For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

स्वप्न

पावस-अमावस में, निविड़ में बीहड़ में

साहस की मूर्ति बनी कृष्ण अभिसारिका  I

नीर नेत्र-नीरज में धर्म वृत्ति धीरज में

श्रृद्धा भक्ति भाव भरी आयी सुकुमारिका I

देखा प्रिय पंथ में खड़े है अड़े भासमान

धाय गिरी अंक मे अधीर हुयी चारिका  I

चौंकि उठी उसी क्षण स्वप्न सुख भंग हुआ

हाय ! कहाँ कान्ह वे तो जाय बसे द्वारिका I  

 

मुक्ति-चतुष्टय

(भारतीय दर्शन में चार प्रकार की मुक्ति मानी गयी है -

सामीप्य, सारूप्य, सालोक्य, सायुज्य )

 

वैभव समाज छोड़, लोक रीति लाज छोड़

चली  काम-काज छोड़ अभिसार करने I

कुञ्ज की उजाली देख प्रीतम प्रभाली देख

लगी रोष -लाली देख मनुहार करने I

प्रेयसि का चन्द्र -मुख, प्रिय का सनेह सुख

क्या ही रस वाद लगा झार-झार झरने I

स्वामि ने स्वरुप दिया लोक अपरूप दिया

सुखद  सामीप्य दिया, सामरस्य सरने I

 

 

[अप्रकाशित एवं मौलिक ]

Views: 960

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on July 4, 2014 at 10:41am

महनीया मंजरी जी

आपका हार्दिक आभार i

Comment by mrs manjari pandey on July 3, 2014 at 8:50pm
आदरणीय गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी बहुत ही मनमोहक रचना।
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on July 2, 2014 at 3:12pm

आदरणीय ब्रिजेश जी/ आपसे प्रोत्साहन पाना एक पुरस्कार है i / सादर i

Comment by बृजेश नीरज on July 2, 2014 at 2:38pm
वाह। बहुत सुन्दर। आपको हार्दिक बधाई।
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on July 2, 2014 at 2:33pm

शिज्जू  भाई / आप जैसे श्रेष्ठ कलमकार से मान पाना अहोभाग्य है i

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on July 2, 2014 at 2:32pm

आदरणीय शर्मा जी / आपके स्नेह से आप्यायित हुआ i

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on July 2, 2014 at 2:29pm

सविता मिश्रा जी / आपके प्रोत्साहन का आभार i

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on July 2, 2014 at 2:29pm

मीना जी /आपका आभार  i


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on July 2, 2014 at 8:45am

आदरणीय डॉ गोपाल नारायण सर बहुत खूबसूरत रचनायें हैं बहुत बहुत बधाई आपको

Comment by Dr.Vijay Prakash Sharma on July 1, 2014 at 9:29pm

श्रृद्धा भक्ति भाव भरी आयी सुकुमारिका---

स्वप्न में भी यह भाव , अद्भुत है.बधाई आदरणीय

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"प्रेरक रचना।मार्ग दिखाती हुई भी। आज के समय की सच्चाई उजागर करती हुई। बधाइयाँ लीजिये, आदरणीय उस्मानी…"
52 minutes ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"दिली आभार आदरणीया प्रतिभा जी। "
58 minutes ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"हार्दिक आभार आदरणीय उस्मानी जी। "
58 minutes ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आजकल खूब हो रहा है ये चलन और कभी कभी विवाद भी। आपकी चिरपरिचित शैली में विचारोत्तेजक लघुकथा। बधाई…"
1 hour ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"समसामयिक विषय है ये। रियायत को ठुकराकर अपनी काबलियत से आगे बढ़ना अच्छा है,पर इतना स्वाभिमान कम ही…"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आदाब। हार्दिक स्वागत आदरणीय मनन कुमार सिंह जी। समसामयिक और सदाबहार विषय और मुद्दों पर सकारात्मक और…"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"चाहतें (लघुकथा) : बार-बार मना करने पर भी 'इच्छा' ने अपनी सहेली 'तमन्ना' को…"
1 hour ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"दूसरा अंक -पत्र'..... तो बी. ए. की परीक्षा आपने दोबारा क्यों पास की? ' इंटरव्यू बोर्ड के…"
2 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"प्रतीक्षा है विषय मुक्त  सार्थक रचनाओं की।"
2 hours ago
रामबली गुप्ता posted a blog post

कर्मवीर

आधार छंद-मनहरण घनाक्षरी सुख हो या दुख चाहें रहते सहज और, जग की कठिनता से जो न घबराते हैं। स्थिति…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर और समसामयिक नवगीत रचा है आपने। बहुत बहुत हार्दिक बधाई।"
yesterday
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service