For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"भोपाल- तीन दिसम्बर" -मेरे सर्वप्रथम हाइकू : अर्पणा शर्मा

गैस त्रासदी,
पीड़ित मानवता,
कराह उठी...!!

भीड़ उन्मादी,
कारखाने बाहर,
देखे बर्बादी,

की है मुनादी
मिलेगा मुआवजा,
क्या है ये काफी???

कैसे भगाया,
एंड़रसन यहाँ,
है अपराधी,

नासूर से ही,
जख़्म यहाँ रिसते
वर्षों बाद भी,

बही थी यहाँ,
भूलेगा नहीं कभी,
मौत की नदी...!!!

मौलिक एवं अप्रकाशित ।

Views: 542

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 5, 2016 at 3:09pm

अच्छा प्रयास , हइकू  की तीनो पंक्तिया स्वतंत्र हों एक दुसरे से लिंक न हों  कितु तीनों का एक संयुक्त प्रभाव/अर्थ  हो . इस लिहाज से एक बार फिर रचन को मांजने का प्रयास करें . सादर .

शोर था बड़ा 

मिला मुआवजा 

ऊँट के मुख ------


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on December 4, 2016 at 9:26pm

आदरणीया अर्पणा जी, भोपाल गैस त्रासदी के दर्द को शाब्दिक करते प्रभावशाली हाइकू पर हार्दिक बधाई. सादर 

Comment by Samar kabeer on December 4, 2016 at 4:53pm
मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी दुखद घटना थी ये,जिन लोगों ने इस पीड़ा को भोगा है वही जानते हैं,लेकिन इसका एक पहलू ये भी है कि कुछ लोगों ने इस पीड़ा को नहीं झेला लेकिन जब मुआवज़े का ऐलान हुआ तो बहुत से ऐसे लोग भी मुआवज़ा लेने के हक़दार बन गये जो उस समय भोपाल में या भोपाल के नहीं थे,ऐसे कुछ लोगों को मैं ज़ाती तौर पर जानता हूँ जिन्होंने कई वर्षों तक बिना कुछ सहे मुआवज़ा लिया है,ख़ैर अब तो यही दुआ है कि अल्लाह हमें ऐसी घटना से बचाये ।
Comment by Arpana Sharma on December 4, 2016 at 9:11am
आ.श्रीमान् समर कबीर साहब - हौसला अफजाई के लिए आपका बहुत शुक्रिया । जी मैं भोपाल में पैदा हुई और यहीं पली बढ़ी हूँ । गैस त्रासदी हमने भी भोगी है। मुझे आज भी याद है कैसे हमारे घरों में मिथाइल आइसोसाइनाइड़ गैस भर गई थी। हम बाहर भी नहीं भाग पाए। फिर अपने घर में अंदर का एक कमरा गीले कपड़ों से सील करके हम सब कई घंटों वहाँ बंद रहे। ठंड़ के कारण जहरीली गैस भारी होकर नीचे ही रही। जब पास के मिलिट्री एरिया से आक्सीजन छोड़ी गई तब थोड़ी राहत मिली। सुबह बाहर निकले तब देखा हर जगह लाशें पटी पड़ीं थीं । पेड़ काले पड़ गये थे। पक्षी, मवेशी हर जगह मरे पड़े थे। उनके पेट वीभत्स रूप से फूल गये थे। सुबह फिर गैस लीक हुई तो हमें भी भागना पड़ा। चारों ओर लोग भाग रहे...सब शहर से बाहर...

गैस के दुष्प्रभाव से ही मेरे कानों का सामान्य सा संक्रमण इतना बढ़ गया कि अंततः मैं अपनी श्रवण शक्ति पूरी तरह खो बैठी।
नामालूम सा मुआवजा इन नुकसानों की कतई भरपाई नहीं कर सकता। उस दिन तो मौत की नदी बही थी ....
Comment by Samar kabeer on December 3, 2016 at 4:55pm
मोहतरमा अर्पणा शर्मा जी आदाब,बहुत अच्छे हाइकू लिखे आपने,दर्द पूरी तरह बयान हो रहा है,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।
आप भोपाल से हैं क्या ?

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
4 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
4 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
8 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"चर्चा से कई और पहलू, और बिन्दु भी, स्पष्ट होंगे। हम उन सदस्यों से भी सुनना चाहेंगे जिन्हों ने ओबीओ…"
yesterday
pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
Saturday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
Friday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
Friday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
Friday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
Thursday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
Thursday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
Mar 11
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Mar 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service