For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

हार्इकू (सत्ता ही भत्ता)

//1//


कन्या कुमारी
फैशन की बीमारी
पार्क घुमा री!

//2//


सुन्दर बेटी
भारतीय संस्कार
फूटती ज्वाला।

//3//


बेटी गहना
जुआरी क्या कहना
नेता आर्इना।

//4//


जय माता दी!
धार्मिक बोलबाला
देश में हिंसा।

//5//


लोक तंत्र क्या?
बलवा-व्यभिचार
जनता उदास।

//6//


बेरोजगार
हिंसा का पुरजोर
सत्ता ही भत्ता।

//7//


कटटरवाद
मानसिक विक्षिप्त
दंगा व्यसनी।

के0पी0सत्यम-मौलिक व अप्रकाशित

Views: 690

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on October 24, 2013 at 7:55pm

आ0 सौरभ सर जी,  आपके स्नेह, आशीर्वचन और उत्साहवर्धन हेतु आपका तहेदिल से बहुत-बहुत आभार।  सादर

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on October 24, 2013 at 7:54pm

आ0 अन्नपूर्णा जी,  आपके स्नेह और उत्साहवर्धन हेतु आपका  हार्दिक आभार।  सादर,

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on October 24, 2013 at 7:53pm

आ0 अभिनव अरून भार्इ जी,  सामाजिक विडबंनाओं और उनके मूलजड़ों की विसंगतियों में जाकर सोचना और प्रयोग करना मुझे अच्छा लगता है। अब कहां तक मैं न्यायोचित और तथ्यपरक बातों का उजागर कर पाता हूं। यह सब आप सभी सुधीजनों के अनुमोदन व आशीर्बचनों से उत्साहपूर्ण टिप्पणियां पाकर धन्य हो जाता हूं। आपके स्नेह और उत्साहवर्धन हेतु आपका  आपका हार्दिक आभार।  सादर,

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on October 24, 2013 at 7:51pm

आ0 विजय सर जी,  हार्इकू रचना पर अपार स्नेह, अनुमोदन और उत्साहवर्धन हेतु आपका हार्दिक आभार।  सादर,

Comment by vijay nikore on October 24, 2013 at 6:37pm

सुन्दर हाइकु। बधाई।

 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on October 24, 2013 at 6:21pm

आदरणीय केवल भाई , सुन्दर हाईकू रचना के लिये आपको बधाई !!!!

कन्या कुमारी
फैशन की बीमारी
पार्क घुमा री!   -------- लाजवाब !!!!!

Comment by Dr Ashutosh Mishra on October 24, 2013 at 4:52pm

लाजबाब हाइकू ...आदरणीय केवल जी हाइकू तो बहुत पढ़े पर आपका प्रयास बेहद पसंद आया ..तहे दिल बधाई स्वीकारें 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on October 24, 2013 at 2:39pm

भाई केवल जी, आपके हाइकु भा गये.

यह तो बहुत ही भेदक है.

जय माता दी!
धार्मिक बोलबाला
देश में हिंसा।

आपका प्रयास गहन हुआ है. हार्दिक बधाई.

Comment by annapurna bajpai on October 24, 2013 at 12:50pm

आदरणीय केवल भाई जी सुंदर हाइकु , हर एक हाइकु अपने मे अलग है , बहुत बधाई आपको । 

Comment by Abhinav Arun on October 24, 2013 at 11:01am

आ. केवल जी बड़ी हट के ..अलग अंदाज़ में हैं ये हाइकू बहुत बधाई ..सोचने को विवश कर रही हैं आपकी पंक्तियाँ !!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
18 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
yesterday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service