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खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

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विनम्र श्रद्धांजलि। ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति दे।

एक अच्छे रचनाकार एवं एक अच्छे व्यक्ति के असमय चले जाने से अत्यंत दुख हुआ ।  ईश्वर उनके आत्मा को शांति प्रदान करे ।

संजय भाई ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार का एक अहम हिस्सा हैं (थे मैं अभी भी नहीं कह पा रहा हूँ) आप कार्यकारिणी सदस्य के रूप में अपनी सेवा देते रहे, मुझसे अक्सर बात फोन पर होती थी, "आदरणीय गणेश भईया प्रणाम" इसी के साथ आप बात प्रारंभ करते थे, ओ बी ओ पर आपका अंतिम वाक्य था, 


"नई भूमि अंबर नया, विस्तारित हो ज्ञान। ओबीओ पाता रहे, नित्य नवल उत्थान"

ईश्वर आपकी आत्मा को शांति प्रदान करें । 
सादर श्रधांजलि !!!

अत्‍यंत दु:खद सूचना है यह। ओपन बुक्‍स ऑनलाईन ने एक सक्रिय सदस्‍य खोया है। ईश्‍वर उनकी आत्‍मा को स्‍वर्ग में स्‍थान दे। उनके परिजनों के लिये मेरी हार्दिक संवेदनायें।

अत्यंत दुखद ...इश्वर का क्रूर कृत्य ....अविश्वसनीय ...इश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार को सहनशक्ति !!

आदरनीय योगराज भाई , अभी एक झटके से उबर भी नही पाये हैं ठीक से , और ये दूसरा दुखद समाचार , असहनीय है । ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें , और प्रिय जनो को अपार दुख सहने की शक्ति दे ।

बेहद दुखद समाचार...... उनको श्रधांजलि ! 

अविश्वसनीय और मर्माहत कर दिया इस खबर ने। दुख की इस घड़ी में ईश्वर उनके परिवार को हिम्मत दे। 

हे ईश्वर! दिवंगत आत्मा को शांति दे, परिवारजन को दुख से लडने की क्षमता प्रदान कर

ओह्ह्ह्ह अत्यंत दुखद ...ये क्या हो रहा है ??? विश्वास ही नहीं हो रहा कि अभी एक दुःख से उबर भी नहीं पाए थे कि अचानक ये दूसरा ,ईश्वर संजय हबीब जी की  आत्मा को शांति दे परिवार वालों को ये आघात को सहने की  शक्ति दे ...ॐ शांति शान्ति .

किसी परिजन का यूँ साथ छोड़ जाना, उस पीड़ा की कल्पना भी मुश्किल है. पर जीवन की गति को स्वीकार करना ही पड़ता है.. ईश्वर शोक संतृप्त परिवार को धैर्य प्रदान करें.

 अन्तर्मन  को वेधने वाले इस समाचार से बहुत दुख पहुंचा है,अचानक  एक और स्वजन के बिछड्ने से विस्मित हो गई हूँ! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति दें।

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-175
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