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Roli Pathak
  • Bhopal, M.P.
  • India
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Female
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Bhopal Madya Pradesh
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Jabalpur
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Advocate
About me
I hv done B.A.LL.B. and PG Diploma in Journalism.

Roli Pathak's Blog

वीरगति.....

सन्नाटे की साँय-साँय

झींगुर की झाँय-झाँय

सूखे पत्तों पे कीट की सरसराहट

दर्जनों ह्रदयों की बढाती घबराहट

हरेक मानो मौत की डगर पर...

चलने को अग्रसर...

पपडाए होंठ सूखा हलक

ज़िन्दगी नहीं दूर तलक

चाँद की रौशनी भी

हो चली मद्धम जहाँ..

ऐसे मौत के घने जंगल हैं यहाँ,

हाथ में बन्दूक,ऊँगली घोड़े पर

ह्रदय है विचलित पर स्थिर है नज़र..

ना जाने और कितनी साँसें लिखी हैं तकदीर में..

एक बार फिर तुझे देख लूं तस्वीर में..

जेब को अपनी… Continue

Posted on November 2, 2010 at 11:00pm — 3 Comments

दो बैल...

कल मर गया

किशनु का बूढा बैल,

अब क्या होगा...

कैसे होगा...

चिंतातुर,सोचता-विचारता

मन ही मन बिसूरता

थाली में पड़ी रोटी

टुकड़ों में तोड़ता

सोचता,,,बस सोचता...

बोहनी है सिर पर,

हल पर

गडाए नज़र,

एक ही बैल बचा...

हे प्रभु,

ये कैसी सज़ा...!!!

स्वयं को बैल के

रिक्तस्थान पे देखता..

मन-ही-मन देता तसल्ली

खुद से ही कहता,

मै ही करूँगा...हाँ मै ही करूँगा...

बैल ही तो हूँ मै,

जीवन भर ढोया बोझ,

इस हल का भी… Continue

Posted on November 2, 2010 at 2:00pm — 3 Comments

Comment Wall (6 comments)

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At 8:41am on November 17, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 10:55pm on November 14, 2010,
सदस्य टीम प्रबंधन
Rana Pratap Singh
said…

At 2:39am on November 4, 2010, Jogendra Singh जोगेन्द्र सिंह said…
स्वागत है रोली ... ओपन बुक नयी जगह है तुम्हारे लिए पर तुम्हारा साहित्य से नाता पुराना है , सो कोई परेशानी नहीं आने वाली है ... :)
At 10:48pm on November 2, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 5:38pm on November 2, 2010, Admin said…

At 5:22pm on November 2, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…

 
 
 

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"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए आभार।"
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"आ. भाई अमित जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए धन्यवाद।"
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