For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सबको मुबारक हो, आना नये साल का.

दिल खोल गायें, तराना नये साल का.
सबको मुबारक हो, आना नये साल का.

खुशियाँ ही खुशियाँ, दिवाली ही दिवाली हो.
हर दिन सुहाना हो, रात मतवाली हो.
शांति- सुकून हो, नज़राना नये साल का.
सबको मुबारक हो, आना नये साल का.

प्यार बिना यारों, ये ज़िन्दगी बेकार है.
मिल्लत औ चाहत, अमन का आधार है.
सुख - समृद्धि हो, खज़ाना नये साल का.
सबको मुबारक हो, आना नये साल का.

मापतपुरी सबको हो,जलवा सिंगार का.
सबको सौगात मिले, उसके सच्चे प्यार का.
ऐसा हसीन हो, बहाना नये साल का.
सबको मुबारक हो, आना नये साल का.

-गीतकार - सतीश मापतपुरी

Views: 599

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by satish mapatpuri on January 6, 2012 at 9:05pm
आदरणीय श्री, 2012 के प्रथम गीत  को आपने सराहा - मैं धन्य हुआ. नववर्ष आपके, आपके परिवार के एवंOBO के लिए मंगलमय हो.

प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on January 6, 2012 at 11:15am

//शांति- सुकून हो, नज़राना नये साल का.
सबको मुबारक हो, आना नये साल का.//

वह वाह - इस मुकद्दस भावना को सलाम. आपको भी नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं. 

Comment by satish mapatpuri on January 1, 2012 at 9:48pm
सराहना के लिए आभार आदरणीय सौरभ भाई , 2012  का मेरा पहला गीत आपको पसंद आया, यह मेरे लिए शुभ संकेत है ............... नवा साल की मंगल कामना

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on January 1, 2012 at 9:30pm

क्या ही सकारात्मक कामनाएँ, क्या ही गेयता और प्रवाह भरी रचना. वाह वाह !.. . झूम-झूम गाते हुए बीते यह साल !!

आपको नये वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ, सतीश भाई.

Comment by satish mapatpuri on January 1, 2012 at 9:15pm
अरुण जी, नीरज साहेब , रवि जी और बागी साहेब, आप सबको मेरा गीत अच्छा लगा, इसके लिए दिल से आभार ............... आप सब को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं.

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 1, 2012 at 8:23pm
प्यार बिना यारों, ये ज़िन्दगी बेकार है.
मिल्लत औ चाहत, अमन का आधार है.
वाह वाह सतीश भईया, बहुत ही खुबसूरत गीत का तोहफा दिया है आपने नए साल का, आपको भी नव वर्ष मंगलमय हो |
Comment by Atendra Kumar Singh "Ravi" on January 1, 2012 at 5:08pm

NAYE SAAL KI PAHLI RACHNA 

LAG RAHI HAI KITNA APNA

KYA UMDA KIYA AGAAZ SIR G

HO NAV VARSH ME NUTAN SAPNA

    HAPPY NEW YEAR.........................ATENDRA KUMAR SINGH'RAVI' 

Comment by Abhinav Arun on January 1, 2012 at 3:46pm
आपके मुबारक अलफ़ाज़ में हम भी शामिल हैं और आप सबको कहते हैं नव वर्ष मंगलमय-- लेखन मय-- गीग़ज़ल मय हो !!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"स्वागतम"
1 hour ago
Admin posted discussions
1 hour ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूसबिना कमीशन आजकल, कब होता है काम ।कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।।घास घूस…See More
Wednesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Feb 14
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Feb 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service