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Rachna Bhatia
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  • Aazi Tamaam
  • अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी
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Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय अमित जी,शुभ संध्या। सर् की इस्लाह और आपकी राय के बाद कुछ सुधार किए हैं। बहुत बारीकी से ग़ज़ल पर राय देने के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
Dec 29, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीया मंजीत कौर जी नमस्कार। आपका हार्दिक धन्यवाद।"
Dec 29, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय शिज्जु शकूर जी नमस्कार। जी,सही कहा आपने, आपका हार्दिक धन्यवाद।"
Dec 29, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार।सर्, फिर से मतला ठीक करने की कोशिश की है "जज़्बात से बढ़ा ली मसाफ़त है आजकल  मिलने मिलाने की नहीं फ़ुरसत है आजकल" साथ ही पहले वाले मतले को शे'र में ढालने की कोशिश की है "पैसा ही माई बाप…"
Dec 29, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय अजय जी नमस्कार।जी, बिल्कुल आवश्यक सुधार कर दिए हैं। उन पर सर् की इस्लाह का इंतज़ार है।"
Dec 29, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार।सर्, फिर से मतला ठीक करने की कोशिश की है "जज़्बात से बढ़ा ली मसाफ़त है आजकल  मिलने मिलाने की नहीं फ़ुरसत है आजकल" साथ ही पहले वाले मतले को शे'र में ढालने की कोशिश की है "पैसा ही माई बाप…"
Dec 29, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय नीलेश शेवगांवकर जी नमस्कार। जी बिल्कुल, ग़ज़ल में आवश्यक सुधार करती हूँ। सादर।"
Dec 29, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय जयनित कुमार मेहता जी नमस्कार।जी बिल्कुल। हार्दिक धन्यवाद।"
Dec 29, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय अमित जी नमस्कार। ग़ज़ल तक आने तथा राय देने के लिए बेहद शुक्रिय: आदरणीय समर कबीर सर् की इस्लाह आने के बाद आवश्यक सुधार करती हूँ। सादर। आदरणीय "जर्ह" से मेरी मुराद बेवज्ह की बहस से है। सादर। सुझाव आमंत्रित है।"
Dec 29, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय जयनित कुमार मेहता जी नमस्कार। गुणिजनों की इस्लाह के अनुसार ग़ज़ल में बदलाव होने पर अच्छी ग़ज़ल हो जाएगी। बधाई स्वीकार करें।"
Dec 28, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय शिज्जु शकूर जी नमस्कार।उम्द: ग़ज़ल कहने के लिए हार्दिक बधाई।"
Dec 28, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय नीलेश शेवगांवकर जी नमस्कार। बहुत उम्दा ग़ज़ल कही आपने। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Dec 28, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"221 2121 1221 212 1 दिल की कहाँ किसी को ज़रूरत है आजकल  पैसा ही माई बाप महब्बत है आजकल  2 जज़्बात से बढ़ा ली मसाफ़त है आजकल  आँखों को आँसुओं से भी राहत है आजकल 3 बर्बाद ख़्वाब करने से ख़ुद को बचाइए बाज़ार में उन्हीं की तिज़ारत है…"
Dec 28, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय अमीरुद्दीन अमीर जी नमस्कार। बेहतरीन ग़ज़ल कहने के लिए बधाई स्वीकार करें।"
Dec 28, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-162
"आदरणीय अमित जी नमस्कार। बेहतरीन ग़ज़ल हुई बधाई स्वीकारें।सिह्हत के बारे में नई जानकारी मिली। धन्यवाद।"
Dec 28, 2023
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-161
"आदरणीय अमीरुद्दीन अमीर जी नमस्कार। बेहतरीन ग़ज़ल कही है आपने। बधाई स्वीकार करें।"
Nov 25, 2023

Profile Information

Gender
Female
City State
Delhi
Native Place
Delhi
Profession
Teacher
About me
nothing special... just start my journey ....

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ग़ज़ल - मुझे ग़ैरों में शामिल कर चुका है

2122 2122 2122

1

वो ज़रा-सा सिरफ़िरा कुछ मनचला है

जो महब्बत के सफ़र पर चल पड़ा है

2

मेरे दिल ने जो कहा मैंने किया है

काम फिर चाहे वो अच्छा या बुरा है

3

अक़्स आँखों में हमारी जो छिपा है

इस जहाँ के सबसे प्यारे शख़्स का है

4

है महब्बत एक चिंगारी कुछ ऐसी

दिल लगाने वाला ही इसमें जला है

5

बाद मुद्दत के मिला उससे तो जाना

वो मुझे ग़ैरों में शामिल कर चुका है 

6

कुछ कहे बिन और…

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Posted on May 17, 2023 at 11:30am — 7 Comments

आलेख - माँ की देखभाल औलाद की नैतिक जिम्मेदारी

माँ की देखभाल औलाद की नैतिक जिम्मेदारी

गाज़ियाबाद। इंदिरा चौधरी ने 85 साल की उम्र में जिस इकलौते बेटे की पैरवी करके जमानत कराई, उसे उन्होंने अकेले पाँच वर्ष की उम्र से पाला था। वह जब जेल से बाहर आया तो मां को साथ रखने के बजाय वृद्धाश्रम में छोड़ गया। वह बताती हैं कि वह वाराणसी में बेटे-बहू के साथ ही रह रही थीं। एक दिन अचानक बेटा बहू और पोते को लेकर लापता हो गया। पता चला कि वह जिस कंपनी में काम करता था, वहीं गबन कर गया। कंपनी के केस दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उसे तिहाड़ जेल में…

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Posted on March 9, 2023 at 10:17am — 5 Comments

ग़ज़ल - मेरे घर आज आ रहा है कोई

2122 1212 22

1

सोये जज़्बे जगा रहा है कोई 

दिल प हौले से छा रहा है कोई 

2

नज़रों से मय पिला रहा है कोई

मुझको मुझसे चुरा रहा है कोई

3

चाँद तारो न उम्र भर जाना

मेरे घर आज आ रहा है कोई

4

चन्दा कुछ देर ओढ़ ले बदरी

छत प मुझको बुला रहा है कोई

5

मुस्कुराहट सजा के होटों पर

इश्क करना सिखा रहा है कोई 

6

लौटना अपना मुस्तरद*करके

मेरा ओहदा बढ़ा रहा है…

Continue

Posted on March 8, 2023 at 8:17pm — 4 Comments

सदा - क्यों नहीं देते

221--1221--1221--122

1

आँखों में भरे अश्क गिरा क्यों नहीं देते

है दर्द अगर सबको बता क्यों नहीं देते

2

है जुर्म मुहब्बत तो सज़ा क्यों नहीं देते

गर रोग है तो इसकी दवा क्यों…

Continue

Posted on January 16, 2023 at 1:30pm — 14 Comments

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"आदरणीय महेन्द्र जी नमस्कार बहुत शुक्रिया आपका सादर"
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Euphonic Amit replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
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