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कोख में ही मार दिया ?

जंग से जमीन में 

घाव बहुत होते हैं 

जख्म गर भरे भी तो 

रोम-रोम रोते हैं !

--------------------

इन्सां ने इन्सां को 

इन्सां सा प्यार दिया 

स्वर्ग धरा लाये आज 

जिन्दगी संवार लिया 

-------------------------

बेटियों ने बेटों को 

जी भर के प्यार दिया 

बेटों ने बदले में 

कोख में ही मार दिया ?

-------------------------------

गीली सी मिटटी है 

प्यारा कुम्हार 

पीट पीट ढाल रहा 

सांचे में खांचे में 

देता आकार !

-------------------------

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Comment

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Comment by JAWAHAR LAL SINGH on April 15, 2012 at 8:59pm

बेटियों ने बेटों को

जी भर के प्यार दिया

बेटों ने बदले में

कोख में ही मार दिया ?

और मैं क्या कहूं ? ऊपरवाला भी देखना छोड़ दिया !

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on April 14, 2012 at 11:01pm

बेटियों ने बेटों को 

जी भर के प्यार दिया 

बेटों ने बदले में 

कोख में ही मार दिया ?

-------------------------------

ninda karta hoon aese logon ki. badhai.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on April 14, 2012 at 3:12am

शाश्वत भाव पर वैचारिक और शाब्दिक प्रयास अच्छा लगा. धन्यवाद

Comment by CA (Dr.)SHAILENDRA SINGH 'MRIDU' on April 13, 2012 at 9:02pm

बड़ी ही मार्मिक अभिव्यक्ति बधाई स्वीकार करें सर 

Comment by MAHIMA SHREE on April 13, 2012 at 3:48pm
आदरणीय Admin जी व् आदरणीय भ्रमर जी ,
बहुत आभारी हूँ मेरी समस्या को समझने और मुझे ग्लानी से बचाने के लिए
धन्यवाद आप दोनों का
Comment by Admin on April 13, 2012 at 3:36pm

@महिमा जी , यथोचित सुधार कर दिया गया है ।

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on April 13, 2012 at 3:30pm

महिमा श्री जी--जय श्री राधे ... नाम किसी का भी लिखा जाए तो क्या होता है रचना की सराहना जरुरी होती है वो आप ने  किया आप का समर्थन बेटियों के बचाव में आया मन अभिभूत हुआ ..

भ्रमर ५ 
Comment by MAHIMA SHREE on April 13, 2012 at 2:01pm

बेटियों ने बेटों को

जी भर के प्यार दिया

बेटों ने बदले में

कोख में ही मार दिया ?
आदरणीय SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR जी नमस्कार ,
कम शब्दों में आपने कितनी मार्मिक बात कह दी... बधाई स्वीकार करें

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on April 13, 2012 at 1:53pm

आदरणीया राजेश कुमारी जी बहुत बड़ा प्रश्न है आप का ...सच और सटीक कथन आप का ..बेटियों से ही संसार चलता है फिर उन्हें क्यों मार रहे हैं ..काश जन जागरण हो ..लोग विरोध करें ..कुछ सुधरे 

भ्रमर ५ 
Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on April 13, 2012 at 1:50pm

प्रिय सतीश जी ..कोख में ही मार दिया पर आप का समर्थन पा ख़ुशी हुयी ..काश लोग समझें जिनसे हमारा अस्तित्व है उनको तो प्यार करें ...जय श्री राधे 

भ्रमर ५ 

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