For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

समस्त ओ बी ओ परिवार की ओर से स्वात घाटी की निर्भीक बेटी मलाला के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ हेतु मंगलकामनाएं ....


 

 

 

 

 

 

 

 

स्वात घाटी की निर्भीक बेटी मलाला को समर्पित 

सुन्दरी सवैया

अधिकार मिले सब शिक्षित हों बिखरे चहुँ ओर हि ज्ञान उजाला.

लड़ती जब जायज़ घायल क्यों सुकुमारि दुलारि पियारि 'मलाला'.

सब कष्ट हरौ अरु स्वस्थ करौ करि आज कृपा पुनि दीनदयाला.

अति क्रूर व निर्दय ये अधमी तलिबानहि दें यहि लोक निकाला..

इं० अम्बरीष श्रीवास्तव 'अम्बर'

                                                  

Views: 853

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Er. Ambarish Srivastava on October 15, 2012 at 1:26pm

धन्यवाद श्री राजेश जी !

Comment by राजेश 'मृदु' on October 15, 2012 at 1:19pm

इतनी सुंदर रचना द्वारा प्रभु से निवेदन जरूर रंग लाएगी, सादर

Comment by Er. Ambarish Srivastava on October 15, 2012 at 1:09pm

धन्यवाद विनीता जी !

Comment by Vinita Shukla on October 15, 2012 at 1:00pm

साधुवाद इन सुन्दर पंक्तियों के लिए.

Comment by Er. Ambarish Srivastava on October 15, 2012 at 11:54am

धन्यवाद प्रिय पीयूष जी, आपके यह वचन अवश्य ही सत्य होंगे ! 

Comment by Er. Ambarish Srivastava on October 15, 2012 at 11:53am

सुप्रभात भाई संदीप जी, आप द्वारा की गयी शुभकामनाओं के लिए हार्दिक आभार !

Comment by Er. Ambarish Srivastava on October 15, 2012 at 11:52am

बालिका के प्रति शुभकामना व् छंद की सराहना के लिए बहुत  बहुत धन्यवाद आदरेया सीमाजी !

Comment by पीयूष द्विवेदी भारत on October 15, 2012 at 11:24am

आदरणीय अम्बरीष जी, बेशक, वीर कन्या मलाला अति शीघ्र स्वस्थ होकर अपने परिजनों के साथ होगी !

इस लाजवाब सवैया हेतु आपको बधाई !

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on October 15, 2012 at 9:42am

आदरणीय अम्बरीश सर जी सादर प्रणाम
आपने समस्त ओ बी ओ की ओर से ऐसी दुआ की पढ़ कर मन भाव विभोर हो गया
हम यही मंगलकामना करते हैं की "वीरांगना मलाला" शीघ्र अति शीघ्र स्वस्थ और शकुशल अपने परिजनों के साथ हो

Comment by seema agrawal on October 14, 2012 at 10:19pm

बहुत सुन्दर छंद अर्पित किया है आपने उस वीरबाला को आपके ही शब्द पुनः दोहराऊंगी मलाला के लिए 

सब कष्ट हरौ अरु स्वस्थ करौ करि आज कृपा पुनि दीनदयाला.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय जी ।सृजन समृद्ध हुआ…"
20 minutes ago
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । आपका संशय और सुझाव उत्तम है । इसके लिए…"
22 minutes ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आयोजन में आपकी दूसरी प्रस्तुति का स्वागत है। हर दोहा आरंभ-अंत की…"
43 minutes ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आपने दोहा मुक्तक के माध्यम से शीर्षक को क्या ही खूब निभाया है ! एक-एक…"
50 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२१२२/२१२२/२१२ **** तीर्थ  जाना  हो  गया  है सैर जब भक्ति का हर भाव जाता तैर जब।१। * देवता…See More
7 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"अंत या आरंभ  --------------- ऋषि-मुनि, दरवेश ज्ञानी, कह गए सब संतहो गया आरंभ जिसका, है अटल…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा पंचक  . . . आरम्भ/अंत अंत सदा  आरम्भ का, देता कष्ट  अनेक ।हरती यही विडम्बना ,…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा मुक्तक. . . . . आदि-अन्त के मध्य में, चलती जीवन रेख ।साँसों के अभिलेख को, देख सके तो देख…"
yesterday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"नमस्ते, सुशील जी। आप से मिली सराहना बह्त सुखदायक है। आपका हार्दिक आभार।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा एकादश. . . . . पतंग

मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
Wednesday
Admin posted discussions
Tuesday
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 175

 आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service