For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जो इश्क कर लिया हर्फों में नजाकत आ गई

जो इश्क कर लिया हर्फों में नजाकत आ गई

यार दीवानगी से थोड़ी शरारत आ गई


ये नया दौर  है  इसमें जो लगा उनसे जिगर

चोट दिल पे लगी तो हमको मुहब्बत आ गई


बदलता रोज है आलम मगर जो बदला नहीं

साथ चलता रहा उसको तो अदावत आ गई


चार चांटे लगे वो फिर भी खडा झुकता गया

लोग कहने लगे की इसको शराफत आ गई


दर बदर ठोकरें ही खाता रहा जिसके  लिये

आज उनकी निगाहों में ही हकारत आ गई


खेलना खूब सीखा उनसे मगर आया नहीं 

तोड़ के दिल खुदी का इसमें महारत आ गई


नाम से बैठते गददी में मुफ्त की शोहरत  

बाप के नाम से बच्चों को वजारत आ गई


दीप बाज़ार में दिल औ जिस्म बिकने जो लगा

इश्क बिकने लगा उसमे भी तिजारत आ गई


====संदीप कुमार पटेल "दीप"====


Views: 759

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on May 16, 2012 at 3:45pm

भाई संदीप पटेल जी, बहुत बढ़िया भावपूर्ण कलाम है आपका जिसके लिए आपको दिल से बधाई देता हूँ, कथ्य उत्तम है, बस थोडा सा शिल्प पर और ध्यान देने की ज़रुरत है. प्रयासरत एवं सलग्न रहे, आपकी लेखनी बता रही है कि आपका भविष्य बहुत ही उज्जवल है।

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on May 16, 2012 at 3:29pm

bahut bahut shukriya aapka @डॉ. सूर्या बाली "सूरज" ji .................aapki pratikriya paake utsaahit hun ......saadar aabhar

Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on May 16, 2012 at 3:24pm

संदीप जी भावों से परिपूर्ण रचना मंच पर शेयर करने लिए बहुत बहुत धन्यवाद ! आपको बहुत बहुत बधाई !

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on May 16, 2012 at 3:10pm

aapki har rachna me sirkat aur un par praykut pratikriya ek dam sateek hoti hai ......meri rachna aapko pasand aayi mera likhna safal ho gaya @rajesh kumari  aapka bahut bahut dhanyvaad aur aabhar

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on May 16, 2012 at 3:09pm

aapka bahut bahut dhanyvaad @SHARIF AHMED QADRI "HASRAT" ji ......aabhari hun ...aapki is pratikriya se man prafullit hua ...

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on May 16, 2012 at 3:08pm

is haushlaafajaai ke liye aapka tahe dil se shukriya @AjAy Kumar Bohat ji .....saadar aabhar


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on May 15, 2012 at 8:17pm

vaah ..umda ghazal

Comment by SHARIF AHMED QADRI "HASRAT" on May 15, 2012 at 3:39pm

bahut khoob sandeep ji

Comment by AjAy Kumar Bohat on May 15, 2012 at 1:59pm
Waah Bahut Khoob....

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"इस सुंदर बुनावट और कहन पर आज नजर पड़ी, आदरणीय धर्मेन्द्र जी.  हार्दिक बधाई   "
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' shared their blog post on Facebook
Sunday
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देश की बदक़िस्मती थी चार व्यापारी मिले (ग़ज़ल)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Ravi Shukla जी"
Sunday
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देवता चिल्लाने लगे हैं (कविता)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Ashok Kumar Raktale जी"
Sunday
Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

माँ

माँ यह शब्द नहींं केवलइस जग की माँ से काया है। हम सबकी खातिर अतिपावन माँ के आँचल की छाया है।१।माँ…See More
May 19
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर आप यों घबरा कर मैदान छोड़ देंगे तो जिन्होने एक जुट होकर षड़यन्त्र किया है वे अपनी जीत मानेंगे।…"
May 19
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अब, जबकि यह लगभग स्पष्ट हो ही चुका है कि OBO की आगे चलने की संभावना नगण्य है और प्रबंधन इसे ऑफलाइन…"
May 18
amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
May 15
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
May 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service