on April 14, 2018 at 6:13pm

आदरणीय गणेश जी,

व्यवस्था किस तरह से मध्यमवर्ग को भी उत्पीड़ित करती है इसे आपकी कविता संवेदनशील तरीके से पेश करती है.

हार्दिक बधाई. 

Comment by Samar kabeer on April 13, 2018 at 6:48pm

जनाब गणेश जी "बाग़ी" साहिब आदाब, लाजवाब कविता,वाक़ई इंजीनियर्स का भी हक़ तो है कि उनपर साहित्यकार क़लम उठाये,आप तो साहित्यकार भी हैं और इंजीनियर भी,क्या कविता लिख दी आपने इसकी तारीफ़ के लिए

शब्द नहीं मेरे पास,ढेरों मुबारकबाद आपको इस बहतरीन सृजन के लिए ।

'चश्मदीदों' बहुवचन में मुनासिब शब्द नहीं है,इसके स्थान पर 'देखने वालों' कर लें तो उचित होगा ।

Comment by TEJ VEER SINGH on April 13, 2018 at 3:51pm

हार्दिक बधाई आदरणीय गणेश जी बागी जी। बहुत सुंदर कटाक्ष करती कविता।

Comment by Ram Ashery on April 13, 2018 at 3:35pm

it is representing a real life of an engineer congratulation 

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