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राष्ट्र व इसके सपूतों को समर्पित

राष्ट्र मेरा है अलबेला है इसकी छवि निराली,
लाल हुए है पैदा ऐसे जिनके बोल गए न खाली।

क्या लाला क्या वल्लभ जी ?
गोद में अपनी इसने तो रानी लक्ष्मी भी है पाली ।

अरे उनकी तो बात ही क्या जो फाँसी चढ़ गए हँसते-हँसते,
न जाने कितने वीरों को दिखा दिए थे आजादी के रस्ते।

आजाद था आजाद रहेगा करलो चाहे जितनी मनमानी,
अभी तो बस शुरू हुई है उन आर्यों की ये अमर कहानी।

श्री राम की मर्यादा है जो हमने तुझको माफ़ किया,
मत भूल कि उस बिस्मिल ने फिर न जाने कितनो को साफ किया।

खैरात की आजादी न समझों वीरों ने जान गंवाई है,
मत भूलो वो कुर्बानी जो उनके खून से तुमने पायी है।

*साक्षी आर्या*

(मौलिक व अप्रकाशित)

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Comment by साक्षी शर्मा on May 9, 2017 at 10:02pm
धन्यवाद

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on May 9, 2017 at 9:19pm

आदरनीया साक्षी जी , देश भक्ति के भावों से सजी आपकी रचना के लिये हार्दिक बधाइयाँ । बाक़ी जो भी उचित सुझव मिले हैं उनका ध्यान रखियेगा ।

Comment by साक्षी शर्मा on May 9, 2017 at 9:10am
जी धन्यवाद , जरूर ध्यान दूँगी
Comment by नाथ सोनांचली on May 9, 2017 at 1:42am
आद0 साक्षी जी सादर अभिवादन,अपनी भावनाएं प्रकट करने के लिये बधाई स्वीकार करें ।
जनाब रवि शुक्ल जी की बातों पर ध्यान दें ।
Comment by नाथ सोनांचली on May 9, 2017 at 1:42am
आद0 साक्षी जी सादर अभिवादन,अपनी भावनाएं प्रकट करने के लिये बधाई स्वीकार करें ।
जनाब रवि शुक्ल जी की बातों पर ध्यान दें ।
Comment by साक्षी शर्मा on May 8, 2017 at 8:14pm
जी अवश्य
Comment by Samar kabeer on May 8, 2017 at 6:40pm
मोहतरमा साक्षी जी आदाब,अपनी भावनाएं प्रकट करने के लिये बधाई स्वीकार करें ।
जनाब रवि शुक्ल जी की बातों पर ध्यान दें ।
Comment by साक्षी शर्मा on May 8, 2017 at 5:35pm
धन्यवाद
मैं मुख्य रूप से अपनी भावनाओं को प्रकट कर लिखने का प्रयास करती हूँ।
सुधार का प्रयास अवश्य करती रहूँगी।
Comment by Ravi Shukla on May 8, 2017 at 1:50pm

आदरणीया साक्षी जी मंच पर उपलब्‍ध समूह में से पंसद के समूह को पढ कर अपनी विधा की जानकारी लीजिये और फिर प्रयास करें आपके भाव सुंदर शिल्‍प बद्ध तरीके से अभिव्‍यक्‍त होंगे । इस रचना के लिये आपको बधाई

Comment by साक्षी शर्मा on May 8, 2017 at 1:04pm
धन्यवाद
मैने कुछ ही समय से लिखना प्रारम्भ किया है, तुकबन्दी का आभाव है लेकिन सुधर करने में प्रयासरत हूँ। आप सबका आशीर्वाद रहे तो और अच्छा लिख पाऊँगी।

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