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आहत माँ का दर्द

मै जीना चाहती हूँ माँ !!

कैसे जियेगी तू मेरी बच्ची ?
समय के साथ ये सब
श्रद्धांजलि और प्रदर्शनों
के आडम्बर शांत हो जायेंगे
सब कुछ भूल, लग जायेंगे
सभी अपने अपने काम में
पर तेरा जीवन नही बदलेगा !!
   
जो बच गई
जीवन तेरा और भी नर्क हो जाएगा
तू जब भी निकलेगी घर से
तेरी तरफ उठेंगी सौकड़ों आँखे  
तू भूलना भी चाहेगी तो
दिखा – दिखा उंगुली    
लोग तुझे भूलने नही देंगे
जानना चाहेंगे सभी ये कि  
कैसे हुआ ये ?

जीवन भर तू उन दरिंदों
का लिजलिजा स्पर्श
अपने शरीर पर बिलबिलाते हुए
कीड़ों की तरह महसूसेगी
खुद ही खुद से घिन करेगी
प्रश्न करती आँखों का
सामना कब तक करेगी ?   

ये हमारा समाज
तुझे जीने नही देगा
कौन अपनाएगा तुझे ?
बोल मेरी बच्ची !
तुझे इस हाल में
मै ना देख पाऊँगी !!
 
सारा जीवन तिल-तिल कर
मरने से अच्छा
तू अभी मर जा मेरी बच्ची

तू अभी मर जा !!

मीना पाठक
मौलिक अप्रकाशित

Views: 1058

Comment

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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on December 17, 2013 at 9:25pm

आदरणीया मीना जी

मर्मस्पर्शी अभिव्यक्ति...

दरिन्दगी की शिकार एक बिटिया की माँ की अन्तर्दशा की यथा अभिव्यक्ति 

आगे की ज़िंदगी पल पल मौत के समान दिखे तो माँ भी क्या कहे... 

लेकिन समाज की यह सोच कितनी गलत है... निरपराध होते हुए भी बिटिया क्यों अपराधबोध सहे ..जीवन भर?

इस विषय पर सोच कर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं..आपने सशक्त प्रस्तुति दी हृदय से शुभकामनाएं.

सादर.

Comment by Meena Pathak on December 17, 2013 at 6:20pm

सादर आभार आदरणीय मुकेश जी 

Comment by Mukesh Kumar Sinha on December 17, 2013 at 5:49pm

मार्मिक ॥ बेटी का दर्द उभर कर आ रहा है ... 

बहुत अच्छी रचना... 

Comment by Meena Pathak on December 17, 2013 at 5:29pm

सादर आभार आदरणीय तपन जी 

Comment by Tapan Dubey on December 17, 2013 at 4:36pm
आदरणीया इस मर्मस्पर्शी रचना के लिए बधाई
Comment by Meena Pathak on December 17, 2013 at 2:45pm

आदरणीय सुशील सरन जी बहुत बहुत आभार | सादर 

Comment by Meena Pathak on December 17, 2013 at 2:45pm

प्रिय जितेन्द्र जी बहुत बहुत आभार 

Comment by Meena Pathak on December 17, 2013 at 2:44pm

बहुत बहुत आभार आ० राम शिरोमणि जी 

Comment by Meena Pathak on December 17, 2013 at 2:44pm

सादर आभार आदरणीय शिज्जू जी 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 17, 2013 at 2:43pm

मीना जी

बहुत सुन्दर i माँ का दर्द मुखरित है i  आपको बधाई i

कृपया ध्यान दे...

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