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मेरा कलाम मेरी आवाज़ में

ओबीओ पर आप दोस्तों ने मेरा कलाम पढ़कर हमेशा मेरी हौसला-अफ़्ज़ाई की है । आप क़द्रदानों के लिये मैं अपनी ताज़ा ग़ज़ल को, जोकि "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक ११ में शामिल हुई थी, अपनी ख़ुद की आवाज़ में पेश कर रहा हूं । इसे सुनने के लिये नीचे दिये बॉक्स के प्ले बटन को क्लिक करें :

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Comment by arvind pathak on June 1, 2011 at 10:48pm

bahut sundar rachna aur aawaz....

thanks...

Comment by moin shamsi on June 1, 2011 at 10:28pm
Thanx Ravi ji and Shams saheb. Shams ji, iski bhi koi vajah hai. apko naagawaar laga, iske liye maazrat.
Comment by Shamshad Elahee Ansari "Shams" on June 1, 2011 at 6:46pm

Bahut khoob, Shamsi Bhai, kalam bhi umda, aawaaz bhi umda...haan, bhoomika kutch akhri jaroor. Sadar

 

Comment by Rash Bihari Ravi on June 1, 2011 at 6:41pm
khubsurat gajal vah vah lajabab

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