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पिता (पितृ दिवस विशेष)

पिता संबल है , सहारा है ,
पिता आहुति है , उजियारा है ।
पिता साहस है , आधार है ,
पिता ग़लतियों पर वार है ।
पिता बच्चों का संसार है ,
पिता कुसंग को ललकार है ।
पिता समाज पर उपकार है ,
पिता सच्चाई की पुकार है ।
मौलिक एवं अप्रकाशित ।

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Comment

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Comment by Mohammed Arif on June 23, 2017 at 11:10pm
बहुत-बहुत आभार आदरणीय गोपाल नारायण जी । लेखन सार्थक हुआ ।
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on June 23, 2017 at 10:17pm

पिता  के प्रति  आपकी भावनाओं का समादर करता हूँ

Comment by Mohammed Arif on June 18, 2017 at 8:49pm
रचना सराहना और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत-बहुत आभार । आपको भी पितृ दिवस की बधाई ।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on June 18, 2017 at 8:35pm

बहुत सुंदर ...बहुत सुंदर.. पितृदिवस  की हार्दिक बधाई 

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