For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Albela Khatri's Comments

Comment Wall (32 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:56am on August 29, 2013, sanju shabdita said…

aapka bahut-bahut aabhar albela ji

At 9:05pm on July 23, 2013, Abhinav Arun said…

हार्दिक स्वागत कविश्रेष्ठ और पुनः हार्दिक बधाई !!

At 8:27pm on July 23, 2013, SANDEEP KUMAR PATEL said…
Saadar pranam sir ji
janm din ki aapko haardik shubhkaamanaayen
sneh aur asheesh ham anujon par banaye rakhiye
At 8:27pm on July 23, 2013, SANDEEP KUMAR PATEL said…
Saadar pranam sir ji
janm din ki aapko haardik shubhkaamanaayen
sneh aur asheesh ham anujon par banaye rakhiye
At 8:07pm on July 23, 2013, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिन की हार्दिक मंगल कामनाए | प्रभु आपको विकास पथ पर बढ़ते रहने में सक्षम बनावे |

आपक हमारा स्नेह बना रहे | सादर 

At 11:40pm on July 22, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 8:56pm on February 3, 2013, Aarti Sharma said…

आपका बहुत बहुत शुक्रिया सर...

At 9:48am on December 31, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

आदरणीय अलबेला भैया, आपको सपरिवार नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ.........

At 1:43pm on September 2, 2012, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…
अलबेला खत्रीजी,आप सभी का स्नेह और सहयोग मिलते रहने से ही मेरा उत्साह बढ़ा, जिसका परिणाम ही यह सम्मान है, इसके लिए आप सभी को ह्रदय से धन्यवाद |
At 10:19pm on August 17, 2012, Neelkamal Vaishnaw said…

बहुत बहुत धन्यवाद खत्री साहब 

At 11:25pm on July 23, 2012, UMASHANKER MISHRA said…

प्रिय अलबेला जी जन्म दिन की हार्दिक शुभ कामना... तुम जियो जितने साल....जिंदगी सदा रहे खुशहाल जो भी लिखो मचे बवाल,टिपण्णी पे हो  टिपण्णी सवालों पे सवाल, बिना  उबाल  गलती रहे दाल, झडे ना कभी बाल,शर्म से या खुशी से गुलाबी रहे गाल, मिटते रहे जंजाल, हम जैसे आफतों को झेलने मोटी रहे खाल

आज नाग पंचमी के पावन अवसर के साथ साथ  आपके  जन्म दिवस की बहुत बहुत बधाई

At 7:02pm on July 23, 2012, Admin said…


At 5:09pm on July 23, 2012, Er. Ambarish Srivastava said…

ओबिओ पर पाइए जी,  हम सभी का प्यार. 

जन्म दिन पर गुलगुलों की, आज हो बौछार .

जिंदगी भर मस्तियों का , गीत गूंजे  यार.

लें बधाई आज हमसे , छंद से अभिसार ..   सादर

At 11:36am on July 23, 2012, SANDEEP KUMAR PATEL said…

आदरणीय अलबेला सर जी को जन्मदिन की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं
आपके लिए ग़ज़ल लिखी है साहब

जन्म दिवस की बहुत बधाई बाबा जी
बाँट रहे हो कहाँ मिठाई बाबा जी

खींच रहे तस्वीर जमाने की अब तो
लेख लिखें या करें खिंचाई बाबा जी

हँस हँस के सब लोट पोट हो जाते हैं 
भांग खिला के चरस पिलाई बाबा जी

गाल गुलाबी जिनके ये करके आये
सूरत उसने नहीं दिखाई बाबा जी

दीप खड़ा उनके ही बस गुण गान करे
खूब रही जो कथा सुनाई बाबा जी

जन्म दिवस की बहुत बधाई बाबा जी
बाँट रहे हो कहाँ मिठाई बाबा जी

At 9:13pm on July 22, 2012, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

 उठाते ही पहले प्रातः बेला, 

प्रथम यही पढना अलबेला |
छोटा भाई नहीं रहा अब चेला 
अब तो गुरु बन गया अलबेला 
जन्म दिन की हार्दिक बधाई, 
यह नहीं केवल रस्म निभाई |
-लक्ष्मण प्रसाद लडीवाला,जयपुर 
At 12:10pm on July 20, 2012, Harash Mahajan said…

श्री अलबेला जी आपको ओबीओ मंच पर महीने का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर हार्दिक शुभकामनाएँ.....मैं इस मंच पर एक नया सदस्य हूँ ......आपकी रचना पढ़ी बहुत ही सुंदर लगी ..."जिनके सर पर बाल नहीं हैं बाबा जी " ।

उम्मीद है आप से और बाकी सदस्यों से यहाँ बहुत कुछ सीख पायेंगे ..और हमें प्रेरित करते रहेंगे ..

