For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

भाषा क्या है ?

चेतन प्राणियों में

वैचारिक अभिव्यक्ति का साधन

भाषा होती होगी

पशु-पक्षियों की भी

बस उसे हम समझते नहीं

जैसे विश्व की तमाम भाषाये

बाहर है

ह्मारी समझ की परिधि से

पर भाषा महत्वपूर्ण इसलिए नहीं है

कि उससे मनोभावों की तरह ही

संप्रेषित होते है विचार

भाषा का महत्त्व और उसकी ताकत

लोक मानस के बीच का वह राग भी है

वह अंतर्संबंध भी है 

जिसका जन्म होता है उसी भाषा से

जिससे होता है

भावों एवं विचारों का

सम्प्रेषण

(मौलिक व् अप्रकाशित )

   

Views: 222

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on January 13, 2016 at 11:41am

भाषा से पहले संकेत या अभिनय का जन्म हुआ होगा | प्रारम्भ में बच्चा रो कर अपने भूख का तो माँ भी बच्चें के हाव भाव से उसकी इच्छ जान लेती है | ऐसे ही मूक  प्राणी भी काम  चलाते है | भाव समझने के लिए बने अक्षरों से भाषा भी विचारों का सम्प्रेष्ण ही है जिसका विकास विभिन्न देशों में वहाँ की तत्कालीन पपरिश्थितियों, वातावरण और प्रादुर्भाव करने वाले के अनुसार रचना हुई है | 

आपका यह कथन सही है कि -

भाषा का महत्त्व और उसकी ताकत

लोक मानस के बीच का वह राग भी है   

वह अंतर्संबंध भी है 

जिसका जन्म होता है उसी भाषा से  -- बधाई आपको आदरणीय डॉ,गोपाल नारायण  जी | सादर 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 12, 2016 at 4:11pm

आदरणीय बड़े भाई गोपाल जी , बहुत सही बात कही आपने ,

भाषा का महत्त्व और उसकी ताकत

लोक मानस के बीच का वह राग भी है   

वह अंतर्संबंध भी है 

जिसका जन्म होता है उसी भाषा से  -- बधाई आपको ।

--- 

Comment by Dr. Vijai Shanker on January 11, 2016 at 6:37pm
किसी भी भाषा का उद्भव उसकी भौगोलिक परिस्थितियों में ही होता है , उसका विकास विभिन्न परिस्थितियों में होता है , जिसमें व्यापार , युद्ध , पर्यटन जैसे संचार भी शामिल हैं। हाँ , पारस्परिक संपर्क एक महत्वपूर्ण पहलू है , भाषाओं के विकास का। पारस्परिक निकटता इसी लिए भिन्न भिन्न भाषाओं में न्यूनाधिक साम्यता रखती है।
आपको एक बहुत अच्छी प्रस्तुति के लिए बधाई , आदरणीय डॉ o गोपाल नारायण जी , सादर।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
"जो कहा है मैंने उसका समर्थन कर रहे हैं आप लोग. लेकिन साबित क्या करना चाहते हैं ? कि, दोष आदि पर कोई…"
6 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
"आ. सौरभ सर,यूँ तो मैं अंतिम टिप्पणी कर चुका था किन्तु तनाफुर पर आदतन हडप्पा की खुदाई से यह ग़ज़ल…"
6 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
"आ. सौरभ सर,मुझे लगता है कि आपकी ताज़ा टिप्पणी विषयांतर है .. यहाँ बात अमीर साहब के मतले की है और मैं…"
7 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
"//अनेकानेक शाइर हैं, जिनके शेर में जहाँ-तहाँ दोष दीख जाते हैं. लेकिन शाइर अपनी गलतियों को लेकर…"
7 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

वादे पर चन्द दोहे .......

वादे पर चन्द दोहे : ....मीठे वादे दे रही, जनता को सरकार ।गली-गली में हो रहा, वादों का व्यापार…See More
9 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
"आदरणीय नीलेश जी, किसी दोष का होना और न मानना, किसी दोष होना और मान लेना, लेकिन उसे दूर न करना,…"
13 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
"एक और उम्दा ग़ज़ल और उसपे हुई चर्चा...वाह"
14 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (ग़ज़ल में ऐब रखता हूँ...)
"पूछने का लाभ भरपूर मिला...शुक्रिया आदरणीय समर कबीर जी,सौरभ पांडेय जी..और अमीरुद्दीन जी...नीलेश जी…"
14 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - तमन्नाओं को फिर रोका गया है
"एक अलग ही अंदाज की ग़ज़ल पढ़ने को मिली आदरणीय नीलेश जी..और उसपे हुई चर्चा बड़ी महत्वपूर्ण है।"
14 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on नाथ सोनांचली's blog post विदाई के वक़्त बेटी के उद्गार
"वाह आदरणीय क्या ही शानदार भावपूर्ण रचना है...बधाई"
14 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Anjuman Mansury 'Arzoo''s blog post ग़ज़ल -सूनी सूनी चश्म की फिर सीपियाँ रह जाएँगी
"वाह क्या कहने...बहुत खूबसूरत ग़ज़ल कही है...हार्दिक बधाई..."
14 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Anjuman Mansury 'Arzoo''s blog post ग़ज़ल - मिश्कात अपने दिल को बनाने चली हूँ मैं
"बढ़िया ग़ज़ल कही आदरणीया बधाई..."
14 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service