For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ASHISH KUMAAR TRIVEDI
Share

ASHISH KUMAAR TRIVEDI's Friends

  • Sheikh Shahzad Usmani
  • amod shrivastav (bindouri)
  • CHANDRA SHEKHAR PANDEY
  • केवल प्रसाद 'सत्यम'
  • Samar Sharma
  • coontee mukerji
  • डॉ नूतन डिमरी गैरोला
  • Aarti Sharma
  • ram shiromani pathak
  • vijay nikore
  • भावना तिवारी
  • ajay yadav
  • राजेश 'मृदु'
  • Ashish Srivastava
  • deepti sharma
 

Welcome, ASHISH KUMAAR TRIVEDI!

Profile Information

Gender
Male
City State
LUCKNOW
Native Place
LUCKNOW
Profession
PRIVATE TUTOR
About me
I LIKE TO READ AND WRITE.

ASHISH KUMAAR TRIVEDI's Photos

  • Add Photos
  • View All

Comment Wall (5 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 9:30am on April 5, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

          आदरणीय, आशीष कुमार त्रिवेदी जी, सुप्रभात! यह जानकर बड़ी प्रसन्नता हुई कि आप भी लखनउ में रहते हैं। मैं भी गोमती नगर विस्तार, सहारा हास्पिटल के पीछे रहता हूं। मोबाइल नं- 9415541353 जी! आपको समय मिले तो बातें करते हैं। वैचारिक कथानको पर पूर्व में चर्चा एवं आपकी सहमत के उपरान्त ही ब्लाग पोस्ट किया करूं। आदर सहित,

At 1:35am on April 5, 2013, coontee mukerji said…

आदरणीय त्रिवेदी जी , मैं मॉरिशन हूँ .मेरी शादी लखनऊ में हुई है . पति का नाम डॉक्टर

शरदिंदु मुकर्जी है.इन्हीं के बदौलत मैं अच्छी हिंदी बोलने की कोशिश करती हूँ .मेरी भाषा

french है.अब मैं हिंदी में लेखन करती हूँ.आशा है आपसे भी बहुत कुछ सिखने को मिलेगा

धन्यवाद

At 2:24pm on April 4, 2013, coontee mukerji said…

त्रिवेदी जी नम्मस्कार,आपका मित्र के रूप में स्वागत है. क्या आप लखनऊ में रहते हैं.

At 4:25pm on March 21, 2013, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…

आदरणीय त्रिवेदी जी 

सादर अभिवादन 

मित्र रूप में चयन हेतु आभार 

आशा  है ये स्नेह स्थायी होगा. 

धन्यवाद 

At 1:37pm on March 19, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

मित्रता का प्रस्ताव स्वीकारते हुए मुझे बेहद ख़ुशी हो रही है, श्री आशीष त्रिवेदी जी,आशा है हम आपस में विचारो के आदान प्रदान से बौद्धिक चिंतन की और अधिक ज्ञान अर्जित कर पायेंगे, स्वागत है आपका| हार्दिक शुभ मंगल कामनाए -लक्ष्मण प्रसाद लडीवाला 

ASHISH KUMAAR TRIVEDI's Blog

फ़ोकट का तमाशा {लघु कथा}

आज फिर कामिनी बाहर गली में आकर चिल्ला रही थी 'कोई भी नही बचेगा, सब को सजा मिलेगी. कानून किसी को नही छोड़ेगा.' सभी अपने अपने घरों से झांक रहे थे. उसका भाई इंदर उसे समझा बुझा कर भीतर ले जाने का प्रयास कर रहा था.

अपनी बहन की इस दशा से वह बहुत दुखी था. बड़ी मुश्किल से समझा बुझा कर वह उसे भीतर ले गया. कुछ देर तक अपने अपने घरों से बाहर झांकने के बाद सब भीतर चले गए.

कभी कामिनी भी एक सामान्य लड़की थी. एक कंपनी में नौकरी करती थी. कुछ ही समय में विवाह होने वाला था. अपने आने वाले भविष्य…

Continue

Posted on August 8, 2016 at 10:30am — 4 Comments

पारिवारिक सौहार्द

मानव समाज में पारिवारिक इकाई के अंतर्गत बच्चे युवा एवं बुजुर्ग तीन पीढ़ियों के लोग आते हैं। इन तीनों पीढ़ियों में आयु के अंतर के कारण सोंच में भी अंतर होता है। अक्सर सोंच  का यह अंतर आपसी टकराव का कारण बन जाता है।

सोंच में अंतर स्वाभाविक है। हर समय का…

Continue

Posted on May 5, 2013 at 11:00am — 11 Comments

पंचतंत्र की रोचक कहानियां और बच्चें

वर्तमान समय में हमारे बच्चों को मनोरंजन के अनेक साधन उपलब्ध हैं। इनमे सबसे प्रमुख है टी . वी . जिस पर प्रसारित होने वाले कार्टून बच्चों को बेहद पसंद आते हैं। पर बच्चे इनसे क्या सीखते हैं यह सोंच का विषय है।

कई कार्टून चरित्र जो बच्चों में बहुत लोकप्रिय हैं जैसे स्पाइडरमैन, बैटमैन, बेन टेन इत्यादि। बच्चे इन चरित्रों से बहुत…

Continue

Posted on April 25, 2013 at 11:30am — 7 Comments

तत् त्वम् असि

हम हैं कौन, हमारी वास्तविक पहचान क्या है, क्या हम महज हाड़ मांस से बने शरीर मात्र हैं या इससे भी अलग हमारी कोई पहचान है।

ये प्रश्न सृष्टि के…

Continue

Posted on April 21, 2013 at 11:30am — 8 Comments

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (... तमाशा बना दिया)
"मुहतरमा रचना भाटिया जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार। "
5 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (... तमाशा बना दिया)
"आदरणीय सुशील सरना जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद और ज़र्रा नवाज़ी का तह-ए-दिल से शुक्रिया।"
5 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . .
"आदरणीय सुशील सरना जी आदाब, शानदार अंदाज़ में 'दोहा पंचक' के रूप में प्रस्तुत की गयी आपकी…"
5 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post केवल बहाना खोज के जलती हैं बस्तियाँ - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आदरणीय लक्ष्मण धामी भाई मुसाफ़िर जी आदाब, सुंदर भावों से सुसज्जित अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद पेश…"
10 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"//आ. अमीरुद्दीन साहब, अर्थ विपर्यय पुनः हो जाएगा, अब । , और, वही दोष भी क्योकि में अथवा अब दोनों…"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post पाँच दोहे मेघों पर. . . . .
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी, सादर प्रणाम - सृजन पर आपकी आत्मीय सराहना और सुन्दर सुझाव का दिल से आभार ।…"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"//ज़माना यहाँ समय के लिए प्रयुक्त किया है। अतः को का प्रयोग उचित नहीं होगा। क्योंकि यहाँ पर कहन का…"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"//चलिए, माना, फिर भी, जनाब, 22 ( फैलुन ) पर एक ही साकिन की छूट होगी, 112 तक ही विस्तार मान्य है।…"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"आदरणीय दयाराम मेठानी जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और उत्साहवर्धन हेतु सादर आभार ।"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"जनाब अमित कुमार अमित जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद और ज़र्रा नवाज़ी का शुक्रिया।"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"//मैंने कुछ शेरों को ठीक करने का प्रयास किया है आपका मार्गदर्शन चाहूंगा। जानता है जो बखूबी तेरी…"
yesterday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-144
"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' जी तरही मिसरे पर अति सुंदर गज़ल के लिए हार्दिक बधाई।"
yesterday

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service