For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सचिन कुमार
  • Male
  • Bihar
  • India
Share
 

सचिन कुमार's Page

Latest Activity

अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on सचिन कुमार's blog post ग़ज़ल
"जनाब सचिन कुमार जी आदाब, ख़ूबसूरत भाव के साथ अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद पेश करता हूँ। सादर।"
Dec 5, 2020
Samar kabeer commented on सचिन कुमार's blog post ग़ज़ल
"मिन्हाँ"
Dec 3, 2020
Samar kabeer commented on सचिन कुमार's blog post ग़ज़ल
"तहज़ीब हाफ़ी की ग़ज़ल में 'मिन्हा' नहीं "मिन्हहाँ" शब्द है ।"
Dec 3, 2020
सचिन कुमार commented on सचिन कुमार's blog post ग़ज़ल
"मिन्हा शब्द तो उर्दू का ही है...एक ग़ज़ल में पढ़ा था ...ख्वाबों को आंखों से मिन्हा करती है...नींद हमेशा मुझसे धोखा करती है...तहजीब हाफी की ग़ज़ल में पढ़ा था....हो सकता है इसका सही प्रयोग नही हुआ हमसे...लाफ़ानी में ला की मात्रा नहीं गिराई जा सकती..इसपर और…"
Dec 3, 2020
Samar kabeer commented on सचिन कुमार's blog post ग़ज़ल
"// क्या हम इसमे लाफ़ानी को 122 नही ले सकते है// 'लाफ़ानी' को 122 पर नहीं ले सकते । 'मिन्हा' शब्द किस भाषा का है?"
Dec 3, 2020
सचिन कुमार commented on सचिन कुमार's blog post ग़ज़ल
"ये मेरा पहला प्रयास था ...आप गुणी जनों इसे बस पढकर सार्थक कर दिया....समर सर मेरी गलतियों को गिनाने का शुक्रिया आगे से और सीखकर फिर लिखूंगा.....मिन्हा का अर्थ मैंने घटकर कम होना, अलग होना ये लिया है....अपने किस्से को लाफ़ानी लिख रहे हैं.... क्या हम…"
Dec 3, 2020
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on सचिन कुमार's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई सचिन जी, अच्छी गजजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Dec 3, 2020
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on सचिन कुमार's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल भावपूर्ण है मित्र...आदरणीय समर जी ने सार्थक समीक्षा की है।"
Dec 2, 2020
Samar kabeer commented on सचिन कुमार's blog post ग़ज़ल
"जनाब सचिन जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है, बधाई स्वीकार करें । 'नींद आंखों से हुई है आज मिन्हा' इस मिसरे में 'मिन्हा' का अर्थ बताने का कष्ट करें । 'अपने किस्से को लाफ़ानी लिख रहे हैं' ये मिसरा बह्र में नहीं है,…"
Nov 29, 2020
सचिन कुमार posted a blog post

ग़ज़ल

2122 2122 2122बहते दरिया की रवानी लिख रहे हैंसब यहाँ अपनी कहानी लिख रहे हैंआंसुओं से बह रहा मेरे लहू औ'आप हैं जो इनको पानी लिख रहे हैंनींद आंखों से हुई है आज मिन्हाचोट हम कोई पुरानी लिख रहे हैंकह नहीं पाते थे तुमसे जो कभी वोबात गज़लों की जुबानी लिख रहे हैंतू अलग होकर भी मुझसे ही जुड़ी हैअपने किस्से को लाफ़ानी लिख रहे हैंजो चलाये थे कभी बरसात में हमकश्ती औ' बारिश का पानी लिख रहे हैंजो सुनाती थी मुझे गोदी में अपनेअम्मा लोरी वो सुहानी लिख रहे हैं-मौलिक एवं अप्रकाशितSee More
Nov 26, 2020
सचिन कुमार updated their profile
Nov 25, 2020
सचिन कुमार is now a member of Open Books Online
Nov 25, 2020

Profile Information

Gender
Male
City State
Uttar Pradesh
Native Place
Bihar
Profession
Student
About me
I am student of political science, pursuing my master degree from Banaras Hindu university

सचिन कुमार's Blog

ग़ज़ल

2122 2122 2122

बहते दरिया की रवानी लिख रहे हैं

सब यहाँ अपनी कहानी लिख रहे हैं



आंसुओं से बह रहा मेरे लहू औ'

आप हैं जो इनको पानी लिख रहे हैं



नींद आंखों से हुई है आज मिन्हा

चोट हम कोई पुरानी लिख रहे हैं



कह नहीं पाते थे तुमसे जो कभी वो

बात गज़लों की जुबानी लिख रहे हैं



तू अलग होकर भी मुझसे ही जुड़ी है

अपने किस्से को लाफ़ानी लिख रहे हैं



जो चलाये थे कभी बरसात में हम

कश्ती औ' बारिश का पानी लिख रहे हैं



जो… Continue

Posted on November 25, 2020 at 9:32pm — 9 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post हमारे वारे न्यारे हो रहे हैं
"आदरणीय समर कबीर सर्, पता नहीं कहाँ से सर् इतना लंबा खिंच गया । न ही एडिट का आप्शन आ रहा है कि मैं…"
1 hour ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post हमारे वारे न्यारे हो रहे हैं
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर् हौसला बढ़ाने तथा इस्लाह देने के लिए आपकी आभारी…"
1 hour ago
Aazi Tamaam posted photos
2 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"आज की इस लघुकथा गोष्ठी 71 में हमने एक बहुआयामी विषयांतर्गत विभिन्न कथानकों पर रचनाओं की सहभागिता का…"
10 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"प्रदत्त विषयांतर्गत पहले मैंने एक अन्य लघुकथा भी लिखी थी जो फेसबुक की एक चित्राधारित प्रतियोगिता…"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीया बबीता गुप्ता जी।"
16 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"बहुत बढ़िया रचना। बहुत-बहुत बधाई आदरणीय मनन सरजी।"
17 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"उम्दा रचना। बहुत-बहुत बधाई, आदरणीय शेख सरजी। "
17 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
" भावपूर्ण संवाद शैली में सुन्दर रचना,बहुत-बहुत बधाई आदरणीया प्रतिभा जी।"
17 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"बहुत बढ़िया रचना। बहुत-बहुत बधाई, आदरणीया अर्चना जी। "
17 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"बेहतरीन रचना। बहुत-बहुत बधाई, आदरणीय चेतन सरजी। "
17 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"प्रेरक रचना।बहुत-बहुत बधाई, आदरणीय अतुल सरजी।"
17 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service