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खबर:-तलवार दम्पति पर अपनी ही  बेटी के क़त्ल का मुकदमा चलेगा I
कुछ तो 
आरुषी जिगर का टुकड़ा थी 
फिर ऐसा क्यों कर डाला 

कुछ तो ऐसा हुआ होगा 

जो बेटी को मार डाला
उनके दर्द को देखों यारो 
जो रो भी नहीं सकते
ज़ख्म उनके भी ऐसे होंगे 
जो कभी नहीं भर सकते 
इलज़ाम लगाना आसाँ है 
पर हकीकत कड़वी होती है
ऐसे ही नहीं कोई माँ 
बेटी की कातिल होती है 
बेटी की कातिल हो----
दीपक कुल्लुवी 
२५/५/१२.
जहाँ मुझे नादान आरुषी की मौत का गम है वहीँ उसके माँ बाप  की मजबूरी का भी बेहद दुःख है I

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Comment by Deepak Sharma Kuluvi on May 25, 2012 at 2:26pm

BILKUL PRADEEP JI ZAMANA JALIM HI HAI

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on May 25, 2012 at 1:31pm
आदरणीय दीपक  जी, सादर 
गम दिए  मुश्तकिल कितना नाजुक है दिल  न जाना हाय हाय ये जालिम जमाना. 
आरुशी के हाल कोई पूछे माँ बाप के दिल की सोचे 
जानते न हम जानते न तुम मौत का था क्या बहाना 
हाय हाय ये जालिम जमाना 
Comment by Deepak Sharma Kuluvi on May 25, 2012 at 1:09pm

BILKUM NADAM

GALTI KE UPAR GALTI SHAYAD KOI BHI VARDASHT NAHIN KAR SAKTA ................MAIN JUDGE HOTA TO SHAYAD MAF KAR DETA ......


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 25, 2012 at 1:04pm

आप सही कह रहे हैं अपने जिगर के टुकड़े की जान कोई यूँ ही नहीं ले लेता पर शायद उन के सामने बहुत बढ़ी वजह रही होगी एक जवान लड़की के मातापिता इस बात को गहराई से सोच सकते हैं 

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