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yeh meri pahli gazal hai is site par..... saath he saath jeeven me pahli baar ghazal likhne ki koshish ki hai aap sabhi ke sujhav amantrit hain




हाय मेरी मोहब्बत मोहब्बत ना रही.... यह तो अब एक फसाना हो गया............
रात ही तो आया था वो ख्वाब मे.... पर लगता है उससे मिले एक ज़माना हो गया

मुझे दिलासे दे देकर मुझसे भी ज़्यादा रोए हैं मेरी आँखो के आँसू.........
लगता है मेरा रोना उसके मुस्कुराने का बहाना हो गया...............................

हर जगह हर सूरत मे मुझे वो ही वो नज़र आता है हर दम......
मेरे ज़रूरी कामों मे शामिल हवा मे उसकी तस्वीर बनाना हो गया.......

मेरे घर की टपकती छत और कमरों की उड़ती रंगिनियत याद दिलाती हैं मुझे........
पल्लव तेरा यह छोटा सा घर अब बहुत पुराना हो गया.............

हर रोज़ बिकता हुआ देखता हूँ में दिलों को दुनिया क बाज़ार मे ...........
आम आज कल यहाँ इश्क़ की बोली लगाना हो गया.................


पल्लव

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मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on June 16, 2010 at 8:56am
वाह पल्लव जी वाह , बहुत ही अच्छी ग़ज़ल कही है, यदि आप की पहली ग़ज़ल ऐसी है तब तो दूसरी और भी अच्छी बनेगी,अब तो हम सबको आप की दूसरी रचना का इन्तजार रहेगा, शुक्रिया इस शानदार रचना के लिये,

प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on June 16, 2010 at 8:37am
सब से पहले तो आपका स्वागत है oBo परिवार में आपका स्वागत है, आपने यहाँ आने के लिए मेरा आमन्त्रण से स्वीकार किया - उसके लिए में आपका आभारी हूँ ! पहली गजल होने के बावजूद प्रयास अच्छा है पल्लव जी ! आपके ख्याल बहुत अच्छे हैं, शब्दावली भी ठीक है - थोड़ी और मेहनत कीजिये और अच्छे शायरों को पढ़िए ! भविष्य में जब कभी गजल लिखें तो उसको बार बार खुद गुनगुना कर देखिये, गेयता कि कमी कहाँ है खुद पता चल जायेगा !
Comment by Admin on June 16, 2010 at 8:08am
हर रोज़ बिकता हुआ देखता हूँ मैं, दिलों को दुनिया के बाज़ार मे,
आम आज कल यहाँ इश्क़ की बोली लगाना हो गया,

आदरणीय पल्लव पंचोली जी , प्रणाम,
सर्वप्रथम तो ओपन बुक्स ऑनलाइन पर आपके पहले ब्लॉग का मैं तहेदिल से स्वागत करते है, अच्छी ग़ज़ल लिखी है आपने, दर्द दिख रहा है आपके एक एक शेअर मे,सुंदर अभिव्यक्ति है,वैसे आप को मैं बता देना चाहता हू कि कुछ अच्छे ग़ज़लकार ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार मे शामिल है जो नई प्रतिभा को हमेशा सहयोग करते रहते है और उनके प्रतिभा को निखारने का प्रयास करते रहते है,बहुत बहुत शुक्रिया आपके पहले पोस्ट के लिये आगे भी आपकी रचनाओ का इन्तजार रहेगा,

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