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Anil Chauhan '' Veer"
  • Male
  • Gyangsan
  • Korea, Republic of
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Anil Chauhan '' Veer"'s Friends

  • गिरिराज भंडारी
 

Welcome, Anil Chauhan '' Veer"!

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Dr Lalit Kumar Singh commented on Anil Chauhan '' Veer"'s blog post कि तुझसे हो के, हर एक शेर हर ग़ज़ल गुज़रे...
"1212       1212       1212          22 कुछ इस तरह से, मेरी ज़िन्दगी का पल गुज़रे ।  1212         1212          12 12          22 ह्रदय की पीर, मेरे आंसुओं में ढल गुज़रे ।। 1212        …"
Sep 13, 2013
बृजेश नीरज commented on Anil Chauhan '' Veer"'s blog post शायर की शायरी के लिए जान हैं आँखें.....
"बहुत अच्छा प्रयास है! आपको हार्दिक बधाई! भाई जी, मैं भी यह विधा सीखना चाहता हूं। आपसे अनुरोध है कि बहर बताने का कष्ट करें जिससे कि इस छात्र को रचना के मानक समझ आ सकें। भाई जी, एक बात और ये ‘राहगुजर’ शब्द का क्या अर्थ होता है? सादर!"
Sep 13, 2013
बृजेश नीरज commented on Anil Chauhan '' Veer"'s blog post कि तुझसे हो के, हर एक शेर हर ग़ज़ल गुज़रे...
"बहुत सुन्दर भाव! आपको हार्दिक बधाई!आपकी रचना बहर में तो नहीं लगती। कृपया मार्गदर्शन करें।"
Sep 13, 2013
vandana commented on Anil Chauhan '' Veer"'s blog post कि तुझसे हो के, हर एक शेर हर ग़ज़ल गुज़रे...
"सुन्दर भाव !!!"
Sep 13, 2013
Parveen Malik commented on Anil Chauhan '' Veer"'s blog post कि तुझसे हो के, हर एक शेर हर ग़ज़ल गुज़रे...
"सुंदर भावों से सजी गजल ... बधाई !"
Sep 12, 2013
डॉ. अनुराग सैनी commented on Anil Chauhan '' Veer"'s blog post शायर की शायरी के लिए जान हैं आँखें.....
"एक दम मस्त और दिल को छू गयी है बहुत ही निगाहेंबान है आँखे , बहुत बधाई आपको "
Sep 12, 2013
डॉ. अनुराग सैनी commented on Anil Chauhan '' Veer"'s blog post कि तुझसे हो के, हर एक शेर हर ग़ज़ल गुज़रे...
"दिल की भावनाओ का एक बेहतरीन ज्वार , बधाई आपको "
Sep 12, 2013
डॉ. अनुराग सैनी liked Anil Chauhan '' Veer"'s blog post कि तुझसे हो के, हर एक शेर हर ग़ज़ल गुज़रे...
Sep 12, 2013
बसंत नेमा commented on Anil Chauhan '' Veer"'s blog post शायर की शायरी के लिए जान हैं आँखें.....
"आ0 अनिल जी बहुत सुन्दर है ये आंखे ...... खूब बहुत बहुत बधाई"
Sep 12, 2013
rajveer singh chouhan commented on Anil Chauhan '' Veer"'s blog post कि तुझसे हो के, हर एक शेर हर ग़ज़ल गुज़रे...
"यूँ तो एक रोज़ गुज़ारना है दिल की धड़कन को ।पर तुझे देख के धडके, धड़क के दिल गुज़रे ।। बधाई हो श्रीमान्  बहूत ही सुन्दर रचना"
Sep 12, 2013
rajveer singh chouhan liked Anil Chauhan '' Veer"'s blog post कि तुझसे हो के, हर एक शेर हर ग़ज़ल गुज़रे...
Sep 12, 2013
लक्ष्मण रामानुज लडीवाला commented on Anil Chauhan '' Veer"'s blog post वो देश जहाँ नारी महिमा, सदियों से गायी जाती है
"सुन्दर मधुर और लाजवाब गीत रचना ! बधाई श्री अनिल चौहान "वीर" जी "
Sep 12, 2013
Anil Chauhan '' Veer" posted a blog post

कि तुझसे हो के, हर एक शेर हर ग़ज़ल गुज़रे...

