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’मदर्स-डे’ स्पेशल (मां का प्यार)

सबसे पावन, सबसे निर्मल, सबसे सच्चा मां का प्यार

सबसे अनोखा, सबसे न्यारा, सबसे प्यारा मां का प्यार ।


बच्चे को ख़ुश देख-देख के, मन ही मन हंसता रहता

जब संतान पे विपदा आए, तड़प ही उठता मां का प्यार ।


सुख की ठंडी छांव में शीतल पवन के जैसा लहराता

दुख की जलती धूप में सर पे साया बनता मां का प्यार ।


मिल जाएगा यूं तो जग में, कोई विकल्प हर रिश्ते का

बेमिसाल है, लाजवाब है, बड़ा अनूठा मां का प्यार ।


करता शीश झुका कर विनती ’शमसी’ यही विधाता से

जैसे मुझको दिया है, या रब ! सब को देना मां का प्यार ।

 ---मुईन शम्सी

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Comment by Rajesh Kumar Singh on May 11, 2011 at 11:00am
awesome
Comment by Rajeev Mishra on May 10, 2011 at 4:22pm
बच्चे को ख़ुश देख-देख के, मन ही मन हंसता रहता

जब संतान पे विपदा आए, तड़प ही उठता मां का प्यार ।

bahut sunder panktiyan bhai jee ! shadhuwaad

Comment by moin shamsi on May 10, 2011 at 3:38pm
Abhinav ji, Sanjay Yadav ji, Ravikumar Guru ji, Bagi ji, Ajay Kumar Bohat ji... AAP SAB QADRADAANO KA DIL SE AABHAAR !
Comment by Abhinav Arun on May 10, 2011 at 3:22pm
सुख की ठंडी छांव में शीतल पवन के जैसा लहराता

दुख की जलती धूप में सर पे साया बनता मां का प्यार ।

waah moin jee bahut khoobsurat adayagi badhaae aapko ||

Comment by Sanjay Rajendraprasad Yadav on May 10, 2011 at 2:16pm
मोईन जी,
//खुबसूरत ग़ज़ल बधाई ///////////
Comment by Rash Bihari Ravi on May 10, 2011 at 1:57pm
khubsurat rachana

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on May 10, 2011 at 1:54pm
मोईन जी, सभी शे'र खुबसूरत लगे, सामयिक विषयों पर  आपको पढ़ना सुखद लगा, बधाई इस खुबसूरत ग़ज़ल पर |
Comment by AjAy Kumar Bohat on May 7, 2011 at 8:58pm
Mothers Day par aapki rachna, ek dum Maa ke pyaar jaisi lagi....

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