वंदना हम कर रहे
माँ शारदे माँ शारदे
अज्ञान के अंधेरों से
तू हमें तार दे
हम तो अज्ञानी हैं
ज्ञान से संवार दे
माँ शारदे------------
.
श्वेत वस्त्र धारणी
कमल पे विराजती
वीणा के तार की
झंकार दे झंकार दे
माँ शारदे----------
.
चरणों में तेरे हम
शीश को झुका रहे
ज्ञान की ज्योति
हमको उपहार दे
माँ शारदे------------
मौलिक व अप्रकाशित------
Comment
अरूण जी, माँ सरस्वती की कृपा सब पर बनी रहे....................धन्यवाद
जय माँ शारदे , बहुत ही सुन्दर वंदना की है आपने माँ अवश्य आपकी मुरादें पूर्ण करेंगी. प्रयास अच्छा हुआ है हार्दिक बधाई स्वीकारें.
सुंदरे रचना
बेहद सुन्दर रचना परम आराध्या माँ शारदे के चरणों में निवेदित की है माँ की आशीष हम सभी पर बना रहे
बहुत बहुत बधाई
सादर
अच्छी वंदना के लिए आपको बधाई !
चरणों में तेरे हम
शीश को झुका रहे
ज्ञान की ज्योति
हमको उपहार दे
माँ शारदे----------
जय माँ शारदे जय माँ शारदे!
आपके इस प्रयास पर आपको बधाई!
जय माँ शारदे !
ज्ञान की ज्योति
हमको उपहार दे!
आभार .....
इस प्रस्तुति हेतु बहुत-बहुत बधाई व शुभकामनाएँ................. |
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