शुक्रिया


हर्ष महाजन ।

 

At 10:50am on July 16, 2012, PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA said…
आदरणीय अलबेला खत्री जी, 
saadar    अभिवादन.  
माह का सक्रीय सदस्य चुने जाने हेतु बधाइयाँ.
आपकी सक्रियता हमें हमेशा प्रेरित करती रहे.
At 12:18am on July 10, 2012, SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR said…
आभार और स्वागत आप का अलबेला भाई ..
नैन न जाने कहाँ खो गए ..थे अब दौड़े आये ( आप की प्यारी प्रतिक्रिया देख )
गले मिलन तुमसे हैं आतुर श्याम सुदामा की गति पाए 
भ्रमर ५ 
भ्रमर का दर्द और दर्पण 
At 11:57pm on July 5, 2012, SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR said…

आदरणीय अलबेला जी आप की सक्रियता ने आखिर वो मुकाम ला ही दिया महीने का सक्रीय सदस्य चुने जाने हर हार्दिक बधाई आप की विजयवाड़ा दक्षिण की यात्रा मंगलमय हो ...

आभार 
भ्रमर 5 
भ्रमर का दर्द और दर्पण  
At 7:12pm on July 4, 2012, संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी' said…
श्री अलबेला जी आपको ओबीओ मंच पर महीने का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित हैं|

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post न इतने सवाल कर- ग़ज़ल
" आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, आपकी हौसलाअफजाई और मार्गदर्शन का…"
1 hour ago
रवि भसीन 'शाहिद' posted a blog post

चीन के नाम (नज़्म - शाहिद फ़िरोज़पुरी)

212  /  1222  /  212  /  1222दुनिया के गुलिस्ताँ में फूल सब हसीं हैं परएक मुल्क ऐसा है जो बला का है…See More
2 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' posted blog posts
2 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post न इतने सवाल कर- ग़ज़ल
"आदरणीय बसंत कुमार शर्मा साहिब, बहुत ख़ूब ग़ज़ल कही आपने, इस पर दाद और मुबारकबाद क़ुबूल करें।…"
3 hours ago
Samar kabeer commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post चीन के नाम (नज़्म - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"ठीक है, एडिट कर दें ।"
5 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

ख़्वाबों के रेशमी धागों से .......

ख़्वाबों के रेशमी धागों से .......कितना बेतरतीब सा लगता है आसमान का वो हिस्सा जो बुना था हमने…See More
6 hours ago
बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

न इतने सवाल कर- ग़ज़ल

मापनी २२१२ १२१२ ११२२ १२१२  प्यारी सी ज़िंदगी से न इतने सवाल कर,जो भी मिला है प्यार से रख ले सँभाल…See More
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

मगर हम स्वेद के गायें - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

१२२२ × ४ कहीं पर भूख  पसरी  है  फटे कपड़े पुराने हैं भला मैं कैसे कह दूँ ये सभी के दिन सुहाने हैं।१।…See More
6 hours ago
सालिक गणवीर's blog post was featured

ग़ज़ल ( जाना है एक दिन न मगर फिक्र कर अभी...)

(221 2121 1221 212)जाना है एक दिन न मगर फिक्र कर अभी हँस,खेल,मुस्कुरा तू क़ज़ा से न डर अभीआयेंगे…See More
6 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद''s blog post was featured

चीन के नाम (नज़्म - शाहिद फ़िरोज़पुरी)

212  /  1222  /  212  /  1222दुनिया के गुलिस्ताँ में फूल सब हसीं हैं परएक मुल्क ऐसा है जो बला का है…See More
6 hours ago
Sushil Sarna's blog post was featured

550 वीं रचना मंच को सादर समर्पित : सावनी दोहे :

गौर वर्ण पर नाचती, सावन की बौछार। श्वेत वसन से झाँकता, रूप अनूप अपार।। १ चम चम चमके दामिनी, मेघ…See More
6 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post पीपल वाला गाँव नहीं है-ग़ज़ल
"आदरणीय समर कबीर साहब सादर नमस्कार आपको, आपकी हौसलाअफजाई के लिए बेहद शुक्रगुजार हूँ, आप पारिवारिक…"
6 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service