For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मफ़ऊल फ़ाइलातुन मफ़ऊल फ़ाइलातुन

ख़ुशियों का इस जहाँ में फ़ुक़दान हो न जाये

ग़म अपनी ज़िन्दगी का उन्वान हो न जाये

नफ़रत का आज कंकर जो तेरी आँख में है

इक रोज़ बढ़ते बढ़ते चट्टान हो न जाये

मज़लूम की कहानी सुनकर तू हँस रहा है

तेरा भी हाल ऐसा नादान हो न जाये

सारे अदू लगे हैं,यारो इसी जतन में

पूरा हमारे दिल का अरमान हो न जाये

दोनों तरफ़ की फ़ौजें होने लगीं इकट्ठा

सरहद पे आज फिर से घमसान हो न जाये

आये न मौत मुझको,यारब यही दुआ है

जब तक कि आख़िरत का सामान हो न जाये

पढ़ते हैं छन्द मेरे,कहते हैं भाई 'सौरभ'

इस दौर का "समर"भी रस खान हो न जाये

--------

फ़ुक़दान-- कमी

उन्वान--शीर्षक

अदू--दुश्मन

घमसान--लड़ाई,जंग

आख़िरत--ज़िन्दगी में नेक काम करना

---

समर कबीर

मौलिक/अप्रकाशित

Views: 854

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Nilesh Shevgaonkar on February 21, 2018 at 7:58pm

वाह सर,
हमेशा की तरह शानदार..
बधाई

Comment by पीयूष कुमार द्विवेदी on February 21, 2018 at 6:33pm

बेहद उम्दा ग़ज़ल हुई है जनाब,

दिली मुबारकबाद

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on February 21, 2018 at 3:52pm

वाह आदरणीय बेहतरीन ग़ज़ल पढ़ने को मिली..सभी शेर एक से बढ़कर एक..आखरी तो लाजबाब है..

Comment by Balram Dhakar on February 21, 2018 at 2:36pm

बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है, जनाब समर साहब।

बधाई आपको।

सादर।

Comment by vijay nikore on February 21, 2018 at 2:16pm

सब से पहले ... आप को वापस देख कर जो खुशी हुई है... भगवान का शुक्र है... समर जी, आपकी सेहत अच्छी रहे।

अब आपकी इस शानदार गज़ल पर दिल से बधाई।

//आये न मौत मुझको,यारब यही दुआ है

जब तक कि आख़िरत का सामान हो न जाये// ... वाह, वाह!

शेर दर शेर मुबारकबाद, समर भाई।

Comment by नादिर ख़ान on February 21, 2018 at 12:54pm

नफ़रत का आज कंकर जो तेरी आँख में है

इक रोज़ बढ़ते बढ़ते चट्टान हो न जाये

मज़लूम की कहानी सुनकर तू हँस रहा है

तेरा भी हाल ऐसा नादान हो न जाये  जनाब समर साहब खूबसूरत गजल के लिए मुबारकबाद.....

अल्लाह आपको सेहतमंद रखे और हम लोग आपसे  ताउम्र  सीखते रहे ....

Comment by Mohammed Arif on February 21, 2018 at 8:53am

मज़लूम की कहानी सुनकर तू हँस रहा है

तेरा भी हाल ऐसा नादान हो न जाये   वाह! वाह!! बहुत ही सच्चा शे'र कहा ।औरों पर या मज़बूर हँसने वाले एक दिन ख़ुद ग़म के शिकार हो सकते हैं 

शे'र दर शे'र दिद के साथ मुबारकबाद आली जनाब मोहतरम समर कबीर साहब ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

माँ

माँ यह शब्द नहींं केवलइस जग की माँ से काया है। हम सबकी खातिर अतिपावन माँ के आँचल की छाया है।१।माँ…See More
yesterday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर आप यों घबरा कर मैदान छोड़ देंगे तो जिन्होने एक जुट होकर षड़यन्त्र किया है वे अपनी जीत मानेंगे।…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अब, जबकि यह लगभग स्पष्ट हो ही चुका है कि OBO की आगे चलने की संभावना नगण्य है और प्रबंधन इसे ऑफलाइन…"
Monday
amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
Friday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
May 14
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
May 13

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
May 13
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service