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ग़ज़ल- सारथी || बेख़ुदी में पुकारा करेंगे ||

बेख़ुदी में पुकारा करेंगे 

बोल कैसे गुजारा करेंगे /१

आज उनसे निगाहें लड़ीं हैं 

आज जश्ने-बहारा करेंगे /२ 

शोरगुल में कहाँ बात होगी 

कनखियों से इशारा करेंगे /३

बेतहाशा हसीं आप हैं जी 

रोज सदके उतारा करेंगे /४ 

देखना हमसे मिलकर गये हैं 

आईने को निहारा करेंगे /५ 

...........................................
सर्वथा मौलिक व अप्रकाशित

अरकान: २१२ २१२ २१२२

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on November 1, 2014 at 8:42am

देखना हमसे मिलकर गये हैं 

आईने को निहारा करेंगे  ------ लाजवाब शे र और पूरी गज़ल के लिये दिली बधाइयाँ स्वीकार करें , आ. बैद्यनाथ भाई ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on October 30, 2014 at 9:41pm

देखना हमसे मिलकर गये हैं 

आईने को निहारा करेंगे /५ ---वाह्ह ग़ज़ल का शेर हुआ 

बहुत सुन्दर ग़ज़ल दाद कबूलिये 

Comment by Saarthi Baidyanath on October 30, 2014 at 9:03pm

आदरणीय gumnaam pithoragarhi जी , सादर नमन ! आपने अपनी पसंद जाहिर की, नत मस्तक हूँ ! स्नेह देते रहिएगा .. आपका :)

Comment by Saarthi Baidyanath on October 30, 2014 at 9:02pm

आदरणीय डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव जी , आपके आशीष से हिम्मत बढ़ गई ! बहुत बहुत धन्यवाद ज्ञापित कर रहा हूँ ! सादर नमन सहित :)

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on October 30, 2014 at 4:58pm

प्रभाव् पूर्ण --- अच्छी कोशिश i

Comment by gumnaam pithoragarhi on October 30, 2014 at 4:49pm
शोरगुल में कहाँ बात होगी

कनखियों से इशारा करेंगे



देखना हमसे मिलकर गये हैं

आईने को निहारा करेंगे

waah khoob sir ji,,,,,,,,,,,,,
Comment by Saarthi Baidyanath on October 30, 2014 at 1:28pm

आदरणीय  Shyam Narain जी , चरण स्पर्श ! सादर आभार स्वीकार करें ! आपके निरंतर स्नेह का अभिलाषी - सारथी :)

Comment by Saarthi Baidyanath on October 30, 2014 at 1:27pm

जनाब  Nilesh Shevgaonkar साहिब , बहुत मेहरबानी ! आपकी मुहब्बत का शुक्रगुजार हूँ ! आपने अपने पसंद को जाहिर किया ..और नाचीज की हौसलाअफजाई की ...इनायत आपकी ! सादर नमन सहित :)

Comment by Saarthi Baidyanath on October 30, 2014 at 1:25pm

आदरणीय  narendrasinh chauhan जी , सादर प्रणाम ! आपका प्रोत्साहन व स्नेह पाकर हर्षित हूँ ! कोटिशः आभार सहित :)

Comment by Nilesh Shevgaonkar on October 30, 2014 at 10:54am

देखना हमसे मिलकर गये हैं 

आईने को निहारा करेंगे .... आहा ..क्या शेर हुआ है वाह ..ग़ज़ल हो गयी इस एक शेर से ..वाह वाह 
.

शोरगुल में कहाँ बात होगी 

कनखियों से इशारा करेंगे.... ये शेर भी बहुत अच्छा लगा ..बधाई 

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