कुछ इस तरह से, मेरी ज़िन्दगी का पल गुज़रे । ह्रदय की पीर, मेरे आंसुओं में ढल गुज़रे ।।तुझे मै देख के लिक्खूं , या सोच के लिक्खूं ।कि तुझसे हो के, हर एक शेर हर ग़ज़ल गुज़रे ।।यूँ तो एक रोज़ गुज़ारना है दिल की धड़कन को । पर तुझे देख के धडके, धड़क के दिल गुज़रे ।।वो तेरा दर की जहाँ हम बिछड़ गए थे कभी । हो के हर रोज़ उसी दर से, ये पागल गुज़रे ।।वो एक दिन की वीर खुशियों का सिकंदर था । ये एक दिन, की तेरे गम में रो के पल गुज़रे ।।मौलिक व अप्रकाशितSee More
Sep 12, 2013
Anil Chauhan '' Veer" commented on गिरिराज भंडारी's blog post थक के हारा, कभी मरा भी है (ग़ज़ल)
"बहुत खूब सर बेहतरीन ग़ज़ल के लिए बधाई स्वीकार करें .... "
Sep 12, 2013
Anil Chauhan '' Veer" liked गिरिराज भंडारी's blog post थक के हारा, कभी मरा भी है (ग़ज़ल)
Sep 12, 2013

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Anil Chauhan '' Veer"'s blog post तुझको देखूं, तुझे चाहूँ, तुझी से प्यार करूँ...
"पुरानी रचनाएँ रचनाकार के हृदय के निकट होती हैं. किन्तु, अधबना पकवान भले कितना ही ’प्यारा’ क्यों न हो, कुशल रसोइया उसे समाज के लोगों में नहीं बाँटता. ऐसा कोई प्रयास सीखने के क्रम में सोपान का पायदान मात्र होता है. शुभ-शुभ"
Sep 12, 2013

Profile Information

Gender
Male
City State
Daegu
Native Place
Kanpur
Profession
Research scholar
About me
Zindagi hai ki berang hui jaati hai, Hausala hai ki kam nahin hota...

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Anil Chauhan '' Veer"'s Blog

कि तुझसे हो के, हर एक शेर हर ग़ज़ल गुज़रे...

कुछ इस तरह से, मेरी ज़िन्दगी का पल गुज़रे ।

ह्रदय की पीर, मेरे आंसुओं में ढल गुज़रे ।।

तुझे मै देख के लिक्खूं , या सोच के लिक्खूं ।

कि तुझसे हो के, हर एक शेर हर ग़ज़ल गुज़रे ।।

यूँ तो एक रोज़ गुज़ारना है दिल की धड़कन को ।

पर तुझे देख के धडके, धड़क के दिल गुज़रे ।।

वो तेरा दर की जहाँ हम बिछड़ गए थे कभी ।

हो के हर रोज़ उसी दर से, ये पागल गुज़रे ।।

वो एक दिन की वीर खुशियों का सिकंदर था ।

ये एक दिन, की तेरे गम…

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Posted on September 12, 2013 at 11:00am — 6 Comments

शायर की शायरी के लिए जान हैं आँखें.....

आशिक के दिल की ख्वाहिशो अरमान हैं आँखें । 

कुछ दिन से ये लगता है, परेशान हैं आँखें ॥ 

एक दिन तुझे देखा था, किसी राहगुज़र पे । 
उस दिन से उसी राह पे, मेहमान हैं आँखें ॥ 
 
होती हैं मेहरबाँ, तो ये उठकर के हैं गिरतीं । 
हो जाएँ बेमेहर, तो तूफ़ान हैं आँखें ॥ 
 
महबूब की कुर्बत में चमकती हैं ये अक्सर ।     
मौसम हो जुदाई का, तो बेजान हैं आँखें…
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Posted on September 10, 2013 at 10:10pm — 12 Comments

वो देश जहाँ नारी महिमा, सदियों से गायी जाती है

वो देश जहाँ नारी महिमा, सदियों से गायी  जाती है । 

द्रौपदी, गार्गी और सीता, की कथा सुनाई  जाती है ॥ 
.
वो देश जहाँ के संस्कारों की, विश्व दुहाई देता है । 
वो देश जहाँ नारी हित में, तलवार उठाई जाती है ॥
.
उस देश की हालत देख…
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Posted on September 10, 2013 at 9:00am — 19 Comments

तुझको देखूं, तुझे चाहूँ, तुझी से प्यार करूँ...

तुझको देखूं, तुझे चाहूँ, तुझी से प्यार करूँ । 

तेरे सिवा न किसी पर भी ऐतबार करूँ ॥ 

तू न आई है, ना आएगी, मेरे मिलने को । 

ये जानकर भी, मै बस तेरा इंतज़ार करूँ ॥

तू पशेमा नहीं होती है, बेवफा होकर । 

मै  वफ़ा करके भी, अपने को शर्मसार करूँ ॥ 

तेरी रातें तो महकती हैं गुलाबों की तरह । 

अपनी रातों को बता कैसे लालाज़ार करूँ ॥ 

नींद उड़ जाए तेरी, जब भी मेरा नाम आये । 

मै  चाहता हूँ तुझे, कुछ  ऐसे बेक़रार…

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Posted on September 7, 2013 at 6:50am — 17 Comments

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At 7:40pm on September 5, 2013,
सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी
said…

वीर भाई , स्वागत है , ओ बी ओ मे आपका !!

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

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