For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Richa Yadav
Share
 

Welcome, Richa Yadav "Riya"

Latest Activity

Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-137
"आदरणीय नाहक़ जी, नमस्कार अच्छा प्रयास ग़ज़ल का, बधाई स्वीकार कीजिए। मतले की लय बाधित है, आगे शेरों की भी देखियेगा। सादर"
Nov 27
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-137
"आदरणीय बहुत शुक्रियः आपका सादर"
Nov 27
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-137
"आदरणीय बहुत शुक्रियः आपका सादर"
Nov 27
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-137
"आदरणीय बहुत शुक्रियः आपका। सादर"
Nov 27
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-137
"आदरणीय चेतन जी,नमस्कार ख़ूब ग़ज़ल हुई, बधाई स्वीकार कीजिए। मतले की लय बाधित लगी,देखियेगा सादर"
Nov 27
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-137
"आदरणीय दयाराम जी, नमस्कार अच्छी ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार कीजिए। धामी जी से सहमत हूँ, देखियेगा। सादर"
Nov 27
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-137
"आदरणीय तस्दीक़ जी, नमस्कार बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार कीजिए। 3 शे'र का सानी "न यूँ" की जगह "तभी" कहना शायद उचित होगा,देखियेगा। सादर"
Nov 27
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-137
"आदरणीय सालिक जी, नमस्कार बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई, बधाई स्वीकार कीजिए। मतले का सानी,"चले आ गए हैं सबसे" पढ़ने में अटपटा सा लग रहा है सुझाव- चले आए दूर सबसे ज़रा देख हम निकल के। सादर"
Nov 27
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-137
"आदरणीय अनिल जी, नमस्कार ख़ूब ग़ज़ल हुई बधाई स्वीकार कीजिए। मतले में "रहे इश्क़" खटक रहा है,मैंने 11लिया जा सकता है? सादर"
Nov 27
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-137
"आदरणीय लक्ष्मण जी, नमस्कार अच्छा प्रयास ग़ज़ल का,बधाई स्वीकार कीजिए। "सारा" को 11 लिया जा सकता है? "बही दिल की बातें" भी पहली बार पढ़ा है, लय बाधित हुई कई जगह देखियेगा। सादर"
Nov 27
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-137
"1121 2122 1121 2122तुझे देखने ही आए तेरे पास हम तो चल केकभी सामने हमारे तू भी घर से आ निकल के।1 दिखे चाँद जैसा चेहरा तो ये दिल भी होगा रौशनकटा वक़्त ये हमारा तो चराग़ जैसे जल के।2 किया इंतज़ार बरसों नहीं मिल सका हमें तूतुझे ढूँढने ये आँसू चले आँख से…"
Nov 27
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"आदरणीय रवि जी, नमस्कार बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई बधाई स्वीकार कीजिए इलाहाबाद बहुत ख़ूब कहा आपने। सादर।"
Oct 29
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"आदरणीया अंजुमन जी, नमस्कार बहुत खूब ग़ज़ल कही आपने बधाई स्वीकार कीजिए। दुनियावी मेरे लिए नया शब्द है। सादर"
Oct 29
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"आदरणीय दिनेश जी,नमस्कार अच्छी ग़ज़ल हुई बधाई स्वीकार कीजिए। फरियाद किया और भाषा ईज़ाद किया पे गुणीजनों की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है। सादर।"
Oct 29
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"आदरणीय दयाराम जी, नमस्कार बहुत ख़ूब हुई ग़ज़ल बधाई स्वीकार कीजिए। सर जी की इस्लाह क़ाबिले ग़ौर है। सादर"
Oct 29
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"आदरणीय आशीष जी, नमस्कार ख़ूब ग़ज़ल हुई,  बधाई स्वीकार कीजिए। सादर"
Oct 29

Profile Information

Gender
Female
City State
Faridabad Haryana
Native Place
Alaahabad U.P.
Profession
home maker
About me
computer engineer by heart Shayar

Richa Yadav's Blog

ग़ज़ल-हर बात अपने दिल की बताई नहीं जाती।

221 2121 1221 212



हर बात अपने दिल की बताई नहीं जाती

करके कोई दुआ भी यूँ गाई नहीं जाती।1

दिल आपकेे है बस में ये अब जानते हैं हम

जादूगरी ऐसी भी दिखाई नहीं जाती।2

हैं दर्द-ओ-ग़म भरे हुए इतने कि क्या कहें

ये दास्तान दिल की सुनाई नहीं जाती।3

ये बदगुमानी आपकी आई है बीच में

बिगड़ी है इतनी बात बनाई नहीं जाती।4

फिर साथ होगी होली दीवाली की धूम भी

हमसे अकेले ईद मनाई नहीं जाती।5

दिल आपका दुखा तो…

Continue

Posted on December 7, 2020 at 1:29pm — 4 Comments

मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया

बह्र:- 221 2121 1221 212

मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया

मुद्दत हुई तो यार का दीदार हो गया

वो जो चला गया है मेरा शह्र छोड़ कर

लगता है ऐसा मुझको मैं बीमार हो गया

बेमोल ही रहे न किया ज़िंदगी से ग़म

तूने छुआ मुझे तो मैं दीनार हो गया

था मर्ज़ ऐसा जिसकी नहीं थी दवा कोई

तू हाथ थाम कर मेरा तीमार हो गया

तूने गले लगाया "रिया" को मेरे ख़ुदा

लगता है जैसे क़द मेरा मीनार हो गया

"मौलिक व…

Continue

Posted on October 30, 2020 at 3:30pm — 10 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"सादर आभार, आदरणीय अमीरुद्दीन साहब"
2 minutes ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"सादर आभार, आदरणीय लक्ष्मण जी"
2 minutes ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आपका सादर आभार, आदरणीय विजय जी. "
8 minutes ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post तेरे मेरे दोहे ......
"आदरणीय सुशील सरना जी का दोहा कहीं खारिज नहीं होने जा रहा है, आदरणीय नीलेश जी.  भ्रमकारी सुझाव…"
26 minutes ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post तेरे मेरे दोहे ......
"आदरणीय तेज वीर सिंह जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार । सादर नमन"
7 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' posted a blog post

(ग़ज़ल )...कहाँ मेरी ज़रूरत है

1222 - 1222 - 1222 - 1222फ़क़त रिश्ते जताने को यहाँ मेरी ज़रूरत है अज़ीज़ों को सिवा इसके कहाँ मेरी…See More
14 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post जिसकी आदत है घाव देने की - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post जिसकी आदत है घाव देने की - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई चेतन जी, गजल पर उपस्थिति, उत्साहवर्धन व सुझाव के लिए हार्दिक धन्यवाद । बदलाव का प्रयास करता…"
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दूर तम में बैठकर वो रोशनी अच्छी लगी- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद."
21 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल-तुम्हारे प्यार के क़ाबिल
"बहुत बहुत शुक्रिया आदणीय अमीरुद्दीन जी...सादर"
23 hours ago
Sushil Sarna commented on vijay nikore's blog post यह भूला-बिसरा पत्र ...तुम्हारे लिए
"मेरे "प्यार", मेरे "प्राण-रत्न" मेरे बाद तुम बहुत दिन जीना रोना नहीं तब मेरे…"
23 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on Sushil Sarna's blog post तेरे मेरे दोहे ......
"हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी। बेहतरीन दोहे।"
yesterday

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service