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Richa Yadav
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Welcome, Richa Yadav "Riya"

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Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"आदरणीया रचना जी अच्छी ग़ज़ल हुई है, गुणीजनों की इस्लाह से और भी निखर जायेगी,बधाई स्वीकार कीजिए। सादर"
Aug 28
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"जी सर जी, उनका शेर बहुत ख़ूब हुआ,कई बार पढ़ा। ठीक है सर जी,शुक्रियः आपका। सादर"
Aug 28
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"आदरणीय सर जी सुरख़ाब वाला शेर सहीह नहीं कर पाई हूँ फ़िलहाल, कृपया मार्गदर्शन करें सादर"
Aug 28
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"आदरणीया रक्षिता जी, नमस्कार ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार कीजिए गुणीजनों से सहमत हूँ। सादर।"
Aug 28
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"आदरणीय नादिर जी, नमस्कार बहुत ख़ूब ग़ज़ल कही आपने बधाई स्वीकार कीजिए। सादर।"
Aug 28
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"आदरणीय मोहन जी,नमस्कार अच्छी कोशिश ग़ज़ल की,बधाई स्वीकार कीजिए। गुणीजनों की कही बात क़ाबिल-ए-गौर है। सादर।"
Aug 28
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"आदरणीया रचना जी बहुत शुक्रियः हौसला अफ़ज़ाई का। सादर।"
Aug 28
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"आदरणीय सालिक जी बहुत शुक्रियः आपका सादर"
Aug 28
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"आदरणीय नादिर जी बहुत शुक्रियः आपका। सादर"
Aug 28
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"आदरणीय संजय जी बहुत शुक्रियः आपका सादर।"
Aug 28
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"आदरणीय अमीर जी, नमस्कार हौसला अफ़ज़ाई के लिए आपका बहुत शुक्रियः मेरी ग़ज़ल को बारीकी से देख कर इस्लाह की आपने, शेर की खूबसूरती बढ़ गई, आपके बताए मशवरे से,बहुत शुक्रियः आपका। सादर। सियाह रात सी ये ज़िन्दगी हुई मेरीतरस गया रुख-ए-महताब देखने के लिए।3"
Aug 28
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"आदरणीय कबीर सर जी,नमस्कार बहुत बहुत शुक्रियः आपका इतनी बारीक़ी से ग़ज़ल देख के इस्लाह के लिए आपकी बताई हुई बात समझ गई सर जी सुधार करूँगी,आपका बहुत आभार। सादर। सुख़न-शनास तेरी ताब देखने के लिएसजी हैं महफ़िलें आदाब देखने के लिए।1"
Aug 28
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"आदरणीय अजेय जी बहुत शुक्रियः आपका। सादर।"
Aug 28
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"मुआफ़ी चाहती हूँ,कृपया दूसरा शेर और मक़्ता ऐसे पढ़ा जाए सादर। मैं अपने अश्क़ से जंगल ये याद का तेरीरहूँगा सींचता शादाब देखने के लिए।2 किया है काम को शिद्दत से नफरतों ने "रिया"लहू में मिल गया तेज़ाब देखने के लिए।8"
Aug 28
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"आदरणीय तस्दीक़ जी, नमस्कारअच्छी ग़ज़ल के लिए बधाई स्वीकार कीजिए।मतले के सानी में शायद "मुझे है हर कोई" कहना ठीक होसादर।"
Aug 27
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-134
"आदरणीय अजेय जी, नमस्कार अच्छी ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार कीजिए। गुणीजनों की इस्लाह क़ाबिल-ए-गौर है। सादर।"
Aug 27

Profile Information

Gender
Female
City State
Faridabad Haryana
Native Place
Alaahabad U.P.
Profession
home maker
About me
computer engineer by heart Shayar

Richa Yadav's Blog

ग़ज़ल-हर बात अपने दिल की बताई नहीं जाती।

221 2121 1221 212



हर बात अपने दिल की बताई नहीं जाती

करके कोई दुआ भी यूँ गाई नहीं जाती।1

दिल आपकेे है बस में ये अब जानते हैं हम

जादूगरी ऐसी भी दिखाई नहीं जाती।2

हैं दर्द-ओ-ग़म भरे हुए इतने कि क्या कहें

ये दास्तान दिल की सुनाई नहीं जाती।3

ये बदगुमानी आपकी आई है बीच में

बिगड़ी है इतनी बात बनाई नहीं जाती।4

फिर साथ होगी होली दीवाली की धूम भी

हमसे अकेले ईद मनाई नहीं जाती।5

दिल आपका दुखा तो…

Continue

Posted on December 7, 2020 at 1:29pm — 4 Comments

मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया

बह्र:- 221 2121 1221 212

मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया

मुद्दत हुई तो यार का दीदार हो गया

वो जो चला गया है मेरा शह्र छोड़ कर

लगता है ऐसा मुझको मैं बीमार हो गया

बेमोल ही रहे न किया ज़िंदगी से ग़म

तूने छुआ मुझे तो मैं दीनार हो गया

था मर्ज़ ऐसा जिसकी नहीं थी दवा कोई

तू हाथ थाम कर मेरा तीमार हो गया

तूने गले लगाया "रिया" को मेरे ख़ुदा

लगता है जैसे क़द मेरा मीनार हो गया

"मौलिक व…

Continue

Posted on October 30, 2020 at 3:30pm — 10 Comments

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