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गीत-देखो आये ऋतुराज प्रिये!

देखो आये ऋतुराज प्रिये!
अंग-उमंग, तरंग भरे उर,
राग-रंग सुर-साज लिए।
देखो आये ऋतुराज प्रिये!

नित नवीन पल्लव तरु आए,
 सारे आम्रकुंज बौराए।
आये, कामदेव-सुत आये,
सुरभि-सुगंधित साथ लिए।
देखो आये ऋतुराज प्रिये!

चारो ओर कुसुम हर्षाएँ।
पुष्प पराग कलश छलकाएँ।।
तितली-भौंरे अति इतराएँ,
मन-मधुरस की आस लिए।
देखो आये ऋतुराज प्रिये!


पिक उपवन में कूक लगाएं,
हरखें, राग वागश्री गायें।
मोर-मोरनी रास रचाएं,
मधुबन में रति भाव लिए।
देखो आये ऋतुराज प्रिये!


सखी-सहेली नाचे गायें,
पिया मिलन की प्यास बुझाएं।
राह तकूँ मैं नयन बिछाये,
स्वागत में मधुमास लिए।
देखो आये ऋतुराज प्रिये!



  -रामबली गुप्ता
मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by रामबली गुप्ता on March 29, 2016 at 12:46pm
हार्दिक आभार आ.कांता जी ऋतुराज गीत पसंद करने के लिए
Comment by kanta roy on March 29, 2016 at 12:04pm

वाह  !  ऋतुराज प्रिये का प्रिय  होना  भी  यहाँ  खूब  भाया  है  मन  को  . मधुमास  की  छटा  यहाँ  देखते  ही  बनती  है  . 

सादर  नमन  आपको  ! __/\__/\__/\__

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