For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गर्वीला पुष्प (अन्नपूर्णा बाजपेई)

शाख पर लगा 

अलौकिक सौंदर्य पर इतराता 

वसुधा को मुंह चिढ़ाता 

मुसकुराता इठलाता 

मस्त बयार मे कुलांचे भरता 

गर्वीला पुष्प !.......... 

सहसा !!!

कपि अनुकंपा से 

धराशायी हुआ 

कण कण बिखरा 

अस्तित्व ढूँढता 

उसी धरा पर 

भटकता यहाँ से वहाँ 

उसी वसुधा की गोद मे समा जाने को आतुर ... 

बेचारा पुष्प !!! 

अप्रकाशित एवं मौलिक 

Views: 954

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on February 1, 2014 at 2:38am

रचनाकर्म के क्रम में प्रयासरत रहना अच्छा है, लेकिन हर प्रयास साझा न किया करें.

सादर

Comment by annapurna bajpai on February 1, 2014 at 12:08am

आदरणीया कल्पना दीदी आपका हार्दिक आभार । 

Comment by कल्पना रामानी on January 31, 2014 at 10:27am

सुंदर भावपूर्ण कविता के लिए हार्दिक बधाई, अन्नपूर्णा जी। सादर

Comment by annapurna bajpai on January 29, 2014 at 12:08am

आदरणीय नीरज जी , आ0 भण्डारी जी , आ0 नीरज कुमार जी , आ0 मीना जी , आ0 बृजेश जी , आ0 प्राची जी , आ0 जितेंद्र जी , आ0 डॉ आशुतोष जी , आ0 राजेश कुमारी जी आप सभी का हार्दिक abhar । 

Comment by annapurna bajpai on January 29, 2014 at 12:04am

प्रिय अरुण रचना पसंद करने के लिए आपका आभार । 

Comment by annapurna bajpai on January 29, 2014 at 12:04am

आ0 वंदना जी आपका हार्दिक आभार । 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on January 28, 2014 at 9:01pm

जिंदगी एक रूप अनेक कभी ख़ुशी कभी गम चर अचर सभी के साथ ये फ़लसफ़ा --फिर ये तो बेचारा फूल है न जाने किन किन आयामों से गुजरता है ....बहुत सुन्दर कोमल एहसास को जीती प्रस्तुति हेतु बहुत- बहुत बधाई 

Comment by Dr Ashutosh Mishra on January 28, 2014 at 3:03pm

सुंदर भावों से सुसज्जित शानदार कृति ..जीवन की सम्पूर्ण कहानी ..अन्नपूर्णा जी आपको हार्दिक बधाई ..सादर 

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on January 28, 2014 at 11:16am

सुंदर कोमल भाव से संजोयी रचना, बधाई आदरणीया अन्नपूर्णा जी


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on January 28, 2014 at 9:07am

एक फूल की दशा के इर्दगिर्द सुन्दर अभिव्यक्ति हुई है 

शुभकामनाएं 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"सच फ़साना नहीं कि तुझ से कहें ये बहाना नहीं कि तुझ से कहें दिल अभी जाना नहीं कि तुझ से कहें ग़म…"
1 hour ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"सादर अभिवादन "
1 hour ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी की नमस्कार, यूँ तो आज आयोजन प्रारंभ ही हुए हैं और किसी प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं है,…"
4 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
17 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"स्वागतम"
17 hours ago
Admin replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"स्वागतम"
17 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
"स्वागतम"
17 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आपकी बात से सहमत हूँ। यह बात मंच के आरंभिक दौर में भी मैंने रखी थी। अससे सहजता रहती। लेकिन उसमें…"
Monday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .विविध

दोहा सप्तक. . . . . . विविधकभी- कभी तो कीजिए, खुद से खुद की बात ।सुलझेंगे उलझे हुए,  अंतस के हालात…See More
Monday
amita tiwari posted blog posts
Monday
Admin replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"साथियों, आप सभी के बहुमूल्य विचारों का स्वागत है, इस बार के लिए निर्णय लिया गया है कि सभी आयोजन एक…"
Sunday
Admin posted discussions
Sunday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service