For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"ये कहाँ जा रही हो अम्मी ?" पड़ोस वाली महिला ने पूछा
"अरे वो अपनी मधु है न उसके घर से खबर आयी है , उसके पेट में दर्द हो रहा है , पेट से है न वो , पिछला जापा भी मैंने किया था , इस बार भी ......." बूढ़ी अम्मा ने हंस कर उत्तर दिया ।
" हे भगवान किस युग में जीते है ये इस मधु के घर वाले , दुनिया भर के अस्पताल है , पर देखो तो अब भी दायी से जापा करवाना चाहते है वो भी घर में । "

बूढ़ी अम्मा उन सबकी बातें सुन रही थी । लकड़ी की गाडी के सहारे से धीरे धीरे चलने वाली इस अम्मा का जीवन किसने देखा था , इन सब बातों के बीच वो अपने अतीत में खो गयी ।

" डॉक्टर रेखा , जल्दी चलिए वो रूम नंबर 12 की पेशेंट को लेबर पैन हो रहा है । " नर्स ने कहा ।

" ओह ! जल्दी उसको लेबर रूम में शिफ्ट करो , तैयारी करो मैं अभी आ रही हूँ । " डॉ रेखा ने नर्स को निर्देश दिया ।

डॉ रेखा पिछले कई वर्षो से जच्चा बच्चा वार्ड की इंचार्ज डॉक्टर थी , उनके हाथ में जैसे जादू था ,कोई केस फ़ैल न होता था , बड़ी सहजता से जापा करवाती थी । ऑपरेशन केस हो या नॉर्मल , डॉ रेखा बेहद गम्भीरता से हर पेशेंट पर ध्यान देती थी । चारों तरफ उनके चर्चे थे , उनका पति बिलकुल विपरीत था , एक नंबर का ऐय्याश व्यक्ति था , घर से पैसे चुरा कर शराब पीना , जुआ खेलना और भी बहुत सरे ऐब थे । डॉ रेखा के बहुत समझाने पर भी वो नहीं सुधरा । डॉ रेखा जिस अस्पताल में काम करती थी , वहां लोग उसका मझाक उड़ाते थे । जितना कमाती थी सब उसका पति उड़ा देता था । तनाव के चलते उसके केस बिगड़ते चले गए । नौबत यहाँ तक पहुँच गयी कि उसकी प्रक्टिस छीन ली गयी ।

क्रोध और ग्लानि के चलते वह एक अनजान गाँव में चली आयी , और वहाँ अपना गुज़ारा जैसे तैसे करने लगी । उसके हाथ में हुनर था , वह लकड़ी का काम भी जानती थी , सो गाँव में लकड़ी के खिलौने भी बनाती थी ।

आज जिस मधु के घर से बुलावा आया था , उस मधु की माँ का जापा भी डॉ रेखा ने ही किया था । गाँव में भले कोई न जानता हो , पर डॉ रेखा को अब भी उसके पुराने साथी जानते थे ।

प्रैक्टिस छूट गयी थी , पर डॉ रेखा का स्वभाव और हुनर से
पुराने लोग वाकिफ़ थे , उनकी अस्पताल में भी अच्छी खासी पहचान थी ।

मधु के घर जब वे पहुंची तो पता चला कि उन्हें करीब के अस्पताल में ले जाया गया है । डॉ रेखा भी वहीँ पहुँच गयी । वहां मधु को लेबर रुम में ले जाया गया था । नर्स बाहर आकर
फिर अंदर जा रही थी , अस्पताल नया नया जान पड़ रहा था , डॉ रेखा को भी फ़िक्र हो रही थी मधु की ।

नर्स का बार बार आना जाना रेखा को विचलित कर रहा था । रेखा से न रहा गया , उसने नर्स से पूछा ," क्या बात है , कोई कंप्लीकेशन हो गयी है क्या ?"

नर्स ने डॉ रेखा की तरफ़ देखकर कहा ," हाँ पेशेंट मधु का बच्चा उल्टा है , मैडम डॉ रेखा को कॉल करने का कह रही है ,
वे उन्हींकी स्टूडेंट रहीं है ,और पेशेंट भी बार बार डॉ रेखा को पुकार रही हैं । "

मधु के घरवालों ने डॉ रेखा की तऱफ इशारा किया । वे नर्स के साथ तुरंत गयीं । अब तक मधु को ओ टी में शिफ्ट कर दिया गया था ,ऑक्सीजन की कमी हो गयी थी मधु के शारीर में ।

नर्स के जाते ही वहां स्टाफ मेम्बर्स काना फूसि करने लगे , " मैडम भी कमाल है , ऐसी डॉ को बुला भेजा जिसकी प्रैक्टिस ही रद्द कर दी गयी है । कैसे कैसे लोग डॉक्टर बन जाते है , डॉक्टर के पेशे को बदनाम करते हैं । अब ये रेखा मैडम को क्यों बुलाया , क्या अपनी मैडम नहीं जानती कॉम्प्लिकेटेड केसेस को कैसे हैंडल करते हैं ? "
किसीने कहा , " यार छोडो अपन को क्या करना ! अपनी ड्यूटी करो और फुर्सत पाओ । "
कुछ ही समय बाद ओ टी की लाइट बन्द हुई । बाहर आकर नर्स ने सूचना दी कि कॉम्प्लिकेशन के चलते ऑपरेशन की नौबत आ गयी थी , पर जरुरत नहीं पड़ी , सब ठीक है , और पेशेंट को बेटा हुआ है । "

थोड़ी देर के बाद , डॉक्टर , डॉ रेखा के साथ बाहर आयी ,और मधु के घर वालों से बोलीं , आज आपने रेखा मैडम को बुलवाकर मुझे कृतार्थ किया है , मैंने अपनी गुरु की निगरानी में आज एक कॉम्प्लिकेटेड केस को हैंडल किया है । मैडम का आशीर्वाद आज मुझे मिला ।

सच कहूँ तो मैं ऑपरेशन ही करने वाली थी , पर मैडम के मार्गदर्शन से नॉर्मल डिलीवरी सम्भव हो पायी । यही तो होता है , एक्सपीरियंस बोलता है । धन्य हुई मैं आज ।

डॉ रेखा के मुख पर सन्तोष था , आज वे फिर जी उठी थी ।
ऐसे ही एक केस ने तो उनकी प्रैक्टिस छीन ली थी , आज वे खुद को पूर्ण मान रहीं थी ।

मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 710

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on June 2, 2017 at 2:11pm
Sadar dhanywad Adarniya Tej veer singh ji
Comment by TEJ VEER SINGH on June 2, 2017 at 12:59pm

हार्दिक बधाई आदरणीय कल्पना जी।बहुत बढ़िया प्रस्तुति।विस्तार कुछ अधिक दे दिया।

Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on May 28, 2017 at 11:14pm
धन्यवाद सर

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अब, जबकि यह लगभग स्पष्ट हो ही चुका है कि OBO की आगे चलने की संभावना नगण्य है और प्रबंधन इसे ऑफलाइन…"
13 hours ago
amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
Friday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
Wednesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
May 13
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post भ्रम सिर्फ बारी का है
"आशीष यादव जी , मेरा संदेश आप तक पहुंचा ,प्रयास सफल हो गया .धन्यवाद.पर्यावरण को जितनी चुनौतियां आज…"
May 11
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय धामी जी सारगर्भित ग़ज़ल कही है...बहुत बहुत बधाई "
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service