For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ठाकुर सरकार,  माफ़ कर दें . मेरी बिटिया अभी नासमझ है .तीन दिन से चूल्हा नहीं जला सरकार .’

‘क्यों चूल्हे को क्या हुआ ?’

‘सरकार, उनका पुलिस चोरी के शक में पकड़ ले गयी , वही कुछ कमा कर लाते थे, घर् में कुछ था ही नहीं तो चूल्हा कैसे जलता?’

‘और---- तेरी बिटिया ने भी तो चोरी ही की है , तुम सब घर भर चोर हो तो माफी कैसी ?’

‘नहीं सरकार, उन्होंने चोरी नहीं की, पुलिस साबित नहीं कर पायी ‘

‘मगर तुम्हारी बेटी तो चोरी करती पकड़ी गयी .’

’हाँ सरकार मगर-----‘

‘अब अगर मगर कुछ नहीं उसे तीन दिन मेरे घर में रहकर काम करना होगा और तुम उससे मिलने नहीं आओगी . यह मेरा इन्साफ भी है और  हुक्म भी’

‘जी सरकार -----‘-उसने मरी से आवाज मे कहा और रोती-बिलखती चली गयी .

ठाकुर के मित्र जो यह इन्साफ देख रहे थे, हंस कर बोले –‘क्या चुराया था लडकी ने ?’

‘एक प्याज चुराया था, सुना नहीं तीन दिन से चूल्हा नही जला था’

‘तो उस भूख की इतनी बड़ी सजा ------?

‘तुमने उसे अभी देखा नहीं --- पन्द्रह की पूरी हो गयी है .’

(मौलिक व अप्रकाशित )

 

Views: 1091

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बशर भारतीय on May 24, 2016 at 2:49pm
ऐसा वर्षों से होता आया है ताकतवर तबका शोषण के तरीके निकाल ही लेता है, बहुत बहुत बधाई आपको
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on May 23, 2016 at 7:43pm

आदरणीया कांता जी , ह्रदय से अभिनन्दन .

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on May 23, 2016 at 7:42pm

आ० मनन कुमार सिंह ,  आपका आभार .

Comment by kanta roy on May 23, 2016 at 4:40pm
बेहद तीक्ष्ण लघुकथा लिख दिया हैै आपने यहाँ आदरणीय डाॅ गोपाल नारायण जी । एक प्याज की चोरी ! " भूख " के अपने - अपने कारण । यहाँ कथ्य पाठक की आन्तरिक बेचैनी का कारण बनती हुई प्रतीत हुई है । बधाई आपको हृदयतल से ।
Comment by Manan Kumar singh on May 21, 2016 at 10:29pm
कुछ लोग ऐसे बिंदुओं को चलताऊ कहकर अपनी साहित्यिक जबाबदेही से प्राय: पल्ला झाड़ते पाये जाते हैं,पर भूख ओर चूल्हे जलते-जलाते रहे हैं।अच्छी रचना हेतु बधाई!
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on May 20, 2016 at 7:52am

आ० प्रतिभा जी , आपका अतिशय आभार .

Comment by pratibha pande on May 20, 2016 at 12:47am

 सत्य चित्रण , हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on May 19, 2016 at 9:10pm

आ० शेख उस्मानी जी . आपकी उत्साहवर्धक टीप का आभारी हूँ .

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on May 19, 2016 at 9:09pm

आ० रामबली जी . सादर आभार .

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on May 19, 2016 at 8:46pm
"भूख" और “भूखा भेड़िया"। भूख ही कलयुग में व्याप्त व्यापक रूप में ना ना प्रकार से। देश रूपी घर के बहुत भीतर की भयावह तस्वीर चित्रित कर गंभीर मुद्दों पर आवाज़ उठाती रचना के लिए बहुत बहुत हार्दिक बधाई आपको आदरणीय डॉ. गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
yesterday
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Aug 3
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Jul 24

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service