For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

(1) घपला !
घोटाला !
सुर्खियाँ !
मीडिया !
जाँच आयोग !
पुन: जाँच आयोग !
परिणाम -
शून्य ! शून्य ! शून्य !!
(2) इन दिनों मैं
एक अजीबों गरीब
बीमारी का शिकार हूँ
लक्षण यह है कि -
समाजों में रहने और
इंसानों से डरने लगा हूँ ।
(3) हत्या ! लूट !!
बलात्कार ! बलवा !!
मुक़द्दमा !
तारीख़ें !
सज़ा !
जेलों में सुविधा ।
मौलिक एवं अप्रकाशित ।

Views: 333

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Mohammed Arif on October 30, 2017 at 10:17pm
बहुत-बहुत आभार आदरणीया कल्पना भट्ट जी ।
Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on October 30, 2017 at 9:02pm

बेहद सटीक रचना हुई है जनाब मोहम्मद आरिफ साहब, बधाई स्वीकारें|

Comment by Mohammed Arif on October 29, 2017 at 12:19pm
बहुत-बहुत आभार आदरणीय बृजेश कुमार जी ।
Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on October 29, 2017 at 11:49am
सुंदर सटीक रचना के लिए बधाई स्वीकार करें आदरणीय...
Comment by Mohammed Arif on October 26, 2017 at 11:09pm
आली जनाब। मोहतरम समर कबीर साहब आदाब, आपकी हौसला अफ़ज़ाई वाली टिप्पणी से अभिभूत हूँ । बहुत-बहुत शुक्रिया ।
Comment by Mohammed Arif on October 26, 2017 at 11:07pm
आदरणीय वजय शकर जी आदाब, कटाक्षिकाओं पर अपनी अमूल्य टिप्पणियों से पोषित करने का आभार । सादर ।
Comment by Dr. Vijai Shanker on October 26, 2017 at 8:35pm
आदरणीय मोहम्मद आरिफ जी , तीनों कटाक्षिकाएँ , सुन्दर , सारगर्भित एवं विचारोत्तेजक हैं।
घोटालों का शोर बहुत होता है ,
बस शोर ही बहुत होता है।
किसी न किसी को तो लाभ भी होता है।
बस वही नहीं पता होता है।
बधाई, सादर।
Comment by Mohammed Arif on October 26, 2017 at 5:44pm
आदरणीय सलीम रज़ा साहब रचना पर प्रतिक्रिया देकर पोषित करने का बहुत-बहुत आभार ।
Comment by Mohammed Arif on October 26, 2017 at 5:42pm
आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी कटाक्षिकाओं पर त्वरित सटीक टिप्पणी देने का बहुत-बहुत आभार ।
Comment by Samar kabeer on October 26, 2017 at 5:42pm
जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहिब आदाब,अच्छी क्षणिकाएं लिखीं आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" posted a blog post

दो शब्द दृश्य (गणेश जी बाग़ी)

प्रथम दृश्य : शांति===========माँ ने लगाया चांटा...मैं सह गयी,पापा ने लगायाथप्पड़..मैं सह गयी,भाई ने…See More
6 minutes ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post जीवन्तता
"आपका हार्दिक आभार, भाई समर कबीर जी।"
yesterday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post जानता हूँ मैं (ग़ज़ल)
"आदरणीय समर कबीर साहब, सादर प्रणाम। मैं धन्य हो आपसे शाबाशी पाकर। बहुत शुक्रिया सर।"
yesterday
Samar kabeer commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post जानता हूँ मैं (ग़ज़ल)
"//काफ़िर नहीं शिकार किसी बद-दुआ का हूँ/      शह्र-ए-बुतां की धूल जो अब छानता हूँ…"
yesterday
Dr. Chandresh Kumar Chhatlani posted a blog post

मेरे ज़रूरी काम / अतुकांत कविता / चंद्रेश कुमार छतलानी

जिस रास्ते जाना नहींहर राही से उस रास्ते के बारे में पूछता जाता हूँ।मैं अपनी अहमियत ऐसे ही बढ़ाता…See More
yesterday
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post कान और कांव कांव(लघुकथा)
"आपका बहुत बहुत आभार आदरणीय चंद्रेश जी।"
yesterday
Dr. Chandresh Kumar Chhatlani commented on Manan Kumar singh's blog post कान और कांव कांव(लघुकथा)
"गजब की रचना। बहुत-बहुत बधाई इस सृजन हेतु।"
yesterday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post जानता हूँ मैं (ग़ज़ल)
"आदरणीय समर कबीर साहब, सादर प्रणाम। ग़ज़ल को अपने आशीर्वाद से नवाज़ने के लिए आपका बहुत आभारी हूँ। सर,…"
yesterday
Dr. Chandresh Kumar Chhatlani updated their profile
yesterday
Samar kabeer commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post जानता हूँ मैं (ग़ज़ल)
"जनाब रवि भसीन 'शाहिद' जी आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें…"
yesterday
Samar kabeer commented on मोहन बेगोवाल's blog post तरही ग़ज़ल
"जनाब मोहन बेगोवाल जी आदाब,ओबीओ के तरही मिसरे पर ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें…"
yesterday
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post धरणी भी आखिर रोती है
"हार्दिक धन्यवाद आपका"
yesterday

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service