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नए साल की नई सुबह

पुराने साल को अलविदा, नए साल का स्वागतम
पुराने अनुभवों से नया गीत गायेंगे हम
नई उमंगें, नई तरंगे लेकर आया नया साल
नए वादों, नए इरादों से नई कहानी लिखेंगे हम

बुराइयों को मिटाकर
अच्छाइयों को अपनाकर
काँटों पर राह बनाकर
नई मंजिलें पाएंगे हम

बेटियां दामिनी बन तड़प-तड़प नहीं मरेगी अब
कल्पना ,सुनीता बन चाँद को घर बनाएँगी अब
आतंकवादी ,बलात्कारी को फांसी पर चढ़ायेंगे अब
भ्रष्टाचार मिटाकर विकसित भारत बनायेंगे हम

सर्व धर्म समभाव बनाकर
जाति धर्म का भेद मिटाकर
रामराज का गीत गाकर
विजयी भारत बनायेंगे हम

नए
साल की नई सुबह में खाते है यही कसम
नित नए पेड़ लगाकर धरा हरा रखेंगे हम
भूख ,गरीबी ,बेकारी मूल से मिटायेंगे हम
अमर शहीदों के वलिदानों को व्यर्थ नहीं गवाएंगे हम
खाते है यही कसम

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Comment by Dr.Ajay Khare on December 31, 2012 at 4:18pm

sharma madam naye saal ki esse badia kamna nahi ho sakti badhai

Comment by shubhra sharma on December 30, 2012 at 6:25pm

अनंत जी आपको   धन्यवाद

Comment by shubhra sharma on December 30, 2012 at 6:24pm

अशोक जी आपको बहुत बहुत  धन्यवाद

Comment by shubhra sharma on December 30, 2012 at 6:23pm

बागी जी आपकी प्रेरणादायी अभिव्यक्ति हेतु धन्यवाद 

Comment by अरुन 'अनन्त' on December 30, 2012 at 11:40am

आदरणीया बेहद प्रेरणादाई प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई, प्रभु ऐसा ही करें नव वर्ष सभी का मंगलमय हो.

Comment by Ashok Kumar Raktale on December 30, 2012 at 11:10am

हर कसम है बार बार, सुन्दर रचना के लिए बधाई स्वीकारें आदरेया.


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 30, 2012 at 10:33am

आदरणीया शुभ्रा जी, सर्वप्रथम तो ओ बी ओ ब्लॉग में आपकी कविता का बहुत बहुत स्वागत है, भूत काल के अनुभवों से सीख लेकर यदि वर्तमान को सवार सकें तो इससे बड़ी बात क्या होगी, नव वर्ष मे नव संकल्प लेने की प्रेरणा देती अच्छी कविता है | इस अभिव्यक्ति पर बधाई स्वीकार करें |

Comment by shubhra sharma on December 30, 2012 at 8:51am

हार्दिक धन्यवाद niraj ji

Comment by aashukavi neeraj awasthi on December 29, 2012 at 11:40pm

सुन्दरतम भाव भरी रचना रचने के लिए बढ़ायी स्वीकार करे आदरणीय शुभ्रा जी

Comment by shubhra sharma on December 29, 2012 at 9:30pm

श्याम नारायण वर्मा जी को धन्यवाद

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