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ग़ज़ल - अजब मासूम है क़ातिल हमारा ( गिरिराज भंडारी )

1222    1222   122
वो दहशत गर्द है या मुस्तफ़ा है

क्या तुमने फैसला ये कर लिया है ?

 

अजब मासूम है क़ातिल हमारा

वो ख़ूँ बारी से अब दहशत ज़दा है

 

तमाशाई के सच को कौन जाने ?

वो सच में मर रहा है, या अदा है

 

वो सारी ख़ूबियाँ पत्थर की रख कर

किया है मुश्तहर... वो.. आइना है

 

कज़ा से बस कज़ा की बात होगी

हमारा बस यही इक फैसला है

 

बहुत दूरी नहीं है, पर चला जो

कभी मस्ज़िद से मन्दिर... हाँफता है

 

डरो मत बस हवायें तेज़ हैं कुछ

ख़बर झूठी है पीछे जलजला है

***************************

मौलिक एवँ अप्रकाशित

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Comment

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Comment by Mahendra Kumar on July 12, 2017 at 9:42pm

तमाशाई के सच को कौन जाने ?

वो सच में मर रहा है, या अदा है ...वाह! बहुत ख़ूब!!

इस बढ़िया ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए आ. गिरिराज सर. सादर. 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on July 10, 2017 at 9:06pm

आ० अनुज ---- बहुत  उम्दा

 

तमाशाई के सच को कौन जाने ?

वो सच में मर रहा है, या अदा है-----क्या कहने ?


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 10, 2017 at 7:30am

आदरणीय सुरेन्द्र भाई , उत्साह वर्धन के लिये आपका हार्दिक आभार ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 10, 2017 at 7:29am

आदरनीय रवि भाई , आपका तहे दिल से शुक्रिया , हौसला अफज़ाई का ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 10, 2017 at 7:28am

आदरणीय बृजेश भाई , आपका हार्दिक आभार ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 10, 2017 at 7:28am

आदरणीय समर भाई , ग़ज़ल पर उपस्थिति और सराहना के लिये आपका हार्दिक आभार ।

मुस्तफा उसके अर्थ के अनुसार लिया है = पवित्र  ( पवित्रता का बिम्ब )


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 10, 2017 at 7:25am

आदरणीय नीरज भाई , उत्साह वर्धन के लिये बहुत आभार आपका ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 10, 2017 at 7:24am

आदरणीय सुनील सरन भाई , गज़ल की अराहना के लिये आपका हृदय से आभार ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 10, 2017 at 7:23am

आदरनीय लक्ष्मण भाई , उत्साह वर्धन के लिये आपका हार्दिक आभार ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 10, 2017 at 7:23am

आदरणीय आरिफ भाई , हौसला अफज़ाई का तहे दिल से शुक्रिया ।

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