For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आज 'उनका' फ़ोन आया था।फोन तो रोज ही आता था पर आज कुछ ख़ास बात कही आता उन्होंने। उन्होंने कहा,"अब शादी का दिन करीब आ रहा है थोड़ी 'डाइटिंग' कर लो। माँ कह रही थी कि स्टेज पर बैठेगी तो पतली ही अच्छी लगेगी। अभी दो महीने हैं। मैं तुम्हे 'डाइट प्लान' और योग की सीडी भेज दूँगा,प्लीज मेरे लिए करोगी न।"
शब्द घर कर गए दिल में,अब घबराहट होने लगी थी कि पतली न हुई तो 'उनकी' माँ और 'वो' क्या सोचेंगे मेरे बारे में....
अब रह रह कर माँ और भाई की बाते याद आ रही थी...कितना टोकते थे मुझे....मीठा खाने और मलाई खाने से रोकते थे...और मैं चिढ कर उन्हें ही बुरा भला कह देती थी...पर सच को पछाड़ा नही जा सकता...ससुराल भी जाना ही है...अच्छा भी लगना ही है...फिर क्यू माँ और भाई को कोसती थी कि भाई को तो चुपड़ी रोटी देती हो और मुझे घी सूंघने भी नहीं मिलता। काश माँ और भाई की बात सुनी होती तो आज उनकी और उनकी माँ के ये शब्द न सुनने पड़ते।

.
(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 148

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by सतविन्द्र कुमार राणा on December 29, 2015 at 11:58pm
सुंदर अति सुंदर।
Comment by नयना(आरती)कानिटकर on December 29, 2015 at 11:26pm

 कोई बात नहीं देर आए दुरुस्त आए :)

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"सर्वप्रथम आयोजन में आपकी प्रथम प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई। बढिया समसामायिक रचना , आज वैश्विक…"
20 minutes ago
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"गरिमा . " मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूँ , और सब की छोड़ मैं अम्मा तक को भुला सकता हूँ।…"
38 minutes ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"मर्यादा प्लेटफॉर्म पर रेलगाङी पर चढने की अफरा-तफरी मची हुई थी।यकायक भागती भीड़ किसी बच्चे के रोने…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post भूख तक तो ठीक था - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति से मान व उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मजदूर अब भी जा रहा पैदल चले यहाँ-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. तेजवीर जी, सादरअभिवादन  ।  रचना पर उपस्थिति और सराहना के लिए आभार । "
5 hours ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़़ज़़ल- फोकट में एक रोज की छुट्टी चली गई
"आदरणीय तेजवीर सिंह जी ग़ज़ल सराहना एवं उत्साह वर्धन के लिये सादर आभार"
5 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post आपने मुझ पे न हरचंद  नज़रसानी की (१०५ )
"आदरणीय TEJ VEER SINGH जी , बे'पनाह, मुहब्बतों, नवाज़िशों का दिल से बे'हद…"
6 hours ago
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " commented on Rupam kumar -'मीत''s blog post आज कल झूठ बोलता हूँ मैं
"रूपम कुमार जी, 'हम' कोई नहीं हैं जो किसी का एक मिसरा भी मुकम्मिल करा सकें। मैं भी आपकी…"
6 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post मजदूर अब भी जा रहा पैदल चले यहाँ-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"हार्दिक बधाई आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।बेहतरीन गज़ल। मजदूर सह…"
7 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post आपने मुझ पे न हरचंद  नज़रसानी की (१०५ )
"हार्दिक बधाई आदरणीय गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत '  जी।बेहतरीन गज़ल। ख़ूब हुशियार…"
7 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़़ज़़ल- फोकट में एक रोज की छुट्टी चली गई
"हार्दिक बधाई आदरणीय  राम अवध विश्वकर्मा जी।बेहतरीन गज़ल। खबरे बढ़ा चढ़ा के दिखाना है इनका…"
7 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post भूख तक तो ठीक था - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।बेहतरीन गज़ल। भूख तक तो ठीक था मुँह…"
7 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service