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याद आते है वो लम्हे....

याद आते है वो लम्हे तो आँखो से आँसू छलक जाते है,
वो किताबो वाले दिन बडी मुश्किल से मिलते है,
हम तो यादो मे जलते है पर वो कहीं और रहते है,
याद आते है वो लम्हे तो आँखो से आँसू छलक जाते है,

वो घंटो बाते करना उनकी सूरतें निहारना,
कभी उनकी मुस्कुराट तो कभी जुल्फों को संवारना ,
उनके दीदार  के लिए घंटों इंतजार करना,
याद आते है वो लम्हे तो आँखो से आँसू छलक जाते है,

रातो को न आती थी नीन्द करवटो मे कटती थी राते,
राहो मे मुश्किलों से होती थी बाते,
अब तो अँखियो से सिर्फ आँसू ही बहते है,

याद आते है वो लम्हे तो आँखो से आँसू छलक जाते है,

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Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on July 25, 2012 at 11:59pm

हम तो यादो मे जलते है पर वो कहीं और रहते है,..

वो जहां भी रहें सुकून और चैन से रहें और चैन से रहने दें ..मन को ताजगी देती रचना 
भ्रमर ५ 

 

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