For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल (दिल के आगे हमें सर झुकाना पड़ा )

ग़ज़ल (दिल के आगे हमें सर झुकाना पड़ा )
-----------------------------------------------------
फाइलुन -फाइलुन -फाइलुन -फाइलुन

दिल के आगे हमें सर झुकाना पड़ा |
इक सितम गार से दिल लगाना पड़ा |

चश्मे नम से न खुल जाए राज़े वफ़ा
सोच कर यह हमें मुस्कराना पड़ा |

प्यार की इक नज़र की ही उम्मीद में
उम्र भर संग दिल से निभाना पड़ा |

दर्स ज़ालिम ले अंज़ामे फिरओन से
ज़ालिमों को भी दुनिया से जाना पड़ा |

सिर्फ़ उस शोख की दोस्ती के लिए
सारी दुनिया को दुश्मन बनाना पड़ा |

दिल की हर बात जब लब पे आई नहीं
जाम पर जाम उसको पिलाना पड़ा |

साथ अपने न तस्दीक़ जब दे सके
हाथ गैरों से हम को मिलाना पड़ा |

(मौलिक व अप्रकाशित )

Views: 611

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Samar kabeer on January 3, 2017 at 9:19pm
"दिल की हर बात जब लब पे आई नहीं
जाम पर जाम उसको पिलाना पड़ा"
आपका शैर मफ़हूम के लिहाज़ से कमज़ोर हैं,आपने इसकी वज़ाहत यूँ पेश की है कि जब किसी शराबी से सच बुलवाना हो तो उसे शराब पिलाना चाहिये, तो जनाब आप शराबी से क्या सच बुलवाना चाहते हैं?और आपका उस शराबी से क्या रिश्ता है ?
अब रही 'जाम पर जाम'पिलाने की बात,तो ये तो थोड़ा सा ज्ञान रखने वाला भी बता देगा की ये बहुवचन में ही इस्तेमाल होगा न कि एक वचन में,मुआफ़ कीजियेगा इस गुस्ताख़ी के लिये कि आप भी सच को तस्लीम नहीं करते देखे गये हैं तो क्या आपको भी जाम पर जाम पिलाना पड़ेंगे ?
Comment by Tasdiq Ahmed Khan on January 2, 2017 at 10:50pm

मुहतरम जनाब आशुतोष साहिब , ग़ज़ल में गहराईसे शिरकत और आपकी हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया ,महरबानी
''दर्स ज़ालिम ले अंजामे फ़िरऔन से '' का मतलब है '' ऐ जालिम, फ़िरऔन के अंजाम से सबक़ ले '' फ़िरऔन एक ज़ालिम बादशाह
हुआ है जो खुद को खुदा कहता था जो नहीं मानते थे उनपर ज़ुल्म करता था ----

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on January 2, 2017 at 10:40pm

मुहतरम जनाब समर कबीर साहिबआदाब , , ग़ज़ल में गहराईसे शिरकत और आपकी हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया ,महरबानी

कहते हैं अगर किसी शराबी से सच उगलवाना हो तो उसे शराब पिलाना शुरू कर दो , यही ख़याल शेर में लिया है \ जहाँ तक जाम पर जाम
के बहुवचन का सवाल है , शेर में एक शख्स का ज़िक्र है इसलिए मेरे ख़याल से दोनों तरह से लेने में कोई खराबी नहीं लगती ----सादर

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on January 2, 2017 at 10:30pm

मुहतरम जनाब महेंद्र कुमार साहिब, , ग़ज़ल में गहराई शिरकत और आपकी हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया ,महरबानी

Comment by Dr Ashutosh Mishra on January 2, 2017 at 8:43pm
आदरणीय तस्दीक़ जी इस ग़ज़ल को गुनगुनाने में बड़ा आनंद आया द र्स जालिम ले अंजामे फिरओन से इन शब्दों का अर्थ मुझे पता नहीं है इस रचना के लिए हार्दिक बधाई सादर
Comment by Mahendra Kumar on January 2, 2017 at 7:11pm
बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय समर सर। असल में मुझे सिर्फ सितमगर के बारे में पता था। सादर।
Comment by Samar kabeer on January 2, 2017 at 5:31pm
महेन्द्र जी,'सितमगार'का अर्थ है तकलीफ़ देने वाला ।
Comment by Samar kabeer on January 2, 2017 at 5:30pm
जनाब तस्दीक़ अहमद साहिब आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं ।
'दिल की हर बात जब लब पे आई नहीं
जाम पर जाम उसको पिलाना पड़ा'-किसको पिलाना पड़ा ?
दूसरी बात,जाम पर जाम से बहुवचन का सीग़ा बनता है,तो 'पिलाने पड़े'होगा न ?
Comment by Mahendra Kumar on January 2, 2017 at 3:10pm
सिर्फ़ उस शोख की दोस्ती के लिए
सारी दुनिया को दुश्मन बनाना पड़ा | ...वाह! बढ़िया ग़ज़ल है आदरणीय तस्दीक़ अहमद खान जी। मेरी तरफ से ढेरों बधाई प्रेषित है। एक प्रश्न है, 'सितम गार' का क्या अर्थ है? सादर।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari posted a blog post

निर्वाण नहीं हीं चाहिए

निर्वाण नहीं हीं चाहिए---------------------------कैसा लगता होगाऊपर से देखते होंगे जबमाँ -बाबाकि…See More
13 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .अधर

दोहा पंचक. . . . . अधरअधरों को अभिसार का, मत देना  इल्जाम ।मनुहारों के दौर में, शाम हुई बदनाम…See More
13 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
17 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"चर्चा से कई और पहलू, और बिन्दु भी, स्पष्ट होंगे। हम उन सदस्यों से भी सुनना चाहेंगे जिन्हों ने ओबीओ…"
yesterday
pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
Saturday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
Friday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
Friday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
Friday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
Thursday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
Thursday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
Mar 11
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Mar 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service