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बैसाखी की सबको शुभकामनाये (दस माहिया)

 बैसाखी  की  सबको शुभकामनाये

 (दस माहिया)

(१)

कोठे पे वो पाखी

नाच रहा देखो

अज आई बैसाखी 

 

(२)

गेहुओं की बालियाँ

फसल कटी देखो

नच पीट के तालियाँ

 

(३)

नच लें औ गायें हम  

आई बैशाखी

नव वर्ष मनाएँ हम 

 

(४)

करो तन मन चंगा जी

आज धरा पर खुद

उतरी थी गंगा जी

( ५ )

गुरु गोविंद सिंह हुए

बना खालसा पन्थ

जग में मशहूर हुए

 

(६  )

तोड़ा गुलामी  रिंग

रूढ़ीवाद मिटा  

बना निर्बल को  सिंह

 

(७)

अमृतसर या काँगड़ा

नच पंजाब रहा

गिद्दा और भाँगड़ा 

 

(८)

लम्हे न्यारे न्यारे

शबद औ कीर्तन से

सम्मानित पञ्च प्यारे

 

(९ )

केरल भी मनाता है

दिन बैसाखी  का

वहाँ ‘विशु’ कहलाता है   

 

(१०)

रब दूर करेगा गम

दिन है खुशियों का

मिलजुल के मना लें हम

(मौलिक एवं अप्रकाशित )

 

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Comment

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Comment by shree suneel on April 14, 2015 at 10:49am
कोठे पे वो पाखी
नाच रहा देखो
अज आई बैसाखी


गेहुओं की बालियाँ
फसल कटी देखो
नच पीट के तालियाँ"
सुन्दर, इस अति सुन्दर रचना के लिए बधाईयाँ एवं शुभकामनाएं आदरणीया.

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 14, 2015 at 8:50am

मिथिलेश भैया ,आपको माहिया पसंद आये बहुत बहुत शुक्रिया ...असली आनंद तो माहिया गाकर आता है इनकी इतनी प्यारी लय होती है जो सुनने में बहुत अच्छी लगती है |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on April 14, 2015 at 7:54am
आदरणीया राजेश दीदी बैसाखी पर बहुत सुन्दर माहिया। हार्दिक बधाई और आभार इस प्रस्तुति पर।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 13, 2015 at 8:55pm

कृष्ण मिश्रा जी ,बहुत- बहुत शुक्रिया ..सच में आज किसानो के हालात सही नहीं है पर सब दिन एक से नहीं रहेंगे उम्मीद पे दुनिया कायम है हमारा तो पैत्रक व्यवसाय  कृषि ही है प्राकर्तिक ,राजनैतिक समस्याओं से दो चार सदा से होते ही आये हैं. 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 13, 2015 at 8:51pm

बहुत बहुत शुक्रिया आ० डॉ० विजय शंकर जी | 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 13, 2015 at 8:49pm

आ० श्याम नारायण जी ,माहिया  आपको पसंद आये दिल से आभार आपका |

Comment by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri on April 13, 2015 at 8:18pm

सुन्दर रचना पर बधाई आदरणीय! इस साल मेरे ख्याल से पूरे भारत का  किसान बैसाखी मनाने की स्थिति में नही है, किसानो की आत्महत्या की ख़बरों से हर कहीं सुर्खियों में है!ईश्वर इस मुश्किल घड़ी से सामना करने का उन्हें हौसला दे!

Comment by Dr. Vijai Shanker on April 13, 2015 at 6:15pm
बहुत खूब,बैसाखी की शुभकामनायें , सादर।
Comment by Shyam Narain Verma on April 13, 2015 at 1:26pm

उम्दा प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई. 

सादर ....


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 13, 2015 at 1:07pm

आ० योगराज जी,माहिया प्रस्तुति को सर्वप्रथम आपका आशीर्वाद मिला इस माहिया प्रतिक्रिया हेतु दिल से आभार आपका|बैसाखी की स्पेलिंग गलत हो गई है इसको अभी एडिट करती हूँ |  

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