For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं

पहला गुरु माँ है इसको करते हैं हम नमन
जिसने संस्कार दिए चलने को बिना विघ्न
दूसरा गुरु शिक्षक जिसने संस्कारों को सींचा
हमेशा उन्नति ही पाई ना कभी देखा नीचा|

उनकी डाँट और प्यार ने ऐसे हमें सँवारा
गिरेगें,फिर उठेंगे,पर ना हटना लक्ष्य से गँवारा
गुरु हमेशा पूजनीय देना उन्हें सत्कार
उनके श्रम लगन से ही बनता है आधार

आओ याद करें उस महान शिक्षक को,
सर्वपल्ली राधाकृष्णन था जिसका नाम!
राष्ट्रपति बनकर जो देश को सँवारा,
बढ़िया लेखन कर किया शिक्षा का काम!

....................

मौलिक व अप्रकाशित 

Views: 495

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by ram shiromani pathak on September 6, 2013 at 8:04pm

आदरणीया  सरिता  जी  आपकी रचना में गद्यात्मकता सी है ////गेयता बहुत ही बाधित है,बाकी आप स्वयं जानकार है आदरणीया ///अन्यथा न लीजियेगा ///सादर 

Comment by Sarita Bhatia on September 6, 2013 at 7:55pm

आदरणीय  ram shiromani pathak जी मैंने शिक्षक दिवस पर बहुत सारी रचनाएँ यहाँ और अपने ब्लॉग पर पोस्ट की हैं ,आपको यह रचना पसंद नहीं आई ,जानना चाहती हूँ क्यों? कहाँ कमी महसूस की आपने कृपया बताएं ताकि आगे से सुधार हो सके 

Comment by Sarita Bhatia on September 6, 2013 at 7:51pm

सभी दोस्तों को ह्रदय तल से आभार आपको रचना पसंद आई ,उत्साहवर्धन करते रहें 

Comment by अरुन 'अनन्त' on September 6, 2013 at 1:55pm

शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं आदरणीय सुन्दर संदेशात्मक रचना हार्दिक बधाई स्वीकारें.

Comment by Meena Pathak on September 5, 2013 at 9:34pm

आओ याद करें उस महान शिक्षक को,
सर्वपल्ली राधाकृष्णन था जिसका नाम!
राष्ट्रपति बनकर जो देश को सँवारा,
बढ़िया लेखन कर किया शिक्षा का काम!................. नमन

Comment by बृजेश नीरज on September 5, 2013 at 8:33pm

शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on September 5, 2013 at 8:31pm

शिक्षक दिवस के अवसर पर सुंदर रचना प्रस्तुति , बधाई आदरणीया सरिता जी

Comment by ram shiromani pathak on September 5, 2013 at 8:16pm

आदरणीया आपकी बहुत  सारी  रचनाएँ मै  पढ़ा हूँ लेकिन  पहली बार निराश  हुआ//सुन्दर भावों के लिए हार्दिक बधाई आपको   //सादर  

Comment by Shyam Narain Verma on September 5, 2013 at 4:27pm

 इस प्रस्तुति हेतु बहुत-बहुत बधाई व शुभकामनाएँ....

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
1 hour ago
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
6 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
6 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
6 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"मेरा प्रयास आपको अच्छा और प्रेरक लगा। हार्दिक धन्यवाद हौसला अफ़ज़ाई हेतु आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service